अदा शर्मा का वर्क-लाइफ बैलेंस फॉर्मूला: जेंगा टावर से सीख, परफेक्शन नहीं छोटी जीत

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अदा शर्मा का वर्क-लाइफ बैलेंस फॉर्मूला: जेंगा टावर से सीख, परफेक्शन नहीं छोटी जीत

सारांश

अदा शर्मा ने वर्क-लाइफ बैलेंस को जेंगा के खेल से तुलना की — एक गलत कदम और सब कुछ बिगड़ जाता है। परफेक्शन की जगह छोटी जीतों में विश्वास रखते हुए, वह एक व्यावहारिक और मानवीय दृष्टिकोण साझा करती हैं जो आधुनिक कल्याण की बातचीत को नए सिरे से परिभाषित करता है।

Key Takeaways

अदा शर्मा ने वर्क-लाइफ बैलेंस को जेंगा टावर के समान बताया, जहाँ एक गलत कदम सब कुछ ध्वस्त कर देता है। परफेक्ट संतुलन की जगह अदा छोटी-छोटी जीतों में विश्वास करती हैं। उनके लिए सफल दिन का मतलब: समय पर काम पूरा करना, हँसना, खाना खाना, और फोन का ठिकाना जानना। अदा ने कहा कि कई बार पाँच घंटे की नींद को भी वह सेहतमंद मान लेती हैं। आने वाली फिल्म 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर' में मनोज बाजपेयी के साथ नजर आएँगी, जो 12 जून को रिलीज होगी।

मुंबई, 2 मई (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड एक्ट्रेस अदा शर्मा ने वर्क-लाइफ बैलेंस की जटिलताओं पर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि काम और निजी जीवन के बीच परफेक्ट संतुलन बनाना न केवल मुश्किल है, बल्कि असंभव भी हो सकता है। उन्होंने इस चुनौती की तुलना जेंगा के खेल से की, जहाँ एक गलत कदम पूरी संरचना को ध्वस्त कर देता है।

जेंगा जैसा शेड्यूल, डगमगाते संतुलन

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में अदा शर्मा ने अपनी दैनंदिन चुनौतियों का खुलासा किया। उन्होंने कहा, "जब भी मैं अपना शेड्यूल बैलेंस करने की कोशिश करती हूँ, तो वो जेंगा टावर जैसा लगने लगता है। बस एक और शूट जुड़ता है और सब कुछ डगमगा जाता है।" यह सादृश्य उस सूक्ष्म तनाव को रेखांकित करता है जो फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले कलाकारों के जीवन में विद्यमान रहता है।

परफेक्शन से परे, छोटी जीतों का जश्न

अदा का दृष्टिकोण परंपरागत 'वर्क-लाइफ बैलेंस' की परिभाषा को चुनौती देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परफेक्ट संतुलन के पीछे भागने की बजाय, वह दिन को हल्के-फुल्के अंदाज में जीने पर ध्यान देती हैं। "मैंने समझ लिया है कि मैं परफेक्ट बैलेंस में अच्छी नहीं हूँ, लेकिन इतना जरूर कर लेती हूँ कि पूरी तरह टूट न जाऊँ," उन्होंने कहा।

गौरतलब है कि अदा के लिए एक सफल दिन की परिभाषा सरल है: समय पर शूट पूरा करना, हँसना, समय पर खाना खाना, और अपने फोन का ठिकाना जानना। "छोटी-छोटी जीत ही असली वेलनेस हैं," उन्होंने कहा। यह दृष्टिकोण आधुनिक कल्याण की बातचीत में एक ताज़ा और व्यावहारिक दृष्टिकोण लाता है।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कई बार वह पाँच घंटे की नींद को भी सेहतमंद मान लेती हैं और दिन को आराम से निकाल लेती हैं। यह कबूली इस बात को दर्शाती है कि इंडस्ट्री के दबाव में रहते हुए भी वह खुद को पूरी तरह खोने से बचाती हैं।

