केरल में लू का कहर: CM पिनाराई विजयन ने की उच्चस्तरीय बैठक, बहु-आयामी रणनीति तैयार

Click to start listening
केरल में लू का कहर: CM पिनाराई विजयन ने की उच्चस्तरीय बैठक, बहु-आयामी रणनीति तैयार

सारांश

केरल में भीषण लू के बीच CM पिनाराई विजयन ने उच्चस्तरीय बैठक कर व्यापक हीट एक्शन प्लान तैयार किया। ORS वितरण, छांव शेल्टर, हीट क्लीनिक और 'कवचम' चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। कोल्लम में 85 वर्षीय बुजुर्ग की संदिग्ध हीटस्ट्रोक से मौत ने संकट की गंभीरता उजागर की।

Key Takeaways

  • मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने 25 अप्रैल को लू से निपटने के लिए उच्चस्तरीय ऑनलाइन समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
  • कोल्लम जिले में 85 वर्षीय बुजुर्ग की खेत में मृत पाए जाने की घटना — इस सीजन में संदिग्ध हीटस्ट्रोक से दूसरी मौत हो सकती है।
  • बाजारों, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थलों पर ORS, पानी और फर्स्ट-एड सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश।
  • आंगनवाड़ियों और स्वास्थ्य केंद्रों को 'गर्मी-रोधी' इमारतों में बदलने और चुनिंदा अस्पतालों में 'हीट एंड बर्न' क्लीनिक स्थापित करने की योजना।
  • 'कवचम' चेतावनी प्रणाली को सशक्त किया जाएगा और वार्ड-वार जलवायु निगरानी डेटा एकत्र किया जाएगा।
  • राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष से स्थानीय निकायों को हीट एक्शन प्लान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।

तिरुवनंतपुरम, 25 अप्रैलकेरल में भीषण लू (हीटवेव) के बढ़ते प्रकोप के बीच मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शनिवार को एक उच्चस्तरीय ऑनलाइन समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राज्य में बढ़ते तापमान से जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक बहु-आयामी कार्ययोजना तैयार की गई। कोल्लम जिले में एक 85 वर्षीय बुजुर्ग की खेत में मृत पाए जाने की घटना ने इस संकट की गंभीरता को और उजागर कर दिया है।

बैठक में क्या हुए अहम फैसले?

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बाजारों, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर पीने का पानी, ORS (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) और फर्स्ट-एड सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। अत्यधिक भीड़ वाले स्थानों पर अस्थायी छांव शेल्टर भी स्थापित किए जाएंगे।

स्वास्थ्य कर्मियों, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों को जमीनी स्तर पर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क किनारे, चौराहों और ट्रांसपोर्ट हब पर पानी वितरण केंद्र बढ़ाए जाएंगे और छाछ, तरबूज जैसे हाइड्रेटिंग खाद्य पदार्थों की उपलब्धता के लिए सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।

सार्वजनिक आयोजनों पर रोक और ट्रैफिक उपाय

लू की रेड/ऑरेंज चेतावनी जारी रहने के दौरान सांस्कृतिक और खेल कार्यक्रमों सहित सार्वजनिक आयोजनों पर कड़ी पाबंदियां लगाने की योजना बनाई गई है। जिला कलेक्टरों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक सिग्नल पर इंतजार का समय घटाने के उपाय करने को कहा गया है ताकि लोगों को सीधी धूप में कम समय बिताना पड़े।

बुनियादी ढांचे और दीर्घकालिक उपाय

जल प्राधिकरण और सिंचाई विभाग को पीने के पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और वर्षा जल संचयन के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। दीर्घकालिक उपायों के तहत आंगनवाड़ियों और स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर वेंटिलेशन और कूलिंग सुविधाओं वाली 'गर्मी-रोधी' इमारतों में बदला जाएगा।

चुनिंदा अस्पतालों में 'हीट एंड बर्न' विशेष क्लीनिक स्थापित किए जाएंगे। केरल राज्य बिजली बोर्ड (KSEB) को बढ़ती कूलिंग मांग के बावजूद बिजली की अबाधित आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

