मालदीव यात्रियों के लिए NCB की बड़ी चेतावनी: ड्रग्स कानून तोड़ने पर मृत्युदंड तक संभव

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मालदीव यात्रियों के लिए NCB की बड़ी चेतावनी: ड्रग्स कानून तोड़ने पर मृत्युदंड तक संभव

सारांश

NCB ने मालदीव जाने वाले भारतीयों के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है। मार्च 2026 से लागू नए ड्रग्स कानून के तहत छोटी मात्रा में भी नशीले पदार्थ रखने पर सख्त सजा और बड़े मामलों में मृत्युदंड तक संभव है। भारतीय उच्चायोग ने भी स्थानीय कानूनों के पालन की अपील की है।

Key Takeaways

  • NCB ने 25 अप्रैल 2026 को मालदीव जाने वाले सभी भारतीय नागरिकों के लिए आधिकारिक यात्रा परामर्श जारी किया।
  • मालदीव के संशोधित ड्रग्स कानून मार्च 2026 से लागू हैं — थोड़ी मात्रा में भी नशीले पदार्थ रखने पर कठोर सजा का प्रावधान है।
  • बड़े पैमाने पर तस्करी के दोषियों को आजीवन कारावास या मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है।
  • माले स्थित भारतीय उच्चायोग ने भी भारतीयों से स्थानीय कानूनों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है।
  • किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी के लिए नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 पर तुरंत सूचना दें।
  • NCB ने स्पष्ट किया — कानून की अनभिज्ञता कोई बचाव नहीं है और लापरवाही पर भारी दंड निश्चित है।

नई दिल्ली, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने मालदीव की यात्रा पर जाने वाले सभी भारतीय नागरिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण यात्रा परामर्श जारी किया है, जिसमें द्वीपीय देश के नए और बेहद कठोर नशीले पदार्थ विरोधी कानूनों से सावधान रहने की अपील की गई है। मार्च 2026 से प्रभावी इन संशोधित कानूनों के तहत छोटी मात्रा में भी ड्रग्स रखने पर गंभीर दंड और गंभीर मामलों में मृत्युदंड तक का प्रावधान है।

मालदीव के नए ड्रग्स कानून: क्या बदला?

मालदीव सरकार ने अपने ड्रग्स अधिनियम में व्यापक संशोधन किए हैं, जो मार्च 2026 से लागू हो चुके हैं। इन बदलावों के बाद नशीले पदार्थों से जुड़े हर अपराध की सजा कई गुना कठोर हो गई है।

नए कानून के अनुसार, थोड़ी मात्रा में भी प्रतिबंधित पदार्थ अपने पास रखने पर सख्त कारावास की सजा दी जा सकती है। बड़े पैमाने पर तस्करी के दोषियों को आजीवन कारावास या मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है। हालांकि, मृत्युदंड केवल मालदीव की सक्षम अदालत द्वारा पुष्टि के बाद ही लागू होगा।

गौरतलब है कि मालदीव दशकों से ड्रग्स तस्करी की समस्या से जूझ रहा है और यह कदम उसकी दीर्घकालिक नीति का हिस्सा है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पर निर्भर इस देश में विदेशी पर्यटकों द्वारा नशीले पदार्थों के उपयोग की घटनाएं बढ़ने के बाद यह कानून और सख्त किए गए।

भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारियां और उच्चायोग की सलाह

हाल के महीनों में मालदीव में कई विदेशी नागरिकों, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं, को नशीले पदार्थों से संबंधित मामलों में गिरफ्तार किया गया है। ये घटनाएं मुख्यतः माले और प्रमुख पर्यटन द्वीपों पर हुई हैं।

माले स्थित भारतीय उच्चायोग ने भी भारतीय नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे मालदीव के स्थानीय कानूनों का कड़ाई से पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि से दूर रहें। उच्चायोग ने स्पष्ट किया है कि कानूनी मुश्किल में फंसने पर वाणिज्य दूतावासीय सहायता की सीमाएं होती हैं और स्थानीय न्यायिक प्रक्रिया से गुजरना ही पड़ेगा।

NCB की यात्रियों को सख्त हिदायतें

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने सभी भारतीय यात्रियों के लिए निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:

किसी अनजान व्यक्ति का सामान बिल्कुल न उठाएं — चाहे वह पैकेज हो, बैग हो या कोई अन्य वस्तु। हवाई अड्डों, बंदरगाहों और ट्रांजिट पॉइंट्स पर विशेष रूप से सतर्क रहें, क्योंकि ड्रग्स तस्करी के अधिकांश मामले इन्हीं स्थानों पर पकड़े जाते हैं।

