पीलीभीत मुठभेड़: शिकारियों ने पुलिस पर चलाई गोली, दो के पैर में लगी गोली, तीन गिरफ्तार

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पीलीभीत मुठभेड़: शिकारियों ने पुलिस पर चलाई गोली, दो के पैर में लगी गोली, तीन गिरफ्तार

सारांश

पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज में 24 अप्रैल की रात पुलिस-शिकारी मुठभेड़ में दो आरोपियों के पैरों में गोली लगी और तीन गिरफ्तार हुए। 15 अप्रैल को वनकर्मियों पर फायरिंग करने वाले इन्हीं शिकारियों के खिलाफ यह कार्रवाई हुई।

Key Takeaways

  • 24 अप्रैल की रात पीलीभीत की बराही रेंज में पुलिस और शिकारियों के बीच मुठभेड़ हुई।
  • मुठभेड़ में दो आरोपियों के पैरों में गोलियां लगीं और तीन अन्य आरोपी गिरफ्तार किए गए।
  • 15 अप्रैल को इन्हीं शिकारियों ने PTR बराही जंगल में जंगली सुअर का शिकार कर वनकर्मियों पर फायरिंग की थी।
  • आरोपी हरजिंदर सिंह को 21 अप्रैल को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था।
  • मुठभेड़ के बाद शिकार में प्रयुक्त हथियार सहित दो अवैध हथियार बरामद किए गए।
  • एसपी सुकीर्ति माधव ने पुष्टि की कि सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है।

पीलीभीत, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) की बराही रेंज में 24 अप्रैल की रात पुलिस और शिकारियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो आरोपियों के पैरों में गोलियां लगी हैं, जबकि तीन अन्य आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। ये वही शिकारी हैं जिन्होंने 15 अप्रैल को जंगली सुअर का शिकार करने के बाद वन विभाग के अधिकारियों पर फायरिंग की थी।

मुख्य घटनाक्रम

15 अप्रैल को पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज में कुछ लोगों ने एक जंगली सुअर का अवैध शिकार किया और वन विभाग के अधिकारियों पर फायरिंग कर फरार हो गए। इस घटना के बाद थाना माधोटांडा में आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 21 अप्रैल को एक आरोपी हरजिंदर सिंह को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसके पास से एक हथियार भी बरामद किया गया था।

24 अप्रैल की रात हुई मुठभेड़

24 अप्रैल की रात एक विश्वसनीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने शेष आरोपियों को घेरने की कोशिश की। घेराबंदी होते देख आरोपियों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो आरोपियों के पैरों में गोलियां लगीं और तीन अन्य को मौके पर गिरफ्तार किया गया।

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने वह हथियार भी बरामद कर लिया जिससे आरोपियों ने वन्यजीव का शिकार किया था। इसके अतिरिक्त एक और अवैध हथियार भी जब्त किया गया है।

एसपी का बयान

पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने बताया कि 15 अप्रैल को PTR के बराही जंगल में कुछ लोगों ने जंगली सुअर का शिकार किया और वनकर्मियों पर फायरिंग की थी। उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल की रात सटीक सूचना पर की गई घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने पहले पुलिस पर गोली चलाई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में दो आरोपी घायल हुए।

एसपी सुकीर्ति माधव ने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है और घायल आरोपियों को चिकित्सा उपचार के बाद विधिक प्रक्रिया से गुजारा जाएगा। मुठभेड़ के बाद बराही रेंज और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

वन्यजीव सुरक्षा का व्यापक संदर्भ

पीलीभीत टाइगर रिजर्व उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण संरक्षित वन क्षेत्रों में से एक है, जहां बाघ, हाथी और अन्य दुर्लभ वन्यजीव निवास करते हैं। इस क्षेत्र में अवैध शिकार की घटनाएं वन विभाग और पुलिस के लिए लगातार चुनौती बनी रहती हैं।

गौरतलब है कि वनकर्मियों पर सीधे फायरिंग करना इस मामले को सामान्य शिकार प्रकरण से अलग करता है — यह कानून प्रवर्तन अधिकारियों को सशस्त्र चुनौती देने का गंभीर मामला है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत अवैध शिकार पर कठोर दंड का प्रावधान है, और सरकारी कर्मचारियों पर हमले के लिए IPC की गंभीर धाराएं भी लागू होती हैं।

पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में यह भी जांचा जा रहा है कि क्या इनका कोई बड़ा शिकार नेटवर्क से संबंध है। अभी भी कुछ आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस की तलाश जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

Point of View

लेकिन दीर्घकालिक समाधान के लिए वन क्षेत्रों में स्थायी निगरानी तंत्र और खुफिया नेटवर्क को मजबूत करना अनिवार्य है।
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

पीलीभीत मुठभेड़ में क्या हुआ?
24 अप्रैल की रात पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज में पुलिस ने शिकारियों को घेरा तो उन्होंने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो आरोपियों के पैरों में गोली लगी और तीन अन्य को गिरफ्तार किया गया।
पीलीभीत शिकारियों ने पहले क्या किया था?
15 अप्रैल को इन शिकारियों ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व में जंगली सुअर का अवैध शिकार किया और वन विभाग के अधिकारियों पर फायरिंग की थी। इसके बाद थाना माधोटांडा में मुकदमा दर्ज किया गया था।
हरजिंदर सिंह कौन है और उसे कब गिरफ्तार किया गया?
हरजिंदर सिंह इसी शिकारी गिरोह का एक आरोपी है जिसे पुलिस ने 21 अप्रैल को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसके पास से एक अवैध हथियार भी बरामद किया गया था।
मुठभेड़ में कितने हथियार बरामद हुए?
ताजा मुठभेड़ में पुलिस ने दो हथियार बरामद किए — एक वह जिससे वन्यजीव का शिकार किया गया था और दूसरा अतिरिक्त अवैध हथियार। इससे पहले हरजिंदर सिंह से भी एक हथियार जब्त हो चुका है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में अवैध शिकार पर क्या कानून है?
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित क्षेत्र में शिकार करना गंभीर अपराध है जिसमें कठोर कारावास का प्रावधान है। सरकारी कर्मचारियों पर हमले के लिए IPC की अतिरिक्त धाराएं भी लागू होती हैं।
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