3 अगस्त 2026
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सोना लगातार दूसरे दिन सस्ता, 24 कैरेट ₹1,48,093 पर; चांदी ₹7,497 टूटकर ₹2,40,191 प्रति किलो

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सोना लगातार दूसरे दिन सस्ता, 24 कैरेट ₹1,48,093 पर; चांदी ₹7,497 टूटकर ₹2,40,191 प्रति किलो

सारांश

फेडरल रिज़र्व के ब्याज दर बढ़ाने के संकेतों ने वैश्विक बुलियन बाज़ार को हिला दिया। 18 जून को 24 कैरेट सोना ₹2,055 सस्ता होकर ₹1,48,093 और चांदी ₹7,497 गिरकर ₹2,40,191 प्रति किलो पर आई — लगातार दूसरे दिन की गिरावट।

मुख्य बातें

24 कैरेट सोना 18 जून 2026 को ₹2,055 सस्ता होकर ₹1,48,093 प्रति 10 ग्राम पर आया।
22 कैरेट सोना ₹1,35,653 और 18 कैरेट ₹1,11,070 प्रति 10 ग्राम पर रहा।
चांदी ₹7,497 की गिरावट के साथ ₹2,40,191 प्रति किलो पर बंद हुई।
वायदा बाज़ार में सोने का कॉन्ट्रैक्ट 2.62% और चांदी का कॉन्ट्रैक्ट 5.22% कमज़ोर रहा।
COMEX पर सोना $4,260 ( -2.75% ) और चांदी $66 प्रति औंस ( -5.99% ) पर था।
फेड चेयरमैन केविन वॉर्श के ब्याज दर बढ़ाने के संकेत और मज़बूत डॉलर गिरावट की मुख्य वजह।

सोने और चांदी की कीमतों में 18 जून 2026 को लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आँकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोना ₹2,055 सस्ता होकर ₹1,48,093 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी ₹7,497 की गिरावट के साथ ₹2,40,191 प्रति किलो पर बंद हुई। अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की नीतिगत घोषणा के बाद वैश्विक बुलियन बाज़ार में आई तेज़ बिकवाली को इस गिरावट की मुख्य वजह माना जा रहा है।

सोने के विभिन्न कैरेट के भाव

IBJA के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का भाव पिछले ₹1,50,148 से घटकर ₹1,48,093 प्रति 10 ग्राम हो गया। 22 कैरेट सोना ₹1,37,536 से कम होकर ₹1,35,653 प्रति 10 ग्राम पर आया। 18 कैरेट सोने का दाम ₹1,12,611 से घटकर ₹1,11,070 प्रति 10 ग्राम रह गया।

वायदा बाज़ार में भी दबाव

हाजिर बाज़ार के साथ-साथ वायदा बाज़ार में भी बिकवाली का दबाव रहा। 5 अगस्त 2026 के सोने के कॉन्ट्रैक्ट में 2.62 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ भाव ₹1,49,845 पर था। 3 जुलाई 2026 का चांदी कॉन्ट्रैक्ट 5.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹2,38,654 पर कारोबार कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार का रुख

वैश्विक स्तर पर भी धातुओं में दबाव स्पष्ट था। खबर लिखे जाने तक COMEX पर सोना 2.75 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ $4,260 प्रति औंस और चांदी 5.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ $66 प्रति औंस पर थी। यह गिरावट वैश्विक निवेशकों की बदलती धारणा को दर्शाती है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

एसकेपी सिक्योरिटीज के विश्लेषक जतिन त्रिवेदी ने कहा कि फेडरल रिज़र्व की नीतिगत घोषणा के बाद बुलियन में भारी गिरावट देखी गई। उन्होंने बताया कि नए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की टिप्पणियों से संकेत मिला कि यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मज़बूत बनी रही, तो 2026 में ब्याज दरों में एक बार बढ़ोतरी हो सकती है। त्रिवेदी ने आगे कहा कि हाल की भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद, फेड के आकलन में स्थिर आर्थिक विकास और मज़बूत लेबर मार्केट की बात कही गई, जिससे डॉलर मज़बूत हुआ और बुलियन की कीमतों पर दबाव बढ़ा।

आगे क्या

गौरतलब है कि सोने की कीमतें इस साल ऊँचे स्तरों से लौटी हैं, और फेड की आक्रामक नीति के संकेत निकट भविष्य में और दबाव बना सकते हैं। बाज़ार विशेषज्ञों की नज़र अब अमेरिकी आर्थिक आँकड़ों और फेड के अगले संकेतों पर टिकी है, जो घरेलू बुलियन बाज़ार की दिशा तय करेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18 जून 2026 को सोने का भाव कितना रहा?
IBJA के अनुसार, 18 जून 2026 को 24 कैरेट सोना ₹2,055 सस्ता होकर ₹1,48,093 प्रति 10 ग्राम पर आया। 22 कैरेट सोना ₹1,35,653 और 18 कैरेट ₹1,11,070 प्रति 10 ग्राम रहा।
चांदी की कीमत में आज कितनी गिरावट आई?
18 जून 2026 को चांदी का भाव ₹7,497 गिरकर ₹2,40,191 प्रति किलो हो गया, जो पहले ₹2,47,688 प्रति किलो था। वायदा बाज़ार में चांदी का 3 जुलाई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 5.22% कमज़ोर रहा।
सोने-चांदी में गिरावट की वजह क्या है?
एसकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी के अनुसार, फेडरल रिज़र्व की नीतिगत घोषणा और नए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श के ब्याज दर बढ़ाने के संकेतों से डॉलर मज़बूत हुआ, जिससे बुलियन पर दबाव पड़ा। मज़बूत अमेरिकी लेबर मार्केट और स्थिर आर्थिक विकास के आकलन ने भी इस रुझान को बल दिया।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोना-चांदी कहाँ है?
खबर लिखे जाने तक COMEX पर सोना 2.75% की गिरावट के साथ $4,260 प्रति औंस और चांदी 5.99% टूटकर $66 प्रति औंस पर थी। वैश्विक बिकवाली का असर घरेलू बाज़ार पर भी स्पष्ट दिखा।
क्या सोने की कीमतें और गिर सकती हैं?
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, फेडरल रिज़र्व के अगले संकेत और अमेरिकी आर्थिक आँकड़े घरेलू बुलियन बाज़ार की दिशा तय करेंगे। यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मज़बूत बनी रही और ब्याज दर बढ़ाने की संभावना बढ़ी, तो सोने-चांदी पर दबाव बना रह सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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