सोना ₹1,216 और चांदी ₹3,494 सस्ती, IBJA के आंकड़ों के अनुसार साप्ताहिक गिरावट
सारांश
Key Takeaways
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, 2 मई 2025 को समाप्त सप्ताह में सोने की कीमत ₹1,216 प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत ₹3,494 प्रति किलो घट गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की सख्त टिप्पणी और वैश्विक अस्थिरता इस गिरावट की प्रमुख वजह रही।
सोने की मौजूदा कीमतें
24 कैरेट सोना इस सप्ताह ₹1,51,479 से घटकर ₹1,50,263 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,38,755 से कम होकर ₹1,37,641 प्रति 10 ग्राम हो गई, जबकि 18 कैरेट सोने का भाव ₹1,13,609 से घटकर ₹1,12,697 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
IBJA के आंकड़ों के अनुसार, इस सप्ताह सोने का न्यूनतम भाव 29 अप्रैल को ₹1,47,973 प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि उच्चतम भाव 27 अप्रैल को ₹1,51,186 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट
चांदी का भाव इस सप्ताह ₹3,494 की गिरावट के साथ ₹2,43,828 प्रति किलो से घटकर ₹2,40,331 प्रति किलो पर आ गया। सप्ताह के दौरान चांदी का न्यूनतम दाम 29 अप्रैल को ₹2,36,300 प्रति किलो और उच्चतम दाम 27 अप्रैल को ₹2,43,720 प्रति किलो रहा। गौरतलब है कि चांदी में गिरावट का प्रतिशत सोने की तुलना में अधिक रहा, जो औद्योगिक धातु माँग में कमी का संकेत दे सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार का हाल
वैश्विक अस्थिरता के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का दाम घटकर $4,585 प्रति औंस और चांदी का दाम $74 प्रति औंस के करीब आ गया है। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी फेडरल रिज़र्व ने महंगाई बढ़ने के संकेत देते हुए सख्त रुख अपनाया है, जिससे इस साल ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी में इस गिरावट के दो प्रमुख कारण हैं। पहला, फेडरल रिज़र्व की ओर से महंगाई में बढ़ोतरी के संकेत और सख्त मौद्रिक टिप्पणी, जिसने बाज़ार में ब्याज दर कटौती की उम्मीदों को कमज़ोर किया। दूसरा, कच्चे तेल की कीमतों के ऊँचे स्तर पर बने रहने से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है।
यह ध्यान देने योग्य है कि ऊँची ब्याज दरें आमतौर पर सोने के लिए नकारात्मक होती हैं, क्योंकि इससे डॉलर मज़बूत होता है और गैर-ब्याज वाली परिसंपत्तियों की माँग घटती है। आने वाले हफ्तों में फेड की नीति और वैश्विक व्यापार तनाव सोने-चांदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।