यरकाड में तेज रफ्तार कार ने बिजली के खंभे को तोड़ा, 500 से अधिक घरों की बिजली गुल
सारांश
Key Takeaways
तमिलनाडु के यरकाड में शनिवार, 3 मई 2025 की सुबह एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर बाजार रोड पर लगे लोहे के बिजली के खंभे से टकरा गई, जिससे 500 से अधिक घरों और दुकानों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। पुलिस और बिजली विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गईं। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।
हादसे का घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 6:15 बजे दुराईसामी, जो वासमपडी गांव का निवासी है, एक निजी लॉज के कर्मचारियों को 5 रोड्स इलाके से बस स्टैंड की ओर ले जा रहा था। यह उसका रोज़ाना का काम बताया जा रहा है। यह कार सुंदरम नाम के व्यक्ति की थी, जो यरकाड के 5 रोड्स इलाके के रहने वाले हैं।
जैसे ही वाहन केजेएस ज्वेलरी शॉप के पास पहुँचा, कथित तौर पर तेज रफ्तार के कारण चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया। कार सीधे सड़क किनारे लगे लोहे के बिजली के खंभे से टकराई, खंभे को तोड़ते हुए कुछ दूरी तक घसीटती रही और फिर जाकर रुकी। यह पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
घायल और प्रभावित
इस हादसे में ईश्वरन, जो थलैचोलाई गांव का रहने वाला है, भी घायल हो गया। वह सड़क किनारे खड़ी बाइक पर बैठा था और कार की चपेट में आ गया। अधिकारियों के अनुसार, ईश्वरन और चालक दुराईसामी दोनों को मामूली चोटें आईं और दोनों की स्थिति गंभीर नहीं है।
बिजली आपूर्ति पर असर
टूटे हुए खंभे के कारण 109 घरों की बिजली सीधे बंद हो गई। आसपास के बाजार क्षेत्र, बस स्टैंड और अन्य इलाकों सहित 500 से अधिक घरों और दुकानों में भी बिजली कटौती हो गई, जिससे स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को सुबह के व्यस्त समय में भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। यातायात भी कुछ समय के लिए बाधित रहा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया। बिजली विभाग की टीम भी तुरंत घटनास्थल पर पहुँची और टूटे हुए खंभे को हटाने तथा नया खंभा लगाने का काम शुरू कर दिया गया, ताकि जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके।
आगे क्या
पुलिस मामले की जाँच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के रूप में संरक्षित किया गया है। बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित इलाकों में जल्द ही आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है। यह घटना पहाड़ी इलाकों में तेज रफ्तार वाहन चलाने के खतरों की ओर एक बार फिर ध्यान दिलाती है।