चेतावनी प्रणाली और स्थानीय निगरानी

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की 'कवचम' चेतावनी प्रणाली को और सशक्त किया जाएगा, जिसमें सायरन और संबंधित बुनियादी ढांचे के रखरखाव पर विशेष जोर दिया जाएगा। राज्य सरकार वार्ड-वार तापमान, वर्षा और नमी डेटा एकत्र करने के लिए स्थानीय जलवायु निगरानी प्रणालियों का विस्तार करेगी।

गर्मी के दौरान बढ़ते जोखिम को देखते हुए सरकार ने सांप के काटने से बचाव और पेयजल स्वच्छता को लेकर भी सार्वजनिक परामर्श जारी किए हैं।

केरल की लू का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अप्रैल-मई 2025 में देश के दक्षिणी और मध्य राज्यों में सामान्य से अधिक तापमान दर्ज होने की संभावना जताई गई थी। केरल जैसे तटीय राज्य में, जहां आर्द्रता पहले से अधिक रहती है, उच्च तापमान का संयोजन 'हीट इंडेक्स' को और खतरनाक बना देता है — यानी वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस होती है।

तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो राजस्थान, गुजरात और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य वर्षों से हीटवेव एक्शन प्लान पर काम कर रहे हैं, लेकिन केरल के लिए यह अपेक्षाकृत नई चुनौती है क्योंकि यहां परंपरागत रूप से समुद्री हवाएं तापमान को नियंत्रित रखती थीं। जलवायु परिवर्तन के कारण यह पैटर्न बदल रहा है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि संभव है। इसे देखते हुए स्थानीय निकायों को 'हीट एक्शन प्लान' तैयार करने को कहा गया है, जिसके लिए राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष से आर्थिक सहायता मिलेगी। आने वाले हफ्तों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी और मॉनसून-पूर्व तैयारियों की समीक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

Point of View

आज हीट एक्शन प्लान और विशेष क्लीनिक की जरूरत महसूस कर रहा है। यह जलवायु परिवर्तन का वह असर है जिसे अब नकारा नहीं जा सकता। सवाल यह है कि क्या ये उपाय सिर्फ बैठक तक सीमित रहेंगे या जमीन पर दिखेंगे — क्योंकि भारत में हीटवेव से हर साल हजारों मौतें होती हैं और अधिकांश राज्यों की तैयारी कागजों पर ज्यादा, हकीकत में कम होती है। केरल के पास अपेक्षाकृत बेहतर स्वास्थ्य ढांचा है, लेकिन इस संकट की असली परीक्षा मई की चरम गर्मी में होगी।
NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

केरल में लू से निपटने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
केरल सरकार ने बाजारों और बस स्टैंड पर ORS, पीने का पानी और फर्स्ट-एड उपलब्ध कराने, छांव शेल्टर बनाने और हीट क्लीनिक स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही 'कवचम' चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने और हीट एक्शन प्लान तैयार करने को कहा गया है।
केरल में लू से कितनी मौतें हुई हैं?
शनिवार को कोल्लम जिले में 85 वर्षीय एक बुजुर्ग की खेत में मृत पाए जाने की घटना सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार यह इस सीजन में लू से दूसरी संदिग्ध मौत हो सकती है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
CM पिनाराई विजयन ने लू को लेकर क्या बैठक की?
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने 25 अप्रैल को एक उच्चस्तरीय ऑनलाइन समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की जिसमें लू से निपटने की बहु-आयामी रणनीति तैयार की गई। बैठक में स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, बिजली और आपदा प्रबंधन विभागों को विशेष निर्देश दिए गए।
केरल में 'कवचम' चेतावनी प्रणाली क्या है?
'कवचम' केरल आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की एक अर्ली वार्निंग प्रणाली है जो सायरन और अन्य माध्यमों से आपदा की पूर्व सूचना देती है। लू के संकट को देखते हुए इसे और मजबूत करने और इसके बुनियादी ढांचे के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया गया है।
केरल में गर्मी से बचाव के लिए आम लोग क्या करें?
सरकार ने सलाह दी है कि लोग दोपहर में धूप से बचें, खूब पानी और ORS पिएं और बाजारों में उपलब्ध छांव शेल्टर का उपयोग करें। सांप के काटने से बचाव और पेयजल स्वच्छता को लेकर भी सार्वजनिक परामर्श जारी किए गए हैं।
Nation Press