यूरोप में भीषण हीटवेव: फ्रांस में 2 बच्चों समेत 18 मौतें, ब्रिटेन के 6 क्षेत्रों में रेड अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
यूरोप के बड़े हिस्से में इस सप्ताह भीषण हीटवेव ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। फ्रांस में 23 जून 2025 तक सप्ताहांत से अब तक कम से कम 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें दो छोटे बच्चे भी शामिल हैं जिन्हें गर्म कार के अंदर बेहोश पाया गया। उधर ब्रिटेन की यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने इंग्लैंड के छह क्षेत्रों में रेड हेल्थ वार्निंग जारी की है, जो यह संकेत देती है कि स्थिति स्वस्थ लोगों के लिए भी जानलेवा हो सकती है।
ब्रिटेन में रेड अलर्ट: क्या है खतरा
यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने वेस्ट मिडलैंड्स, ईस्ट मिडलैंड्स, साउथ ईस्ट, साउथ वेस्ट, लंदन और ईस्ट ऑफ इंग्लैंड में बुधवार सुबह 1 बजे से गुरुवार रात 11 बजे तक रेड हेल्थ वार्निंग लागू की है। इस चेतावनी के अनुसार गर्मी का असर परिवहन, भोजन, पानी, ऊर्जा आपूर्ति और व्यवसायों पर भी पड़ सकता है।
गौरतलब है कि यह ब्रिटेन में जारी की गई केवल दूसरी रेड हेल्थ वार्निंग है। इससे पहले जुलाई 2022 में पहली बार यह अलर्ट जारी हुआ था, जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस सप्ताह इंग्लैंड और वेल्स में तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जिससे 1976 का जून रिकॉर्ड भी टूट सकता है।
फ्रांस में स्थिति: 3.9 करोड़ लोग रेड ज़ोन में
फ्रांस के आधे से अधिक क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी है और लगभग 3.9 करोड़ लोग इस चेतावनी के दायरे में हैं। फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने हालात की समीक्षा के लिए आपात बैठक बुलाने का कार्यक्रम तय किया है। देश में 1,350 से अधिक स्कूल बंद करने पड़े हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण-पश्चिम फ्रांस में एक परमाणु संयंत्र को नदी का पानी अत्यधिक गर्म हो जाने के कारण एक रिएक्टर बंद करना पड़ा — जो यह दर्शाता है कि हीटवेव का असर ऊर्जा अवसंरचना तक भी पहुंच रहा है।
स्पेन, इटली और जर्मनी में भी संकट
स्पेन में मौसम एजेंसी एईएमईटी के अनुसार तापमान सामान्य से 5 से 10 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है, जबकि उत्तरी क्षेत्रों में यह अंतर 10 डिग्री से भी अधिक है। अपेक्षाकृत ठंडा माना जाने वाला इलाका सान सेबेस्टियन भी 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के अनुमान से अछूता नहीं है।
इटली ने 12 शहरों के लिए रेड हीट अलर्ट जारी किया है। जर्मनी में सप्ताहांत के दौरान तैराकी से जुड़े हादसों में 5 लोगों की मौत हुई, और फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर विमान के लंबे समय तक रनवे पर खड़े रहने के कारण कई यात्री गर्मी से बेहाल हो गए।
वैज्ञानिक क्या कहते हैं: 'हीट डोम' और जलवायु परिवर्तन
वैज्ञानिकों के अनुसार यह संकट एक 'हीट डोम' के कारण उत्पन्न हुआ है, जो पश्चिमी यूरोप के ऊपर गर्म हवा को फंसा लेता है। बेल्जियम के मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह हीटवेव एक सप्ताह तक बनी रह सकती है और तापमान रिकॉर्ड स्तर तक जा सकता है। पेरिस में जून महीने का अब तक का सबसे अधिक तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने की संभावना जताई जा रही है।
जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन इस तरह की चरम मौसम घटनाओं को और अधिक तीव्र तथा बार-बार होने वाला बना रहा है। आने वाले दिनों में यूरोपीय सरकारों के लिए राहत और बचाव उपायों की असली परीक्षा होगी।