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पुणे पुलिस ने बिश्नोई गैंग के 4 आरोपी दबोचे, कमिश्नर अमितेश कुमार बोले — व्यापारी न घबराएँ

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पुणे पुलिस ने बिश्नोई गैंग के 4 आरोपी दबोचे, कमिश्नर अमितेश कुमार बोले — व्यापारी न घबराएँ

सारांश

पाँच राज्यों में 15 दिन चले अभियान के बाद पुणे पुलिस ने बिश्नोई गैंग के चार सदस्यों को दबोचा — फायरिंग करने वाले से लेकर रेकी करने वाले तक। कमिश्नर अमितेश कुमार का स्पष्ट संदेश: गैंग निष्क्रिय, व्यापारी निश्चिंत रहें।

मुख्य बातें

पुणे पुलिस ने 7 जुलाई 2026 को बिश्नोई गैंग के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी 5 राज्यों में 15 दिनों तक चले ऑपरेशन के बाद हुई; गिरफ्तार लोगों में फायरिंग करने वाले, रेकी करने वाले और सूचना देने वाले शामिल।
पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने कहा कि गैंग की गतिविधियाँ पूरी तरह निष्क्रिय कर दी गई हैं और व्यापारियों को घबराने की जरूरत नहीं।
पालकी जुलूस के लिए लगभग 7,000 पुलिसकर्मी तैनात; AI कैमरे , ड्रोन , ANPR और फेस रिकॉग्निशन तकनीक सक्रिय।
9-10 जुलाई को भारी भीड़ की आशंका; भवानी पेठ में महानगरपालिका ने अतिरिक्त स्थान उपलब्ध कराया।

पुणे पुलिस ने 7 जुलाई 2026 को बिश्नोई गैंग से जुड़े फिरौती और फायरिंग के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने पुष्टि की कि पाँच राज्यों में 15 दिनों तक चले व्यापक अभियान के बाद गैंग की गतिविधियाँ पूरी तरह निष्क्रिय कर दी गई हैं और शहर के व्यापारियों व उद्योग जगत को किसी प्रकार की आशंका रखने की आवश्यकता नहीं है।

मामले की पृष्ठभूमि और गिरफ्तारियाँ

कमिश्नर कुमार के अनुसार, 22 जून को एक व्यापारी को फिरौती की कॉल मिलने के बाद पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने तत्काल जाँच शुरू की। अगले 15 दिनों में पुलिस दल पाँच राज्यों के कई शहरों में सक्रिय रहे और अंततः चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार व्यक्तियों में फायरिंग करने वाले, रेकी करने वाले और साजिश से संबंधित सूचनाएँ उपलब्ध कराने वाले शामिल हैं।

पुलिस कमिश्नर का आश्वासन

अमितेश कुमार ने स्पष्ट किया कि जिस गैंग ने यह पूरा घटनाक्रम अंजाम दिया था, उसकी गतिविधियाँ अब पूरी तरह ठप कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यापारी या उद्योगपति को धमकी भरी कॉल या फिरौती की माँग प्राप्त होती है, तो वे बिना किसी हिचकिचाहट के पुणे पुलिस से तुरंत संपर्क करें — पुलिस हर स्तर पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। मामले की जाँच अभी प्रारंभिक चरण में है और पूछताछ पूरी होने के बाद साजिश में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान होगी।

पालकी जुलूस के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

इसी प्रेस वार्ता में कमिश्नर कुमार ने आगामी पालकी जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत ब्यौरा भी दिया। इस वर्ष लगभग 7,000 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इनके साथ क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT), राज्य रिजर्व पुलिस बल (SRPF), होमगार्ड और बम निरोधक एवं निष्क्रियकरण दस्ता (BDDS) जैसी विशेष इकाइयाँ भी सक्रिय रहेंगी।

पालकी मार्ग और प्रमुख पड़ावों पर मोबाइल सर्विलांस व्हीकल, ड्रोन निगरानी प्रणाली और एआई आधारित कैमरे लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) सिस्टम और फेस रिकॉग्निशन तकनीक को भी सक्रिय किया गया है। एआई-आधारित अलर्ट सिस्टम किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाएगा।

बारिश और बाढ़ को देखते हुए विशेष तैयारी

कमिश्नर ने बताया कि इस बार लगातार बारिश और इंद्रायणी नदी के आसपास संभावित बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए सुरक्षा योजना में अतिरिक्त बदलाव किए गए हैं। अनुमान है कि कई श्रद्धालु आलंदी जाने के बजाय सीधे पुणे पहुँच सकते हैं, जिससे मंगलवार शाम और 9-10 जुलाई को भीड़ बढ़ने की संभावना है। भवानी पेठ क्षेत्र में महानगरपालिका ने श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध कराया है। पुणे पुलिस, महानगरपालिका और प्रशासनिक विभाग मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पूरा उत्सव शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।

आगे की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जाँच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 5 राज्यों में फैले इस नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं और पूछताछ में कितने और नाम सामने आते हैं। पालकी जुलूस के ऐन पहले यह ऑपरेशन पुलिस की सक्रियता दर्शाता है, पर जब तक जाँच पूरी न हो और मास्टरमाइंड तक पहुँच न हो, तब तक 'गैंग पूरी तरह निष्क्रिय' का दावा सतर्कता के साथ लेना होगा।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे में बिश्नोई गैंग के किन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया?
पुणे पुलिस ने बिश्नोई गैंग से जुड़े फिरौती और फायरिंग मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें फायरिंग करने वाले, रेकी करने वाले और साजिश से जुड़ी सूचनाएँ उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति शामिल हैं।
पुणे बिश्नोई गैंग मामले में जाँच कितने राज्यों में हुई?
पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 22 जून को फिरौती कॉल मिलने के बाद जाँच शुरू की और 15 दिनों के दौरान पाँच राज्यों के विभिन्न शहरों में ऑपरेशन चलाया। इस अभियान के बाद ही चारों आरोपियों को हिरासत में लिया जा सका।
पुणे के व्यापारियों को फिरौती कॉल मिले तो क्या करें?
पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी धमकी भरी कॉल या फिरौती की माँग मिलने पर व्यापारी बिना हिचकिचाहट तुरंत पुणे पुलिस से संपर्क करें। पुलिस आवश्यक सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराएगी।
पालकी जुलूस 2026 के लिए पुणे पुलिस ने क्या सुरक्षा इंतजाम किए हैं?
इस वर्ष पालकी जुलूस के लिए लगभग 7,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, साथ ही QRT, SRPF, होमगार्ड और BDDS जैसी विशेष इकाइयाँ भी सक्रिय हैं। AI कैमरे, ड्रोन निगरानी, ANPR और फेस रिकॉग्निशन तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है।
9-10 जुलाई को पुणे में पालकी के दौरान भीड़ क्यों बढ़ सकती है?
इंद्रायणी नदी के पास संभावित बाढ़ जैसी स्थिति के कारण कई श्रद्धालु आलंदी जाने की बजाय सीधे पुणे पहुँच सकते हैं। इसी को देखते हुए भवानी पेठ में महानगरपालिका ने अतिरिक्त स्थान उपलब्ध कराया है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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