दिल्ली-एनसीआर में येलो अलर्ट: 7 जुलाई को हल्की-मध्यम बारिश, 40-50 km/h तेज हवाओं का अनुमान
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली-एनसीआर में 7 जुलाई 2026 को भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं।
मानसून की स्थिति
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है। आसमान में बादलों की लगातार आवाजाही हो रही है, लेकिन अधिकांश इलाकों में बादल बिना बरसे आगे बढ़ जा रहे हैं। कहीं-कहीं हल्की बारिश दर्ज की जा रही है, जबकि निवासियों को अभी भी मूसलाधार बारिश का इंतजार है।
आज का तापमान और उमस
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 7 जुलाई को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) 70 से 85 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है, जिसके चलते उमस और चिपचिपी गर्मी बनी रहेगी। बारिश की कमी के कारण दिन में धूप निकलते ही असहजता बढ़ जाती है।
सात दिवसीय मौसम पूर्वानुमान
IMD के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 8 जुलाई को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री रहने की संभावना है, इस दिन गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। 9 जुलाई को अधिकतम 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री रहेगा, साथ ही थंडरस्टॉर्म की संभावना है। 10 जुलाई को अधिकतम 34 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री के साथ गरज-चमक और बारिश का पूर्वानुमान है।
11 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं। इस दिन आमतौर पर बादल छाए रहेंगे, अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री रहने की संभावना है। 12 जुलाई को अधिकतम तापमान बढ़कर 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम 26 डिग्री रहने का अनुमान है।
आम जनता पर असर
मानसून की कमजोर सक्रियता के कारण दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। दिन में धूप निकलते ही चिपचिपी गर्मी परेशान करती है और हवा में नमी बढ़ने से असहजता और बढ़ जाती है। तेज हवाओं की संभावना के मद्देनजर नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
आगे क्या
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने तक राहत सीमित रहने की संभावना है।