हीटवेव 2025: बच्चों और बुजुर्गों को सबसे बड़ा खतरा, NHM के ये 6 उपाय बचाएंगे जान

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हीटवेव 2025: बच्चों और बुजुर्गों को सबसे बड़ा खतरा, NHM के ये 6 उपाय बचाएंगे जान

सारांश

भीषण गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों को हीट स्ट्रोक व डिहाइड्रेशन का सबसे ज्यादा खतरा है। NHM ने 6 आसान उपाय बताए हैं जो इन कमजोर वर्गों को लू से बचा सकते हैं। IMD ने अप्रैल-जून में असामान्य गर्मी का अलर्ट जारी किया है।

Key Takeaways

  • NHM ने चेतावनी दी है कि बच्चों और बुजुर्गों को हीटवेव 2025 में सबसे अधिक खतरा है।
  • बच्चों की पसीने की ग्रंथियां अविकसित और बुजुर्गों की ताप-नियंत्रण क्षमता कमजोर होने से जोखिम बढ़ता है।
  • दोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूप में निकलना सबसे खतरनाक माना जाता है।
  • नींबू पानी, छाछ, ORS घोल और नारियल पानी गर्मी में सबसे सुरक्षित पेय हैं।
  • IMD ने इस साल अप्रैल से जून के बीच सामान्य से अधिक तापमान का पूर्वानुमान जताया है।
  • लू के लक्षण दिखते ही तुरंत ठंडी जगह, ठंडा पानी और डॉक्टर की मदद लें।

नई दिल्ली, 23 अप्रैल 2025 (राष्ट्र प्रेस)। इस साल भीषण हीटवेव ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया है और नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने चेतावनी जारी की है कि बच्चों और बुजुर्गों को लू का खतरा सबसे अधिक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इन दोनों आयु वर्गों का शरीर बढ़ते तापमान को तेजी से नियंत्रित करने में असमर्थ होता है, जिससे हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी जानलेवा स्थितियां पैदा हो सकती हैं। थोड़ी सी सतर्कता और सही जानकारी से इन जोखिमों को काफी हद तक टाला जा सकता है।

क्यों सबसे कमजोर हैं बच्चे और बुजुर्ग?

बच्चों का शरीर अभी विकास की अवस्था में होता है और उनकी पसीने की ग्रंथियां पूरी तरह सक्रिय नहीं होतीं। इसका सीधा मतलब है कि शरीर की अतिरिक्त गर्मी बाहर निकलने का रास्ता बेहद सीमित होता है।

वहीं बुजुर्गों में उम्र के साथ शरीर की ताप-नियंत्रण क्षमता कमजोर पड़ जाती है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या हृदय रोग जैसी पुरानी बीमारियों की दवाइयां भी शरीर की गर्मी सहने की क्षमता को प्रभावित करती हैं।

NHM के आंकड़े बताते हैं कि हर साल गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक से होने वाली मौतों में बड़ा हिस्सा इन्हीं दो आयु वर्गों का होता है। यह चिंताजनक तथ्य इस बात की मांग करता है कि परिवारों और समाज दोनों स्तरों पर जागरूकता बढ़े।

लू लगने के प्रमुख लक्षण पहचानें

अगर किसी बच्चे या बुजुर्ग में अचानक चक्कर आना, तेज सिरदर्द, अत्यधिक पसीना, असामान्य कमजोरी, मतली या उल्टी जैसे संकेत दिखें तो इसे नजरअंदाज न करें। ये हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।

विशेषज्ञों की सलाह है कि ऐसी स्थिति में व्यक्ति को तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाएं, गीले कपड़े से शरीर पोछें और बिना देर किए नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

NHM के 6 प्रभावी बचाव उपाय

1. पर्याप्त जलयोजन: बच्चों और बुजुर्गों को दिनभर नींबू पानी, छाछ, ORS घोल और सादा पानी पिलाते रहें। शरीर में पानी की कमी ही लू को न्योता देती है।

2. धूप से सुरक्षा: बाहर निकलते समय टोपी, सनग्लास और हल्के सूती कपड़े जरूर पहनाएं। ये शरीर की प्राकृतिक ताप-निकासी में मदद करते हैं।

