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यूरोप में भीषण हीटवेव: फ्रांस में 2 बच्चों समेत 18 मौतें, ब्रिटेन के 6 क्षेत्रों में रेड अलर्ट

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यूरोप में भीषण हीटवेव: फ्रांस में 2 बच्चों समेत 18 मौतें, ब्रिटेन के 6 क्षेत्रों में रेड अलर्ट

सारांश

यूरोप इस सप्ताह की भीषण हीटवेव की चपेट में है — फ्रांस में 2 बच्चों समेत 18 मौतें, ब्रिटेन में 3 साल में दूसरी रेड वार्निंग, और 'हीट डोम' से पेरिस में जून का संभावित रिकॉर्ड तापमान। वैज्ञानिक इसे जलवायु परिवर्तन की बढ़ती मार बता रहे हैं।

मुख्य बातें

फ्रांस में सप्ताहांत से अब तक 2 बच्चों समेत 18 लोगों की हीटवेव से मौत; 3.9 करोड़ लोग रेड अलर्ट के दायरे में।
ब्रिटेन की यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने 6 क्षेत्रों में रेड हेल्थ वार्निंग जारी की — यह 2022 के बाद दूसरी बार।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इंग्लैंड और वेल्स में तापमान 38–40 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जो 1976 का जून रिकॉर्ड तोड़ सकता है।
फ्रांस में 1,350 से अधिक स्कूल बंद; एक परमाणु संयंत्र का रिएक्टर नदी के अत्यधिक गर्म पानी के कारण बंद।
जर्मनी में तैराकी हादसों में 5 मौतें ; इटली के 12 शहरों में रेड हीट अलर्ट।
वैज्ञानिकों के अनुसार 'हीट डोम' और जलवायु परिवर्तन इस चरम घटना के मुख्य कारण हैं।

यूरोप के बड़े हिस्से में इस सप्ताह भीषण हीटवेव ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। फ्रांस में 23 जून 2025 तक सप्ताहांत से अब तक कम से कम 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें दो छोटे बच्चे भी शामिल हैं जिन्हें गर्म कार के अंदर बेहोश पाया गया। उधर ब्रिटेन की यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने इंग्लैंड के छह क्षेत्रों में रेड हेल्थ वार्निंग जारी की है, जो यह संकेत देती है कि स्थिति स्वस्थ लोगों के लिए भी जानलेवा हो सकती है।

ब्रिटेन में रेड अलर्ट: क्या है खतरा

यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने वेस्ट मिडलैंड्स, ईस्ट मिडलैंड्स, साउथ ईस्ट, साउथ वेस्ट, लंदन और ईस्ट ऑफ इंग्लैंड में बुधवार सुबह 1 बजे से गुरुवार रात 11 बजे तक रेड हेल्थ वार्निंग लागू की है। इस चेतावनी के अनुसार गर्मी का असर परिवहन, भोजन, पानी, ऊर्जा आपूर्ति और व्यवसायों पर भी पड़ सकता है।

गौरतलब है कि यह ब्रिटेन में जारी की गई केवल दूसरी रेड हेल्थ वार्निंग है। इससे पहले जुलाई 2022 में पहली बार यह अलर्ट जारी हुआ था, जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस सप्ताह इंग्लैंड और वेल्स में तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जिससे 1976 का जून रिकॉर्ड भी टूट सकता है।

फ्रांस में स्थिति: 3.9 करोड़ लोग रेड ज़ोन में

फ्रांस के आधे से अधिक क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी है और लगभग 3.9 करोड़ लोग इस चेतावनी के दायरे में हैं। फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने हालात की समीक्षा के लिए आपात बैठक बुलाने का कार्यक्रम तय किया है। देश में 1,350 से अधिक स्कूल बंद करने पड़े हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण-पश्चिम फ्रांस में एक परमाणु संयंत्र को नदी का पानी अत्यधिक गर्म हो जाने के कारण एक रिएक्टर बंद करना पड़ा — जो यह दर्शाता है कि हीटवेव का असर ऊर्जा अवसंरचना तक भी पहुंच रहा है।

