बड़ी कार्रवाई: AGTF ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य आरजू बिश्नोई को हथियार सहित दबोचा

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बड़ी कार्रवाई: AGTF ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य आरजू बिश्नोई को हथियार सहित दबोचा

सारांश

पंजाब AGTF ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य आरजू बिश्नोई को .32 बोर पिस्तौल व 3 कारतूस सहित गिरफ्तार किया। राजस्थान हत्याकांड में वांछित यह आरोपी इनामी भी था। इससे पहले AGTF ने विदेशी पिस्तौलों के साथ 4 अन्य गैंगस्टर भी पकड़े थे।

Key Takeaways

  • आरजू बिश्नोई को पंजाब AGTF ने 25 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया, वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य है।
  • आरोपी के पास से .32 बोर की पिस्तौल और तीन कारतूस बरामद किए गए।
  • आरजू राजस्थान में एक हत्याकांड में वांछित था और उस पर नकद इनाम घोषित था।
  • इससे पहले AGTF ने चार गैंगस्टरों को दो विदेशी .30-कैलिबर पिस्तौल और आठ कारतूस सहित अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर पकड़ा था।
  • पकड़े गए मॉड्यूल का एक सदस्य अबोहर 'वेयर वेल' शोरूम मालिक की जुलाई 2025 हत्या में संलिप्त था।
  • डीजीपी गौरव यादव ने पुष्टि की कि पंजाब पुलिस गैंगस्टर नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

पंजाब की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने 25 अप्रैल 2025 को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सक्रिय सदस्य आरजू बिश्नोई को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी के पास से .32 बोर की पिस्तौल और तीन कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस गिरफ्तारी की पुष्टि की।

राजस्थान हत्याकांड में था वांछित, इनाम भी था घोषित

डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, आरजू बिश्नोई राजस्थान में दर्ज एक गंभीर हत्या के मामले में पुलिस की नजर में था। राजस्थान पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर नकद इनाम भी घोषित कर रखा था। AGTF की इस कार्रवाई से दो राज्यों की पुलिस एजेंसियों के समन्वय की झलक मिलती है, जो गैंगस्टर नेटवर्क को राज्य की सीमाओं के पार ट्रैक करने में सक्षम है।

पुलिस ने बताया कि आरजू के आपराधिक संबंधों की पूरी कड़ी स्थापित करने के लिए जांच जारी है। यह देखा जाएगा कि वह किन अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त था और उसके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।

इससे पहले विदेशी पिस्तौल के साथ पकड़े गए थे चार आरोपी

यह गिरफ्तारी AGTF की हालिया सफलताओं की श्रृंखला में एक और कड़ी है। इससे पहले AGTF ने विदेशी गैंगस्टरों द्वारा संचालित एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था, जिसमें चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इनके पास से दो विदेशी .30-कैलिबर पिस्तौल और आठ कारतूस बरामद हुए थे।

गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों की पहचान अरमान सिंह (उगाना गांव, पटियाला), चिराग (नालास खुर्द, पटियाला), रविंदर सिंह उर्फ राहुल (नालास कलां, राजपुरा, पटियाला) और अक्षय उर्फ प्रिंस (धामोली गांव, पटियाला) के रूप में हुई थी।

अबोहर शोरूम मालिक हत्याकांड से जुड़ा था मॉड्यूल

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (AGTF) प्रमोद बान ने बताया था कि इस मॉड्यूल का एक सदस्य अबोहर स्थित 'वेयर वेल' शोरूम के मालिक की हत्या में शामिल था, जो जुलाई 2025 में हुई थी। इस मामले ने पंजाब में व्यापारियों के बीच भय का माहौल बना दिया था।

ऑपरेशनल दृष्टि से, अंबाला-चंडीगढ़ राजमार्ग पर मॉड्यूल के सदस्यों की आवाजाही की सूचना मिलते ही AGTF और मोहाली पुलिस की संयुक्त टीम ने राजमार्ग पर कई विशेष चेकपॉइंट स्थापित किए। जेनेटपुर लिंक रोड के निकट संदिग्धों को घेरकर पकड़ा गया और हथियार जब्त किए गए।

गैंगस्टर नेटवर्क और पंजाब पुलिस की रणनीति

गौरतलब है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग पिछले कई वर्षों से पंजाब, राजस्थान और हरियाणा में सक्रिय है। यह गैंग विदेशी आकाओं के इशारे पर जबरन वसूली, हत्या और हथियार तस्करी जैसे संगीन अपराधों को अंजाम देता रहा है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में AGTF ने इस गैंग के दर्जनों सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

डीजीपी गौरव यादव ने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस गैंगस्टर नेटवर्क को पूरी तरह नष्ट करने और राज्य में शांति व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह कार्रवाइयां दर्शाती हैं कि राज्य पुलिस की खुफिया क्षमता और ऑपरेशनल तत्परता में उल्लेखनीय सुधार आया है।

आने वाले दिनों में आरजू बिश्नोई से पूछताछ के दौरान गैंग के अन्य सक्रिय सदस्यों और उनके संभावित ठिकानों का खुलासा होने की उम्मीद है, जिससे पंजाब और राजस्थान पुलिस दोनों को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।

Point of View

बल्कि यह उस बड़े सवाल का जवाब मांगती है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग जेल में बंद होने के बावजूद राज्य की सीमाओं के पार इतने बड़े नेटवर्क को कैसे संचालित कर पा रहा है। विदेशी .30-कैलिबर पिस्तौलों की बरामदगी यह भी दर्शाती है कि इन गैंग्स तक हथियारों की तस्करी के रास्ते अभी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं — यह खुफिया एजेंसियों और सीमा सुरक्षा बलों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। AGTF की सक्रियता सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब गैंग के शीर्ष संचालकों और उनके विदेशी आकाओं तक कार्रवाई पहुंचेगी।
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

आरजू बिश्नोई कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
आरजू बिश्नोई लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य है, जिसे पंजाब AGTF ने 25 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया। वह राजस्थान में एक हत्याकांड में वांछित था और उसकी गिरफ्तारी पर नकद इनाम भी घोषित था।
आरजू बिश्नोई के पास से क्या बरामद हुआ?
गिरफ्तारी के दौरान आरजू बिश्नोई के पास से एक .32 बोर की पिस्तौल और तीन कारतूस बरामद किए गए। पुलिस आगे की जांच में उसके अन्य आपराधिक संबंधों की तलाश कर रही है।
पंजाब AGTF ने इससे पहले कौन सी बड़ी कार्रवाई की थी?
AGTF ने इससे पहले विदेशी गैंगस्टरों के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर गिरफ्तार किया था। उनके पास से दो विदेशी .30-कैलिबर पिस्तौल और आठ कारतूस बरामद हुए थे।
अबोहर शोरूम हत्याकांड क्या है?
अबोहर के 'वेयर वेल' शोरूम के मालिक की हत्या जुलाई 2025 में हुई थी, जिसमें AGTF द्वारा पकड़े गए चार आरोपियों में से एक शामिल था। यह मामला पंजाब में गैंगस्टर-संचालित जबरन वसूली और हत्या की बड़ी घटनाओं में से एक है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग पंजाब में कितना सक्रिय है?
लॉरेंस बिश्नोई गैंग पंजाब, राजस्थान और हरियाणा में व्यापक रूप से सक्रिय है और विदेशी आकाओं के निर्देश पर हत्या, जबरन वसूली व हथियार तस्करी जैसे अपराध करता है। पिछले एक वर्ष में AGTF ने इस गैंग के दर्जनों सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
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