3. दोपहर घर में रहें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बच्चों और बुजुर्गों को घर के भीतर रखें क्योंकि इस दौरान सूर्य की किरणें सबसे तीव्र होती हैं।

4. हल्का और सुपाच्य भोजन: तेल-मसाले से भरपूर भारी खाने की जगह फल, सब्जियां, दही और खिचड़ी जैसे हल्के आहार दें जो शरीर को ठंडक दें।

5. हानिकारक पेय से परहेज: शराब, अधिक कैफीन और बहुत ठंडे पेय पदार्थ शरीर के तापमान को असंतुलित करते हैं। इनकी जगह आम पना, बेल का शरबत या नारियल पानी बेहतर विकल्प हैं।

6. लगातार निगरानी: बच्चों और बुजुर्गों में थकान, सुस्ती या सामान्य गतिविधियों में अचानक कमी दिखे तो उन्हें तुरंत आराम दें और डॉक्टर की सलाह लें।

स्वास्थ्य विभाग की विशेष सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने अनुशंसा की है कि घरों में पंखे, कूलर या एसी का उपयोग करें और कमरों को ठंडा बनाए रखें। यदि किसी को लू लगने का संदेह हो तो उसे ठंडे पानी से नहलाएं और फौरन चिकित्सकीय सहायता लें।

गौरतलब है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस वर्ष अप्रैल से जून के बीच सामान्य से अधिक तापमान का पूर्वानुमान जताया है। ऐसे में आने वाले हफ्तों में हीटवेव की तीव्रता और बढ़ सकती है, इसलिए अभी से सावधानी बरतना जरूरी है।

Point of View

हर साल हीटवेव की चेतावनियां जारी होती हैं और हर साल बच्चे व बुजुर्ग इसकी सबसे बड़ी कीमत चुकाते हैं — फिर भी जमीनी स्तर पर जागरूकता की भारी कमी है। विडंबना यह है कि NHM जैसी संस्थाएं उपाय बताती हैं, लेकिन ग्रामीण और निम्न-आय वर्ग तक ये जानकारी पहुंचती ही नहीं। जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में गर्मी का मौसम लंबा और तीव्र होता जा रहा है — यह अब महज मौसमी असुविधा नहीं, बल्कि एक सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट है। सरकार को चाहिए कि हीटवेव प्रबंधन को आपदा प्रबंधन के दायरे में रखकर गांव-गांव तक कूलिंग सेंटर और ओआरएस वितरण सुनिश्चित करे।
NationPress
23/04/2026

Frequently Asked Questions

हीटवेव में बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा खतरा क्यों होता है?
बच्चों की पसीने की ग्रंथियां पूरी तरह विकसित नहीं होतीं और बुजुर्गों में उम्र व दवाइयों के कारण शरीर की ताप-नियंत्रण क्षमता कमजोर होती है। इसलिए दोनों वर्गों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा सबसे अधिक रहता है।
लू लगने के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
चक्कर आना, तेज सिरदर्द, अत्यधिक पसीना, अचानक कमजोरी और मतली लू लगने के प्रमुख शुरुआती संकेत हैं। ऐसे लक्षण दिखते ही व्यक्ति को ठंडी जगह ले जाएं और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
हीटवेव से बचाव के लिए क्या पीना चाहिए?
सादा पानी, नींबू पानी, छाछ, ORS घोल, नारियल पानी और बेल का शरबत सबसे अच्छे विकल्प हैं। शराब, अधिक कैफीन और बहुत ठंडे पेय पदार्थों से बचना चाहिए।
दिन के किस समय धूप में निकलना सबसे खतरनाक है?
दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच सूर्य की किरणें सबसे तीव्र होती हैं। NHM की सलाह है कि इस समय बच्चों और बुजुर्गों को घर के भीतर ही रखें।
अगर किसी को लू लग जाए तो तुरंत क्या करें?
लू लगने पर व्यक्ति को तुरंत छायादार जगह ले जाएं, ठंडे पानी से नहलाएं या गीले कपड़े से शरीर पोछें और जल्द से जल्द डॉक्टर की मदद लें। देरी जानलेवा हो सकती है।
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