डीएसी आधारित एलपीजी डिलीवरी 94.5%25 पार: गैस हेराफेरी रोकने में बड़ी कामयाबी
सारांश
Key Takeaways
- DAC आधारित एलपीजी डिलीवरी 94.5%25 से अधिक हुई, ऑनलाइन बुकिंग 99%25 तक पहुंची।
- 1 अप्रैल 2026 से अब तक 18.63 लाख 5-किलो FTL सिलेंडर बेचे गए; शुक्रवार को अकेले 80,000 बिके।
- 3 अप्रैल से 8,770 जागरूकता शिविर आयोजित, जिनमें 1,38,000 से अधिक छोटे सिलेंडर वितरित।
- अप्रैल में 1,55,524 मीट्रिक टन वाणिज्यिक एलपीजी बिकी, जो 81.85 लाख 19-किलो सिलेंडरों के बराबर।
- 7.97 लाख PNG कनेक्शन सक्रिय या तैयार; 6.05 लाख नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण।
- 42,280 PNG उपभोक्ताओं ने वेबसाइट के जरिए अपने LPG कनेक्शन स्वेच्छा से सरेंडर किए।
नई दिल्ली, 25 अप्रैल 2026। अवैध एलपीजी गैस हेराफेरी पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) प्रणाली अब ठोस नतीजे दे रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने शनिवार को जानकारी दी कि DAC आधारित एलपीजी डिलीवरी 94.5 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है और शुक्रवार को पूरे देश में ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग लगभग 99 प्रतिशत तक पहुंच गई — जो इस दिशा में अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
DAC प्रणाली क्या है और इसकी जरूरत क्यों पड़ी?
डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) एक डिजिटल सत्यापन तंत्र है, जिसके तहत एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी तभी पूर्ण मानी जाती है जब उपभोक्ता एक ओटीपी (OTP) के जरिए डिलीवरी को प्रमाणित करे। इस प्रणाली का मकसद उस व्यापक अवैध गैस हेराफेरी को रोकना है, जिसमें घरेलू सब्सिडी वाले सिलेंडर व्यावसायिक उपयोग के लिए बेचे जाते थे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह हेराफेरी सरकारी खजाने को हर साल हजारों करोड़ रुपये की चपत लगाती थी।
गौरतलब है कि एलपीजी सब्सिडी प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार पहले पहल (PAHAL) योजना के तहत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) लागू कर चुकी थी। DAC उसी कड़ी का अगला और अधिक तकनीकी चरण है।
5-किलो एफटीएल सिलेंडर बिक्री में उछाल
1 अप्रैल 2026 से अब तक देशभर में 18.63 लाख से अधिक 5-किलो के FTL (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। अकेले शुक्रवार, 25 अप्रैल को लगभग 80,000 छोटे 5-किलो सिलेंडर बिके।
3 अप्रैल 2026 से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनियों (OMCs) ने 8,770 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए हैं, जिनके माध्यम से 1,38,000 से अधिक 5-किलो FTL सिलेंडर वितरित किए गए। शुक्रवार को 230 से अधिक शिविरों के जरिए 5,717 सिलेंडर बेचे गए।
वाणिज्यिक एलपीजी और पीएनजी विस्तार
अप्रैल माह में 24 अप्रैल 2026 तक कुल 1,55,524 मीट्रिक टन वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हुई, जो 81.85 लाख से अधिक 19-किलो एलपीजी सिलेंडरों के बराबर है।
पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के मोर्चे पर भी सरकार ने उल्लेखनीय प्रगति का दावा किया है। 2026 की शुरुआत से अब तक 5.36 लाख से अधिक PNG कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं और अतिरिक्त 2.61 लाख कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार है, जिससे कुल आंकड़ा 7.97 लाख तक पहुंच गया है। इसके अलावा 6.05 लाख ग्राहकों ने नए PNG कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है।
24 अप्रैल तक 42,280 से अधिक PNG उपभोक्ताओं ने वेबसाइट के माध्यम से अपने एलपीजी कनेक्शन स्वेच्छा से सरेंडर कर दिए हैं — जो यह दर्शाता है कि उपभोक्ता PNG को एलपीजी के विकल्प के रूप में तेजी से अपना रहे हैं।
सीजीडी कंपनियों की भूमिका और सरकार की प्राथमिकताएं
IGL (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड), MGL (महानगर गैस लिमिटेड), GAIL गैस और BPCL सहित सभी प्रमुख सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियां घरेलू और वाणिज्यिक PNG कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को विशेष प्रोत्साहन दे रही हैं।
सरकार ने घरेलू PNG और CNG परिवहन क्षेत्र को 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी है। साथ ही राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों से CGD नेटवर्क विस्तार के लिए आवश्यक अनुमतियां तेजी से देने का अनुरोध किया गया है।
आम जनता पर असर और आगे की राह
DAC प्रणाली और PNG विस्तार का सीधा लाभ उन करोड़ों घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा जो वर्षों से गैस हेराफेरी के कारण समय पर सिलेंडर न मिलने की समस्या झेलते रहे हैं। जब सब्सिडी वाला गैस अवैध रूप से व्यावसायिक उपयोग में जाता है, तो असली लाभार्थी — गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार — वंचित रह जाते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि DAC अनुपालन 100 प्रतिशत के करीब पहुंच जाता है, तो सरकार एलपीजी सब्सिडी वितरण में अरबों रुपये की बचत कर सकती है, जिसे अन्य कल्याणकारी योजनाओं में लगाया जा सकता है। आने वाले महीनों में पेट्रोलियम मंत्रालय DAC अनुपालन और PNG कनेक्शन के आंकड़ों की नियमित समीक्षा करेगा और CGD नेटवर्क के विस्तार की रफ्तार को और तेज करने की योजना है।