फीफा वर्ल्ड कप 2026: मेरिनो के एक्स्ट्रा-टाइम गोल से स्पेन ने पुर्तगाल को 1-0 से हराया, रोनाल्डो का विश्व कप सफर खत्म
सारांश
मुख्य बातें
डलास स्टेडियम, आर्लिंगटन में 7 जुलाई 2026 को खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में स्पेन ने पुर्तगाल को 1-0 से पराजित कर क्वार्टर-फाइनल में जगह बना ली। मिकेल मेरिनो का एक्स्ट्रा टाइम में दागा गया निर्णायक गोल स्पेन की इस ऐतिहासिक जीत का आधार बना। इस हार के साथ ही क्रिस्टियानो रोनाल्डो का संभवतः आखिरी विश्व कप अभियान भी समाप्त हो गया।
मुकाबले का घटनाक्रम
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक रवैया अपनाया। पहले ही तीसरे मिनट में मिकेल ओयारजाबल के शॉट पर पुर्तगाली गोलकीपर डियोगो कोस्टा ने शानदार बचाव किया। इसके जवाब में जोआओ कैंसेलो दाईं ओर से आगे बढ़े, लेकिन उनका शक्तिशाली प्रयास क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया।
पहले हाफ में रोनाल्डो ने एक जोरदार शॉट लगाया जिसे स्पेनिश गोलकीपर उनाई सिमोन पूरी तरह नहीं रोक पाए। डियोगो कोस्टा ने लामल और बाएना के शॉट्स पर भी दो महत्वपूर्ण बचाव किए। जोआओ फेलिक्स की सहायता से रोनाल्डो ने एक कलात्मक शॉट लगाया, लेकिन सिमोन ने उसे भी नाकाम कर दिया।
दूसरा हाफ और पुर्तगाल का दबाव
दूसरे हाफ में पेड्रो नेटो के दाईं ओर से किए गए हमलों की बदौलत पुर्तगाल अधिक खतरनाक दिखा। चोट के कारण नूनो मेंडेस की जगह नेल्सन सेमेडो को मैदान पर उतारा गया। लामिन यमल की फ्री-किक पर डियोगो कोस्टा ने एक और शानदार बचाव करते हुए गेंद को कॉर्नर के लिए बाहर भेजा।
अंतिम 15 मिनट में राफेल लियाओ के मैदान पर आने से पुर्तगाल के आक्रमण में नई जान आई। उनकी तेज चाल के बाद ब्रूनो फर्नांडीस को गोल का सुनहरा अवसर मिला, लेकिन उनका प्रयास साइड नेटिंग में जाकर लगा।
मेरिनो का निर्णायक गोल
एक्स्ट्रा टाइम समाप्त होने से कुछ क्षण पहले मिकेल मेरिनो ने खाली जगह का भरपूर फायदा उठाया, डियोगो कोस्टा को छकाया और विजयी गोल दाग दिया। एक्स्ट्रा टाइम के अंतिम पलों में बर्नार्डो सिल्वा के पास हेडर से बराबरी करने का मौका था, लेकिन उनका शॉट पोस्ट के बाहर चला गया। इस तरह स्पेन ने 1-0 से रोमांचक जीत दर्ज की।
रोनाल्डो का विश्व कप करियर समाप्त
मुकाबले से पहले क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने कहा था कि यह उनका आखिरी विश्व कप होगा। 41 वर्षीय रोनाल्डो ने अपने विश्व कप करियर में 27 मैच खेले और 11 गोल किए। गौरतलब है कि वह छह अलग-अलग विश्व कपों में गोल करने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी बने — एक ऐसा कीर्तिमान जो शायद दशकों तक अटूट रहे।
आगे क्या
कोच लुइस डे ला फुएंते की अगुआई में स्पेन अब अपना क्वार्टर-फाइनल मुकाबला लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेलेगा। यह जीत स्पेन के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने इबेरियन डर्बी में अपने पड़ोसी और पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी को बाहर किया है।