दिल्ली-एनसीआर में मानसून की दस्तक से गर्मी से राहत, 4–9 जुलाई तक गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को 4 जुलाई 2025 से मानसून की सक्रियता के चलते भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से बड़ी राहत मिली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले कई दिनों तक अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की संभावना नहीं है। हालाँकि, लगातार तेज बारिश न होने के कारण वातावरण में उमस बनी हुई है, जिससे हल्की असुविधा हो सकती है।
मौसम पूर्वानुमान: दिन-दर-दिन
IMD के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार 4 जुलाई को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है और कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
5 जुलाई को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री रहने का पूर्वानुमान है। सुबह से दोपहर तक हल्की बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने की संभावना है। बाद में बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश हो सकती है।
आगे के दिनों में तापमान में और गिरावट का अनुमान है — 6 जुलाई को अधिकतम 32 डिग्री, न्यूनतम 27 डिग्री; 7 जुलाई को अधिकतम 31 डिग्री, न्यूनतम 26 डिग्री; 8 जुलाई को अधिकतम 31 डिग्री, न्यूनतम 25 डिग्री; और 9 जुलाई को अधिकतम 31 डिग्री, न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इन सभी दिनों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी।
वायु गुणवत्ता में सुधार
मौसम में बदलाव का असर वायु गुणवत्ता पर भी साफ दिखा है। दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश निगरानी केंद्रों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया है।
दिल्ली में प्रमुख स्थानों का AQI इस प्रकार रहा — अलीपुर 144, आनंद विहार 159, अशोक विहार 122, आया नगर 105, बवाना 173, बुराड़ी क्रॉसिंग 109, कैंटोनमेंट 98, चांदनी चौक 123 और कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स 106।
नोएडा में सेक्टर-125 का AQI 145, सेक्टर-62 का 97, सेक्टर-1 का 140 और सेक्टर-116 का 99 दर्ज किया गया। गाजियाबाद में वेद विहार-लोनी 149, गोविंदपुरम 62, इंदिरापुरम 127, लोनी 183, संजय नगर 124 और वसुंधरा 116 रहा। गौरतलब है कि लोनी का AQI सबसे अधिक रहा, जबकि गोविंदपुरम ने सबसे स्वच्छ हवा दर्ज की।
आम जनता पर असर
यह राहत ऐसे समय में आई है जब जून के अंत तक एनसीआर में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ था और लू के थपेड़ों ने जनजीवन प्रभावित किया था। मानसून की सक्रियता से न केवल तापमान में गिरावट आई है, बल्कि वायु प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी देखी गई है।
हालाँकि, उमस के कारण बाहर निकलने पर असुविधा हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तेज हवाओं और गरज-चमक वाले दिनों में यातायात और बिजली आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का नज़रिया
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही, रुक-रुक कर बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा। ऐसे में भीषण गर्मी के लौटने की संभावना फिलहाल कम है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और पूरे एनसीआर के निवासियों को कम से कम 9 जुलाई तक गर्मी से राहत मिलती रहेगी।