अपने सामान पर पूरा नियंत्रण रखें और उसे कभी भी अपनी नजरों से दूर न होने दें। यदि कोई अपरिचित व्यक्ति आपसे कुछ ले जाने का अनुरोध करे, तो स्पष्ट रूप से मना करें

शून्य सहिष्णुता नीति और हेल्पलाइन

NCB ने अपनी 'शून्य सहिष्णुता' नीति को दोहराते हुए कहा है कि कानून से अनभिज्ञता किसी भी स्थिति में बचाव का आधार नहीं बन सकती। विदेश में किसी भी उल्लंघन पर बेहद भारी कानूनी और सामाजिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

यदि कोई भारतीय नागरिक किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पाए, तो वह तुरंत नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 पर सूचना दे सकता है। यह सेवा चौबीसों घंटे उपलब्ध है।

व्यापक संदर्भ: भारत-मालदीव संबंध और पर्यटन

यह परामर्श ऐसे समय में आया है जब भारत-मालदीव संबंध कूटनीतिक उतार-चढ़ाव से गुजर रहे हैं और दोनों देशों के बीच पर्यटन को लेकर नई नीतियां बन रही हैं। भारतीय पर्यटकों की संख्या मालदीव में शीर्ष पर रही है और ऐसे में यह चेतावनी लाखों संभावित यात्रियों के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।

तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो सिंगापुर, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देश भी ड्रग्स मामलों में मृत्युदंड देते हैं और वहां भी भारतीय नागरिक फंस चुके हैं। मालदीव का यह कदम दक्षिण एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र में ड्रग्स विरोधी कानूनों को और सख्त बनाने की व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है।

यह परामर्श जनहित में जारी किया गया है। NCB ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले मालदीव के नियमों की पूरी जानकारी लें और एक जिम्मेदार एवं सतर्क नागरिक के रूप में विदेश यात्रा करें। आने वाले महीनों में मालदीव में विदेशी नागरिकों पर निगरानी और बढ़ने की संभावना है।

Point of View

जो भारतीय पर्यटकों पर आर्थिक रूप से बहुत निर्भर है, वहां भारतीयों की गिरफ्तारियां बढ़ रही हैं — और इसे अब तक मुख्यधारा की कवरेज में पर्याप्त जगह नहीं मिली। जिस तरह सिंगापुर और मलेशिया में भारतीय ड्रग्स मामलों में फंसे, वही खतरा अब मालदीव में भी मंडरा रहा है। सरकार को यात्रा परामर्श से आगे जाकर पासपोर्ट जारी करते समय ही विदेशी कानूनों की जानकारी देना अनिवार्य करना चाहिए।
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

मालदीव में ड्रग्स रखने पर क्या सजा मिलती है?
मार्च 2026 से लागू नए कानून के तहत मालदीव में थोड़ी मात्रा में भी प्रतिबंधित नशीले पदार्थ रखने पर कठोर कारावास और बड़े मामलों में आजीवन कारावास या मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है। मृत्युदंड सक्षम अदालत की पुष्टि के बाद ही लागू होता है।
NCB ने मालदीव यात्रियों को क्या सलाह दी है?
NCB ने भारतीय यात्रियों से कहा है कि वे किसी अनजान व्यक्ति का सामान न उठाएं, अपने बैग पर पूरा नियंत्रण रखें और हवाई अड्डे व बंदरगाह पर विशेष सतर्कता बरतें। संदिग्ध गतिविधि दिखने पर हेल्पलाइन 1933 पर तुरंत सूचना दें।
क्या मालदीव में भारतीय नागरिक ड्रग्स मामले में गिरफ्तार हुए हैं?
हां, हाल के दिनों में मालदीव में कई विदेशी नागरिकों, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं, को नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया है। इसी के मद्देनजर NCB और भारतीय उच्चायोग ने यह परामर्श जारी किया है।
नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर क्या है?
भारत में नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 है। यह चौबीसों घंटे उपलब्ध है और किसी भी संदिग्ध ड्रग्स गतिविधि की सूचना यहां दी जा सकती है।
मालदीव के नए ड्रग्स कानून कब से लागू हुए?
मालदीव सरकार के संशोधित ड्रग्स अधिनियम मार्च 2026 से प्रभावी हो गए हैं। इन संशोधनों के तहत नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों की सजाएं पहले की तुलना में कहीं अधिक कठोर कर दी गई हैं।
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