अभिनेता सुनील लहरी की गर्मी से बचाव और पर्यावरण संरक्षण की अपील
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 2 मई 2026 को अभिनेता सुनील लहरी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें देश के कई हिस्सों में तीव्र गर्मी के बीच पर्यावरण संरक्षण और व्यक्तिगत स्वास्थ्य सुरक्षा का संदेश दिया। अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में पसीने से तरबतर दिखते हुए लहरी ने कहा कि भारत के कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर चला गया है और वे स्वयं गर्मी के प्रभाव का सामना कर रहे हैं।
सुनील लहरी का संदेश
लहरी ने अपने वीडियो में कहा, "इस समय पूरा देश गर्मी की मार झेल रहा है। तापमान सामान्य से काफी ऊपर जा चुका है। मैं बिना सॉना रूम के ही सॉना बाथ ले रहा हूँ। आज हर भारतीय कमोबेश इसी स्थिति का सामना कर रहा है।" सामान्यतः सॉना रूम को 70-90 डिग्री सेल्सियस तक गर्म किया जाता है, किंतु प्राकृतिक गर्मी का यह स्तर जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है।
पेड़ों की कमी को मुख्य कारण
लहरी ने बढ़ती गर्मी के पीछे वनस्पति की कमी को मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा कि समय पर पौधरोपण न होने से वर्तमान परिस्थितियाँ उत्पन्न हुई हैं। अभिनेता ने आशा व्यक्त करते हुए कहा, "अभी भी देर नहीं हुई है। 'देर आए दुरुस्त आए' वाली कहावत तभी सच होगी जब हम आने वाले मानसून में ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाएंगे।" गौरतलब है कि वनों की कटाई और शहरीकरण के कारण भारत के कई क्षेत्रों में हरियाली में गिरावट दर्ज की गई है।
व्यक्तिगत स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर
लहरी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि दोपहर के समय घर से निकलना टालना चाहिए और शरीर में जल की पर्याप्त मात्रा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा, "लापरवाही न बरतें, क्योंकि छोटी सी गलती बीमारी का कारण बन सकती है। जैसे कहावत है, 'नजर हटी दुर्घटना घटी,' वैसे ही अगर हम थोड़ी सी असावधानी बरतेंगे तो बीमार पड़ सकते हैं।" उनके अनुसार हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य गर्मी-संबंधित बीमारियों से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी है।
सामूहिक जिम्मेदारी की बात
अपने पोस्ट के कैप्शन में लहरी ने लिखा, "दोस्तों आज जो हाल है देश का उसके जिम्मेदार हम खुद हैं। समय रहते अगर हमने सबक नहीं सिखाया तो आने वाला समय हमारे लिए बहुत मुसीबत ला सकता है।" यह संदेश पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और दीर्घकालीन नीति निर्माण की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
सुनील लहरी का परिचय
सुनील लहरी भारतीय टेलीविजन उद्योग के प्रतिष्ठित अभिनेता हैं। वे मुख्यतः रामानंद सागर के ऐतिहासिक धारावाहिक 'रामायण' (1987) में लक्ष्मण की प्रतिष्ठित भूमिका निभाने के लिए जाने जाते हैं। इसके अलावा उन्होंने 'विक्रम और बेताल' और 'दादा-दादी की कहानियाँ' जैसी लोकप्रिय श्रृंखलाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं।