सोने की कीमत लगातार दूसरे दिन गिरी, 24 कैरेट ₹1,44,970; चांदी ₹8,218 सस्ती
सारांश
मुख्य बातें
सोने की कीमत में शुक्रवार, 19 जून को लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई, जिससे 24 कैरेट सोना घटकर ₹1,44,970 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी की कीमत में भी ₹8,218 की बड़ी गिरावट आई और यह ₹2,31,973 प्रति किलो पर कारोबार कर रही है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और डॉलर की मजबूती को इस गिरावट की मुख्य वजह माना जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम: सोने-चांदी के ताज़ा भाव
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आँकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का दाम ₹3,123 की कमी के साथ ₹1,44,970 प्रति 10 ग्राम हो गया, जो इससे पहले ₹1,48,093 प्रति 10 ग्राम था।
22 कैरेट सोना ₹1,35,653 से घटकर ₹1,32,793 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं 18 कैरेट सोने की कीमत ₹1,11,070 से कम होकर ₹1,08,728 प्रति 10 ग्राम रह गई।
चांदी का दाम ₹8,218 गिरकर ₹2,31,973 प्रति किलो पर आ गया, जो पहले ₹2,40,191 प्रति किलो था।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी दबाव
वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। कॉमेक्स पर सोना 1.68 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ $4,174.47 प्रति औंस पर था, जबकि चांदी 2.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ $64.91 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
गौरतलब है कि फेड की नीति घोषणा के बाद पिछले कुछ सत्रों में कॉमेक्स गोल्ड $4,375 प्रति औंस से गिरकर $4,150 प्रति औंस के आसपास आ चुका है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
एलकेपी सिक्योरिटीज के विश्लेषक जतिन त्रिवेदी के अनुसार, फेडरल रिजर्व की ओर से 2026 में ब्याज दरें एक बार बढ़ाने के संकेत के बाद सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिकी डॉलर मज़बूत हुआ और सोने जैसी बिना रिटर्न वाली संपत्तियों का आकर्षण घट गया।
त्रिवेदी ने यह भी बताया कि फेड के सख्त रुख के कारण बुलियन बाज़ारों में बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। MCX गोल्ड का दाम भी लगभग ₹1,54,000 से घटकर ₹1,47,200 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है।
आम जनता पर असर
लगातार दो दिनों की गिरावट से आभूषण खरीदारों को राहत मिल सकती है, विशेषकर उन परिवारों को जो शादी-ब्याह के सीज़न में सोने की खरीदारी की योजना बना रहे हैं। हालाँकि निवेशकों के लिए यह सतर्कता का संकेत है, क्योंकि डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों का असर बाज़ार की धारणा पर बना हुआ है।
क्या होगा आगे
विश्लेषकों के अनुसार, डॉलर के मज़बूत बने रहने और फेड की ब्याज दर नीति पर बाज़ार की नज़र टिकी रहेगी। जब तक फेड का रुख नरम नहीं पड़ता, सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बने रहने की संभावना है।