स्पेन, इटली और जर्मनी में भी संकट

स्पेन में मौसम एजेंसी एईएमईटी के अनुसार तापमान सामान्य से 5 से 10 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है, जबकि उत्तरी क्षेत्रों में यह अंतर 10 डिग्री से भी अधिक है। अपेक्षाकृत ठंडा माना जाने वाला इलाका सान सेबेस्टियन भी 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के अनुमान से अछूता नहीं है।

इटली ने 12 शहरों के लिए रेड हीट अलर्ट जारी किया है। जर्मनी में सप्ताहांत के दौरान तैराकी से जुड़े हादसों में 5 लोगों की मौत हुई, और फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर विमान के लंबे समय तक रनवे पर खड़े रहने के कारण कई यात्री गर्मी से बेहाल हो गए।

वैज्ञानिक क्या कहते हैं: 'हीट डोम' और जलवायु परिवर्तन

वैज्ञानिकों के अनुसार यह संकट एक 'हीट डोम' के कारण उत्पन्न हुआ है, जो पश्चिमी यूरोप के ऊपर गर्म हवा को फंसा लेता है। बेल्जियम के मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह हीटवेव एक सप्ताह तक बनी रह सकती है और तापमान रिकॉर्ड स्तर तक जा सकता है। पेरिस में जून महीने का अब तक का सबसे अधिक तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने की संभावना जताई जा रही है।

जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन इस तरह की चरम मौसम घटनाओं को और अधिक तीव्र तथा बार-बार होने वाला बना रहा है। आने वाले दिनों में यूरोपीय सरकारों के लिए राहत और बचाव उपायों की असली परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जलवायु नीति की विफलता का जीवंत प्रमाण है। फ्रांस में 2003 की भीषण गर्मी में 15,000 से अधिक मौतों के बाद यूरोपीय सरकारों ने 'हीट एक्शन प्लान' बनाए थे — फिर भी दो दशक बाद बच्चे गर्म कारों में दम तोड़ रहे हैं और परमाणु संयंत्र बंद करने पड़ रहे हैं। ब्रिटेन की रेड वार्निंग प्रणाली 2022 में बनी, लेकिन अस्पतालों और परिवहन नेटवर्क की तैयारी पर सवाल बने हुए हैं। असली चुनौती यह है कि जब 'हीट डोम' जैसी घटनाएं असाधारण नहीं बल्कि नियमित बन जाएं, तो बुनियादी ढांचे को उसी अनुसार ढालना होगा — जो अभी तक नहीं हुआ।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूरोप में हीटवेव से अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
फ्रांस में सप्ताहांत से 23 जून 2025 तक कम से कम 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें दो छोटे बच्चे शामिल हैं जिन्हें गर्म कार के अंदर बेहोश पाया गया। जर्मनी में तैराकी हादसों में 5 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गई हैं।
ब्रिटेन में रेड हेल्थ वार्निंग का क्या मतलब है?
रेड हेल्थ वार्निंग यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी का सर्वोच्च स्तर का अलर्ट है, जो यह दर्शाता है कि गर्मी स्वस्थ लोगों के लिए भी जानलेवा हो सकती है। इसका असर परिवहन, भोजन, पानी, ऊर्जा आपूर्ति और व्यवसायों पर भी पड़ सकता है।
'हीट डोम' क्या होता है और यह कैसे बनता है?
'हीट डोम' एक मौसमी घटना है जिसमें उच्च दबाव का क्षेत्र किसी इलाके के ऊपर गर्म हवा को फंसा लेता है, जिससे तापमान असामान्य रूप से ऊंचा हो जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार जलवायु परिवर्तन इस तरह की घटनाओं को अधिक तीव्र और बार-बार होने वाला बना रहा है।
फ्रांस में हीटवेव से कितने स्कूल बंद हुए और सरकार क्या कर रही है?
फ्रांस में 1,350 से अधिक स्कूल बंद किए गए हैं। प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने हालात की समीक्षा के लिए आपात बैठक बुलाने का कार्यक्रम तय किया है। देश के आधे से अधिक क्षेत्रों में रेड अलर्ट लागू है।
क्या इस हीटवेव से कोई तापमान रिकॉर्ड टूट सकता है?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इंग्लैंड और वेल्स में तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो 1976 का जून रिकॉर्ड तोड़ सकता है। पेरिस में जून का अब तक का सर्वाधिक तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने की संभावना भी जताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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