सोने-चांदी में तेज उछाल: 24 कैरेट सोना ₹1,42,254 और चांदी ₹2,19,575 प्रति किलो पर पहुँची
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में 20 जुलाई 2026 (सोमवार) को लगातार तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार वापसी दर्ज की गई, जिसमें चांदी के दाम ₹4,101 रुपए प्रति किलो तक उछले। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आँकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोना अब ₹1,42,254 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है — जो जून में अमेरिकी महंगाई के अनुमान से कम आंकड़ों के बाद कीमती धातुओं में आई रिकवरी का संकेत है।
मुख्य मूल्य बदलाव
IBJA के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम ₹1,095 की बढ़त के साथ ₹1,41,159 से बढ़कर ₹1,42,254 प्रति 10 ग्राम हो गया। 22 कैरेट सोना ₹1,29,302 से उठकर ₹1,30,305 प्रति 10 ग्राम पर पहुँचा, जबकि 18 कैरेट सोने की कीमत ₹1,05,869 से बढ़कर ₹1,06,691 प्रति 10 ग्राम हो गई।
सोने की तुलना में चांदी में कहीं अधिक उछाल देखा गया। चांदी का भाव ₹4,101 की छलांग के साथ ₹2,15,474 से बढ़कर ₹2,19,575 प्रति किलो पर पहुँच गया — यह आज के कारोबार में सबसे बड़ी एकल-दिवसीय बढ़त रही।
घरेलू वायदा बाज़ार का हाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शाम 6 बजे IST तक सोने का 5 अगस्त 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 0.56% की मजबूती के साथ ₹1,41,690 प्रति 10 ग्राम पर था। चांदी का 4 सितंबर 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 0.59% की बढ़त के साथ ₹2,19,339 प्रति किलो पर कारोबार कर रहा था। दोनों धातुओं में वायदा बाज़ार का रुझान हाजिर बाज़ार की तेजी को पुष्ट करता है।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में मिलाजुला कारोबार
वैश्विक स्तर पर तस्वीर मिलीजुली रही। खबर लिखे जाने तक COMEX पर सोना 0.06% की मामूली गिरावट के साथ $4,016 प्रति औंस पर था, जबकि चांदी 1.51% की मजबूती के साथ $57 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। यह विभाजन दर्शाता है कि वैश्विक निवेशकों में चांदी के प्रति औद्योगिक माँग की उम्मीद अधिक है।
विशेषज्ञों की राय और आगे की राह
बाज़ार जानकारों के अनुसार, जून 2026 में अमेरिका में महंगाई के आँकड़े अनुमान से कम आने से कीमती धातुओं में रिकवरी को बल मिला है। हालाँकि, विशेषज्ञों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है — कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें आने वाले महीनों में महंगाई को फिर से तेज कर सकती हैं। ऐसे परिदृश्य में अमेरिकी फेडरल रिज़र्व संभवतः सितंबर या दिसंबर 2026 की बैठक में ब्याज दरें फिर से बढ़ाने पर विचार कर सकता है, जिसका असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब घरेलू माँग और त्योहारी सीजन की तैयारी भी बाज़ार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही है।