सोना ₹5,373 टूटकर ₹1,47,146 प्रति 10 ग्राम पर; चांदी भी ₹12,655 गिरी — मुनाफावसूली का असर
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में बुधवार, 10 जून 2026 को सोने की कीमतों में तीव्र गिरावट दर्ज की गई, जब इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने का भाव ₹5,373 लुढ़ककर ₹1,47,146 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इससे पहले यह ₹1,52,519 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। विश्लेषकों के अनुसार अमेरिकी महंगाई के आंकड़े आने से पहले ट्रेडर्स की मुनाफावसूली इस गिरावट की मुख्य वजह रही।
कैरेट-वार सोने के भाव
IBJA के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 22 कैरेट सोना ₹1,39,707 से घटकर ₹1,34,786 प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया। 18 कैरेट सोने का दाम भी ₹1,14,389 से गिरकर ₹1,10,360 प्रति 10 ग्राम हो गया। यह गिरावट सभी श्रेणियों में एक समान रही, जो बाज़ार में व्यापक बिकवाली का संकेत देती है।
चांदी में भी बड़ी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी भारी कमज़ोरी आई। IBJA के अनुसार चांदी का भाव ₹12,655 गिरकर ₹2,33,283 प्रति किलो रह गया, जो इससे पहले ₹2,45,938 प्रति किलो था। यह एकल दिवसीय गिरावट चांदी बाज़ार के लिए भी उल्लेखनीय है।
MCX और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार का हाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी दबाव बना रहा। खबर लिखे जाने तक सोने का 5 अगस्त 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 2.45% की कमज़ोरी के साथ ₹1,48,702 पर और चांदी का 3 जुलाई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 2.06% की गिरावट के साथ ₹2,33,621 पर था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर COMEX पर सोना 2.67% टूटकर $4,171 प्रति औंस और चांदी 2.51% गिरकर $63.618 प्रति औंस पर थी।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
LKP Securities के विश्लेषक जतिन त्रिवेदी ने बताया कि अमेरिका में महंगाई के आंकड़े जारी होने से पहले ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली की, जिससे MCX पर सोना ₹1,50,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर से नीचे आ गया। त्रिवेदी के अनुसार सोने के लिए ₹1,45,000 के आसपास सपोर्ट है, जबकि ₹1,40,000 एक मज़बूत डिमांड ज़ोन है। तेज़ी की स्थिति में ₹1,55,000 पर मज़बूत प्रतिरोध देखा जा सकता है।
क्या यह खरीदारी का अवसर है
गौरतलब है कि सोने की कीमतें हाल के महीनों में ऐतिहासिक ऊँचाइयों पर पहुँची थीं। यह गिरावट उन निवेशकों के लिए प्रवेश का अवसर बन सकती है जो लंबी अवधि के लिए पोर्टफोलियो में सोना जोड़ना चाहते हैं। हालाँकि विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद बाज़ार की दिशा और स्पष्ट होगी।