सोनीपत में ड्राई फ्रूट थोक बाजार को हरी झंडी, CM सैनी ने अमृतसर की मजीठ मंडी के व्यापारियों का किया स्वागत
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 25 अप्रैल 2025 को अमृतसर की मजीठ मंडी के व्यापारियों से संत कबीर कुटीर में मुलाकात की।
- सोनीपत में ड्राई फ्रूट थोक बाजार के विस्तार के लिए औपचारिक स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया।
- BJP राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ भी इस बैठक में उपस्थित रहे।
- इससे पहले दिल्ली की खारी बावली और भगीरथ पैलेस को भी सोनीपत के राई क्षेत्र में विस्तार की मंजूरी दी जा चुकी है।
- सोनीपत उत्तर भारत के एक प्रमुख बहु-उत्पाद थोक व्यापार हब के रूप में उभर रहा है।
- हरियाणा सरकार ने बाहरी राज्यों के व्यापारियों को राज्य में निवेश के लिए हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई।
चंडीगढ़, 25 अप्रैल 2025 — हरियाणा में व्यापारिक निवेश को नई रफ्तार देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को पंजाब के अमृतसर की प्रतिष्ठित मजीठ मंडी के व्यापारियों से संत कबीर कुटीर (मुख्यमंत्री आवास) में मुलाकात की और उन्हें सोनीपत में ड्राई फ्रूट थोक बाजार के विस्तार हेतु औपचारिक स्वीकृति पत्र सौंपा। यह निर्णय हरियाणा को उत्तर भारत के एक बड़े व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मजीठ मंडी के व्यापारियों ने रखा विस्तार का प्रस्ताव
अमृतसर की मजीठ मंडी उत्तर भारत में सूखे मेवों के थोक व्यापार का एक प्रमुख केंद्र है। इस मंडी के व्यापारियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलकर हरियाणा में अपने कारोबार को विस्तार देने की योजना साझा की। व्यापारियों ने सोनीपत को अपने नए थोक व्यापार केंद्र के रूप में चुना, जो दिल्ली-एनसीआर से इसकी निकटता और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण एक आदर्श स्थान माना जाता है।
इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ भी उपस्थित रहे, जो इस पहल के राजनीतिक महत्व को भी रेखांकित करता है। सीएम सैनी ने व्यापारियों के प्रस्ताव को सकारात्मक रुख के साथ स्वीकार करते हुए तत्काल स्वीकृति प्रदान की।
सरकार की प्रतिक्रिया और नीतिगत प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और बाहरी राज्यों से आने वाले व्यापारियों का खुले हृदय से स्वागत किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार व्यापारियों के हर कदम पर साथ खड़ी है और हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
हरियाणा सरकार के सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री ने मजीठ मंडी के सूखे मेवे के थोक व्यापार के सोनीपत में विस्तार हेतु स्वीकृति पत्र प्रदान किया और अमृतसर से आए सभी व्यापारियों का हरियाणा में स्वागत किया।
सोनीपत बनेगा उत्तर भारत का व्यापारिक हब
यह पहली बार नहीं है जब हरियाणा सरकार ने किसी बड़े व्यापारिक समूह को सोनीपत में आमंत्रित किया हो। इससे पूर्व सरकार दिल्ली के प्रमुख थोक बाजारों — खारी बावली और भगीरथ पैलेस — के सोनीपत के राई क्षेत्र में विस्तार को पहले ही स्वीकृति दे चुकी है। अब मजीठ मंडी के शामिल होने से राई-सोनीपत क्षेत्र एक बहु-उत्पाद थोक व्यापार केंद्र के रूप में उभरने की ओर तेजी से अग्रसर है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोनीपत की दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) से निकटता, NH-44 पर स्थित होना और कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी इसे लॉजिस्टिक्स और थोक व्यापार के लिए एक आदर्श स्थान बनाती है।
व्यापारियों और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
इस निर्णय से सोनीपत और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है। ड्राई फ्रूट का थोक बाजार स्थापित होने से न केवल स्थानीय व्यापारियों को लाभ मिलेगा, बल्कि किसानों, ट्रांसपोर्टरों और छोटे व्यापारियों की आय में भी वृद्धि होगी। उल्लेखनीय है कि ड्राई फ्रूट बाजार एक उच्च-मूल्य वाला व्यापार क्षेत्र है जिसमें काजू, बादाम, किशमिश, अखरोट जैसे उत्पादों की भारी मांग रहती है।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब हरियाणा सरकार 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' रैंकिंग में सुधार लाने और राज्य में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के साथ-साथ घरेलू निवेश को आकर्षित करने पर जोर दे रही है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सोनीपत का यह व्यापारिक हब किस गति से आकार लेता है और इससे राज्य के राजस्व पर क्या प्रभाव पड़ता है।