हाल की फिल्मी परियोजनाएँ

33 वर्षीय अभिनेत्री अदा शर्मा को हाल ही में फिल्म 'तुमको मेरी कसम' में देखा गया था, जिसका निर्देशन विक्रम भट्ट ने किया। यह फिल्म डॉ. अजय मुर्डिया के जीवन से प्रेरित बताई जाती है, जो इंदिरा आईवीएफ के संस्थापक हैं। इस फिल्म में अनुपम खेर, इश्वाक सिंह और ईशा देओल जैसे दिग्गज कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आए।

आने वाली परियोजनाएँ

अदा जल्द ही फिल्म 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर' में नजर आएँगी, जिसमें उनके साथ मनोज बाजपेयी भी होंगे। यह फिल्म 1991 के आर्थिक संकट के दौरान RBI गवर्नर रहे एस. वेंकटरमणन के समय से प्रेरित बताई जा रही है, हालांकि निर्माताओं ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिल्म को सनशाइन पिक्चर्स ने प्रेजेंट किया है, चिन्मय मंडलेकर ने निर्देशन किया है, और विपुल अमृतलाल शाह ने प्रोड्यूस किया है। यह 12 जून को रिलीज होने की उम्मीद है।

Point of View

अदा यह कहती हैं कि असली जीत छोटी है — खुद को पूरी तरह टूटने से बचाना ही काफी है। यह ईमानदारी विशेषकर महत्वपूर्ण है क्योंकि फिल्म इंडस्ट्री में काम के घंटे और दबाव असाधारण होते हैं। लेकिन यह दृष्टिकोण एक खतरे को भी रेखांकित करता है: जब 'सेहतमंद' की परिभाषा पाँच घंटे की नींद तक सिमट जाए, तो क्या हम सिस्टम की समस्या को व्यक्तिगत लचीलेपन से छुपा रहे हैं? अदा की ईमानदारी सराहनीय है, लेकिन सवाल यह भी है कि इंडस्ट्री को खुद को बदलना चाहिए, न कि कलाकारों को अपनी अपेक्षाओं को कम करना चाहिए।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

अदा शर्मा के अनुसार वर्क-लाइफ बैलेंस क्या है?
अदा शर्मा के लिए परफेक्ट बैलेंस संभव नहीं है। उन्होंने इसे जेंगा के खेल से तुलना की, जहाँ एक छोटी सी लापरवाही सब कुछ बिगाड़ सकती है। उनके अनुसार, असली सफलता छोटी-छोटी जीतों में है — समय पर काम पूरा करना, हँसना, खाना खाना, और खुद को पूरी तरह टूटने से बचाना।
अदा शर्मा ने अपने लिए सफल दिन की क्या परिभाषा दी?
अदा के लिए एक सफल दिन वह है जिसमें वह समय पर शूट पूरा कर लें, हँस लें, समय पर खाना खा लें, और अपने फोन का ठिकाना याद रहे। उनके अनुसार, ये छोटी-छोटी जीतें ही असली वेलनेस हैं।
अदा शर्मा की आने वाली फिल्मों में क्या हैं?
अदा शर्मा की आने वाली फिल्म 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर' है, जिसमें मनोज बाजपेयी भी हैं। यह फिल्म 1991 के आर्थिक संकट के दौरान RBI गवर्नर एस. वेंकटरमणन के समय से प्रेरित है और 12 जून को रिलीज होने की उम्मीद है।
अदा शर्मा ने नींद के बारे में क्या कहा?
अदा ने स्वीकार किया कि कई बार वह पाँच घंटे की नींद को भी सेहतमंद मान लेती हैं और दिन को आराम से निकाल लेती हैं। यह दर्शाता है कि वह इंडस्ट्री के दबाव में भी खुद को पूरी तरह खोने से बचाती हैं।
'तुमको मेरी कसम' फिल्म किसके जीवन से प्रेरित है?
'तुमको मेरी कसम' फिल्म डॉ. अजय मुर्डिया के जीवन से प्रेरित है, जो इंदिरा आईवीएफ के संस्थापक हैं। इस फिल्म का निर्देशन विक्रम भट्ट ने किया है और इसमें अनुपम खेर, इश्वाक सिंह और ईशा देओल जैसे कलाकार भी हैं।
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