एक्टर मुकेश ऋषि ने बताया- कांति शाह 'गुंडा' शैली के असली पारंगत थे, 2015 से सिनेमा से दूर

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एक्टर मुकेश ऋषि ने बताया- कांति शाह 'गुंडा' शैली के असली पारंगत थे, 2015 से सिनेमा से दूर

सारांश

मुकेश ऋषि ने कांति शाह को सिनेमा के एक 'महारथी' के रूप में याद किया, जिन्होंने 'गुंडा' जैसी फिल्मों के माध्यम से एक विशिष्ट दर्शक वर्ग के लिए अपनी पहचान बनाई। शाह 2015 से सिनेमा से दूर हैं, लेकिन उनकी विरासत आज भी 'बुल्ला' के डायलॉग्स और मीम्स के माध्यम से जीवंत है।

Key Takeaways

मुकेश ऋषि ने कांति शाह को 'गुंडा' शैली का 'महारथी' बताया। कांति शाह ने 1990s-2000s में एक विशिष्ट दर्शक वर्ग के लिए फिल्मों का निर्माण किया। 'बुल्ला' का किरदार आज भी सोशल मीडिया पर डायलॉग्स और मीम्स के कारण लोकप्रिय है। कांति शाह 2015 से बड़े पर्दे से दूर हैं, लेकिन हाल ही में 'गुंडा' को लेकर कुछ नया करने की सोच रहे हैं। मुकेश ऋषि ने कहा कि वे शाह के वर्तमान प्रोजेक्ट्स के बारे में विस्तार से नहीं जानते।

मुंबई, 2 मई को अभिनेता मुकेश ऋषि ने राष्ट्र प्रेस के साथ एक विस्तृत साक्षात्कार में निर्देशक कांति शाह की रचनात्मक दृष्टि और उनके सिनेमाई योगदान की गहराई से चर्चा की। 'गुंडा' फिल्म में 'बुल्ला' के रूप में उनके प्रतिष्ठित किरदार के डायलॉग्स और मीम्स आज भी सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। इस साक्षात्कार में ऋषि ने शाह की फिल्म निर्माण की विशिष्ट शैली और उस दौर की सिनेमाई विरासत के बारे में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि साझा की।

कांति शाह की सिनेमाई रणनीति

मुकेश ऋषि ने समझाया कि कांति शाह ने दर्शकों के एक विशिष्ट वर्ग को लक्षित करके अपनी फिल्मों का निर्माण किया। ऋषि के अनुसार,

Point of View

लेकिन 90s-2000s की हिंदी फिल्मों के इतिहास में उनका योगदान अविस्मरणीय है। मुकेश ऋषि का साक्षात्कार इस बात को रेखांकित करता है कि कैसे शाह ने एक विशिष्ट दर्शक वर्ग की रुचि को समझा और उसके अनुसार अपनी फिल्मों को तैयार किया। 'गुंडा' की विरासत केवल एक फिल्म नहीं है — यह एक पूरे सिनेमाई युग का प्रतिनिधित्व करती है जब सिनेमा अभी भी बहुवचनीय दर्शकों को संबोधित करता था। आज, जब स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स ने दर्शकों को विभाजित किया है, शाह की रणनीति एक खोई हुई कला लगती है।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

मुकेश ऋषि ने कांति शाह के बारे में क्या कहा?
मुकेश ऋषि ने कहा कि कांति शाह जिस शैली की फिल्में बनाते थे, उसमें उन्हें महारत हासिल थी। उन्होंने समझाया कि शाह ने एक विशिष्ट दर्शक वर्ग के लिए फिल्मों का निर्माण किया और अपनी अलग जगह बनाई।
कांति शाह अब क्या कर रहे हैं?
कांति शाह 2015 से बड़े पर्दे से दूर हैं। हालांकि, मुकेश ऋषि के अनुसार, कुछ महीने पहले शाह 'गुंडा' को लेकर कुछ नया करने की सोच रहे थे।
'बुल्ला' का किरदार आज भी क्यों लोकप्रिय है?
'बुल्ला' का किरदार आज भी अपने प्रसिद्ध डायलॉग्स और इंटरनेट मीम्स की वजह से सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में रहता है। मुकेश ऋषि को खुशी है कि आज के बच्चे और युवा भी इस किरदार को पसंद करते हैं।
मुकेश ऋषि कांति शाह के साथ अभी भी संपर्क में हैं?
मुकेश ऋषि ने स्पष्ट किया कि वे शाह के साथ नियमित रूप से मिलते-जुलते नहीं हैं। उन्होंने कहा कि शाह के वर्तमान प्रोजेक्ट्स के बारे में उन्हें विस्तार से नहीं पता है।
1990s-2000s में कांति शाह की फिल्मों की रणनीति क्या थी?
कांति शाह ने उस दौर के सिनेमा को दो वर्गों में बांटा — बालकनी के दर्शक और लोअर क्लास की सीटों पर बैठने वाले। उन्होंने विशेष रूप से निचले वर्ग के दर्शकों के लिए फिल्मों का निर्माण किया और इसमें महारत हासिल की।
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