सोना ₹5,097 और चांदी ₹15,432 प्रति किलो सस्ती, वैश्विक अस्थिरता घटने से इस हफ्ते बड़ी गिरावट
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली: वैश्विक बाज़ारों में अनिश्चितता कम होने के बीच सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह तीखी गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आँकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोना ₹5,097 सस्ता होकर ₹1,39,873 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी ₹15,432 की गिरावट के साथ ₹2,16,541 प्रति किलो पर बंद हुई। बीते एक महीने में सोने में करीब 10 प्रतिशत और चांदी में करीब 25 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है।
साप्ताहिक मूल्य परिवर्तन: सोना
24 कैरेट सोने का भाव इस सप्ताह ₹1,44,970 से घटकर ₹1,39,873 प्रति 10 ग्राम हो गया — यानी ₹5,097 की सीधी गिरावट। 22 कैरेट सोना पहले के ₹1,32,793 से कम होकर ₹1,28,124 प्रति 10 ग्राम पर आया, जबकि 18 कैरेट सोने का दाम ₹1,08,728 से घटकर ₹1,04,905 प्रति 10 ग्राम रह गया।
सप्ताह का उच्चतम स्तर 22 जून को सुबह के सत्र में ₹1,47,310 प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि न्यूनतम स्तर 25 जून को शाम के सत्र में ₹1,39,461 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
चांदी में भी तेज़ गिरावट
चांदी का भाव इस सप्ताह ₹2,31,973 प्रति किलो से गिरकर ₹2,16,541 प्रति किलो पर आ गया — कुल ₹15,432 की गिरावट। सप्ताह का उच्चतम स्तर 22 जून को शाम के सत्र में ₹2,37,801 प्रति किलो था, और न्यूनतम स्तर 25 जून को सुबह के सत्र में ₹2,15,485 प्रति किलो रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार और गिरावट की वजह
वैश्विक स्तर पर भी दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बना। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोने का दाम $4,100 प्रति औंस और चांदी का दाम $60 प्रति औंस से नीचे आ गया है। बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिज़र्व (Fed) की ओर से महंगाई बढ़ने के चलते ब्याज दर में बढ़ोतरी के संकेत हैं। इससे ट्रेडर्स ने सोने और चांदी में मुनाफावसूली शुरू कर दी।
गौरतलब है कि डॉलर की मज़बूती ने भी दोनों धातुओं में बिकवाली को और तेज़ किया, क्योंकि मज़बूत डॉलर में कीमती धातुएँ आमतौर पर महँगी हो जाती हैं और वैश्विक माँग कमज़ोर पड़ती है।
IBJA की मूल्य-निर्धारण प्रक्रिया
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) प्रतिदिन दो बार — सुबह और शाम के सत्र में — सोने और चांदी की मानक कीमतें जारी करता है, जो देशभर के ज्वेलर्स और बुलियन व्यापारियों के लिए संदर्भ मूल्य का काम करती हैं।
आगे क्या उम्मीद करें
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार तनाव में कुछ कमी देखी जा रही है और निवेशक जोखिम वाली संपत्तियों की ओर लौट रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि Fed की मौद्रिक नीति और डॉलर इंडेक्स की चाल आने वाले हफ्तों में सोने-चांदी की दिशा तय करेगी। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर नज़र बनाए रखें।