सोना ₹2,976 और चांदी ₹13,468 प्रति किलो सस्ती, IBJA के साप्ताहिक आँकड़े जारी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 11 जुलाई — वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच इस सप्ताह सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आँकड़ों के अनुसार, 24-कैरेट सोना ₹2,976 सस्ता होकर ₹1,43,368 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी ₹13,468 की गिरावट के साथ ₹2,20,390 प्रति किलो पर बंद हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने इस गिरावट को प्रमुख रूप से प्रेरित किया।
सोने की कीमतों का साप्ताहिक विवरण
IBJA के मुताबिक, 24-कैरेट सोना पिछले सप्ताह ₹1,46,344 प्रति 10 ग्राम पर था, जो अब घटकर ₹1,43,368 पर आ गया है। 22-कैरेट सोना ₹1,34,051 से गिरकर ₹1,31,325 प्रति 10 ग्राम हो गया, और 18-कैरेट सोना ₹1,09,758 से घटकर ₹1,07,526 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
इस सप्ताह सोने का उच्चतम भाव ₹1,45,583 प्रति 10 ग्राम था, जो 6 जुलाई को सुबह के सत्र में दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम भाव ₹1,42,350 प्रति 10 ग्राम 8 जुलाई को शाम के सत्र में देखा गया।
चांदी में भारी साप्ताहिक गिरावट
चांदी की कीमत में इस सप्ताह ₹13,468 की भारी गिरावट आई। यह ₹2,33,858 प्रति किलो से घटकर ₹2,20,390 प्रति किलो पर आ गई। सप्ताह का उच्चतम भाव ₹2,33,158 प्रति किलो 6 जुलाई को शाम के सत्र में और न्यूनतम भाव ₹2,20,390 प्रति किलो 10 जुलाई को शाम के सत्र में दर्ज हुआ।
गौरतलब है कि IBJA प्रतिदिन सुबह और शाम दो सत्रों में सोने और चांदी की आधिकारिक कीमतें जारी करता है, जो घरेलू बाज़ार के लिए बेंचमार्क मानी जाती हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी नरमी
वैश्विक बाज़ारों में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना लगभग $4,100 प्रति औंस और चांदी करीब $60 प्रति औंस के स्तर पर आ गई। यह गिरावट घरेलू बाज़ार में भी सीधे परिलक्षित हुई।
गिरावट की वजह: अमेरिका-ईरान तनाव
विशेषज्ञों के अनुसार, इस सप्ताह की गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच फिर से भड़के सैन्य तनाव को माना जा रहा है। कथित तौर पर अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले के बाद ईरान के कई शहरों को निशाना बनाया, जिसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। इस तनाव के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश से मुनाफावसूली की, जिससे सोने और चांदी में बिकवाली का दबाव बढ़ा।
आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका-ईरान तनाव किस रुख को अपनाता है — यदि स्थिति और बिगड़ती है तो सुरक्षित आश्रय के रूप में सोने की माँग फिर से बढ़ सकती है।