क्या बिहार में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य गिरफ्तार हुए?

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क्या बिहार में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य गिरफ्तार हुए?

सारांश

पटना पुलिस ने एक मुठभेड़ के दौरान लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य परमानंद यादव को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के तीन अन्य सदस्य भी पकड़े गए हैं। जानिए इस घटना का पूरा विवरण और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।

Key Takeaways

  • लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार हुए।
  • पुलिस ने मुठभेड़ के बाद परमानंद यादव को पकड़ा।
  • गिरफ्तारी के दौरान वित्तीय दस्तावेज और हथियार बरामद हुए।
  • गिरोह के अंतरराष्ट्रीय संबंधों की जांच की जा रही है।
  • विशेष एजेंसियों और एसटीएफ द्वारा विस्तृत पूछताछ होगी।

पटना, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पटना पुलिस ने शुक्रवार को एक मुठभेड़ के दौरान लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य परमानंद यादव उर्फ नेपाली को गिरफ्तार किया है। उसी दिन जिला पुलिस ने इस मामले में गिरोह के तीन अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार किए गए तीनों सदस्यों की पहचान नीरज कुमार उर्फ विक्की, चंदन कुमार और शिवम आनंद के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, नीरज कुमार गिरोह के खातों और वित्तीय लेनदेन का प्रबंधन करता था।

पटना शहर के पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) भानु प्रताप सिंह ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बेउर एसएचओ और उनकी टीम के प्रयासों से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े तीन आरोपियों को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया।

सिंह ने बताया कि पुलिस को गुरुवार सुबह बेउर थाना क्षेत्र में गिरोह के चार सदस्यों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जो कथित तौर पर पटना में अपराध को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।

उन्होंने बताया कि इस गिरोह के चार सदस्य पटना में अपराध करने की योजना बना रहे थे। गुरुवार सुबह हमें बेउर थाना क्षेत्र में उनके ठिकाने की सूचना मिली। जब हमने छापा मारा, तो वे मौके से फरार हो गए।

उन्होंने आगे बताया कि मुख्य आरोपी परमानंद यादव जहानाबाद की ओर भाग गया, जबकि बाकी तीन आरोपी थाना क्षेत्र में ही छिप गए।

सिंह ने कहा कि पटना पुलिस और एसटीएफ की एक टीम ने मुठभेड़ के बाद परमानंद यादव को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य तीन को गिरफ्तार कर लिया गया।

एसपी सिटी ने बताया कि परमानंद यादव के खिलाफ बिहार और झारखंड के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 20 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने एक देसी रिवॉल्वर, छह जिंदा कारतूस, 40,000 रुपए नकद और 5,110 नेपाली रुपए बरामद किए।

उनके पास से पासपोर्ट भी बरामद हुए, जिनसे नेपाल और मलेशिया की यात्रा का संकेत मिलता है। इसके साथ ही पासपोर्ट से गिरोह के कथित अंतरराष्ट्रीय संबंधों का संकेत भी मिलता है।

पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष एजेंसियां और एसटीएफ विस्तृत पूछताछ करेंगी। जांचकर्ता पटना में गिरोह की मौजूदगी का मकसद, उनके लक्षित समूह और उनके व्यापक नेटवर्क की पड़ताल कर रहे हैं।

गिरफ्तार आरोपियों और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के बीच संबंध स्थापित करने के लिए एक तकनीकी टीम भी तैनात की गई है।

Point of View

यह घटना न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में सक्रिय है। हमें उम्मीद है कि इस तरह की कार्रवाइयाँ भविष्य में अपराध पर लगाम लगाने में मदद करेंगी।
NationPress
12/03/2026

Frequently Asked Questions

लॉरेंस बिश्नोई गिरोह क्या है?
लॉरेंस बिश्नोई गिरोह एक आपराधिक संगठन है जो विभिन्न प्रकार के अपराधों में संलिप्त है।
पुलिस ने कितने सदस्यों को गिरफ्तार किया?
पटना पुलिस ने चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए सदस्यों के खिलाफ कितने मामले हैं?
परमानंद यादव के खिलाफ बिहार और झारखंड में 20 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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