हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण नजरअंदाज न करें, NHM की चेतावनी — भीषण गर्मी में जानलेवा हो सकती है लापरवाही
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 27 मई 2026: देश के अनेक हिस्सों में भीषण लू और गर्मी का सिलसिला जारी रहने के बीच हीट स्ट्रोक का खतरा तेज़ी से बढ़ रहा है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक के शुरुआती संकेतों को अनदेखा करना जानलेवा साबित हो सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
NHM की अपील — लक्षण दिखें तो तुरंत सावधान हों
नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने आम नागरिकों से अपील की है कि शरीर में कोई भी असामान्य बदलाव दिखते ही उसे नज़रअंदाज़ न करें। मिशन के अनुसार, 'गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक एक आम लेकिन अत्यंत खतरनाक समस्या बन सकती है।' NHM ने स्पष्ट किया कि जागरूकता और समय पर कार्रवाई ही इससे बचाव का सबसे कारगर उपाय है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में तापमान सामान्य से कहीं अधिक दर्ज किया जा रहा है।
हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हीट स्ट्रोक के प्रारंभिक संकेतों में निम्नलिखित शामिल हैं:
चिड़चिड़ापन और रोना, शरीर का अत्यधिक गर्म महसूस होना, कम पेशाब आना या पेशाब का पीला पड़ना, उल्टी, तथा घबराहट या असामान्य पसीना आना। विशेषज्ञों का कहना है कि इन लक्षणों को प्रारंभिक चरण में पहचानकर तत्काल कदम उठाए जाएँ तो स्थिति को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।
गंभीर संकेत — तुरंत अस्पताल जाएँ
यदि स्थिति बिगड़ जाए तो इन गंभीर लक्षणों पर ध्यान दें: सुस्ती, बेहोशी या दौरे पड़ना, बार-बार उल्टी और दस्त, त्वचा का सूखा या अत्यधिक गर्म हो जाना, लगातार 6 घंटे से अधिक समय तक पेशाब न होना, तेज़ साँस लेना और हृदय गति का असामान्य रूप से बढ़ना। ये संकेत मेडिकल इमरजेंसी के सूचक हैं और इन्हें कभी भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
प्राथमिक उपचार — क्या करें, क्या न करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हीट स्ट्रोक की स्थिति में सबसे पहले व्यक्ति को तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाएँ। उसे ORS घोल या अधिक से अधिक तरल पदार्थ पिलाएँ और गीले कपड़े से शरीर को ठंडा करने की कोशिश करें। यदि स्थिति गंभीर दिखे तो बिना देर किए नज़दीकी अस्पताल पहुँचाएँ।
बचाव के उपाय — इन सावधानियों को अपनाएँ
हीट स्ट्रोक से बचने के लिए विशेषज्ञों ने कुछ ज़रूरी सुझाव दिए हैं। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और भरपूर पानी पिएँ। नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थों का सेवन करें। भारी, तला-भुना और मसालेदार भोजन से परहेज़ करें। घर और कार्यालय को यथासंभव ठंडा रखने की कोशिश करें। गौरतलब है कि हर साल गर्मियों में हीट स्ट्रोक से जुड़े मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जाती है, जिनमें से अधिकांश समय पर जागरूकता से टाले जा सकते थे।