फ्रांस-स्पेन में जंगल की आग का कहर: 2.49 लाख हेक्टेयर राख, नई हीटवेव से संकट गहराया
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांस और स्पेन में भीषण जंगल की आग ने 28 जुलाई तक मिलाकर करीब 2.49 लाख हेक्टेयर वन एवं वनस्पति क्षेत्र को नष्ट कर दिया है। हजारों दमकलकर्मी दिन-रात आग बुझाने में जुटे हैं, लेकिन मौसम एजेंसियों की नई हीटवेव चेतावनी ने राहत कार्यों को और कठिन बना दिया है। यूरोपीय संघ (EU) के अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष वाइल्डफायर ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और नवंबर की शुरुआत तक खतरा बना रह सकता है।
स्पेन में तबाही का दायरा
स्पेन के मैड्रिड के पश्चिम स्थित आविला के पहाड़ी इलाके में लगी आग देश की सबसे बड़ी जंगल की आग बन चुकी है, जिसने अकेले लगभग 50,000 हेक्टेयर क्षेत्र को अपनी चपेट में लिया है। मैड्रिड के उत्तर-पश्चिम में लगी दो अन्य बड़ी आगों को मिलाकर राजधानी के आसपास करीब 77,000 हेक्टेयर भूमि जल चुकी है। इस वर्ष जनवरी से अब तक स्पेन में कुल 1.72 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र भस्म हो चुका है — जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में छह गुना अधिक है।
स्पेन के गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का ने सोमवार और मंगलवार को 'बेहद महत्वपूर्ण दिन' बताते हुए कहा कि बुधवार से तापमान फिर बढ़ने वाला है। स्पेन की मौसम एजेंसी एईमेट (AEMET) के अनुसार हीटवेव कम से कम रविवार तक जारी रहेगी, और तेज गर्मी के साथ दक्षिणी हवाएं आग बुझाने के कार्य को और दुष्कर बना देंगी।
फ्रांस में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की सबसे बड़ी आग
फ्रांस में गिरोंद क्षेत्र की आग अब तक 42,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि को राख में बदल चुकी है, जिससे यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद देश की सबसे विनाशकारी जंगल की आग बन गई है। बोर्डो के निकट सेस्तास क्षेत्र में भारी मशीनों की सहायता से पेड़ों को हटाकर फायरब्रेक तैयार किए जा रहे हैं।
फ्रांसीसी अधिकारियों के अनुसार, अब तक 2.2 लाख से अधिक लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। लांद क्षेत्र की आग काफी हद तक नियंत्रित की जा चुकी है, हालांकि वह अभी भी खतरनाक बनी हुई है और उस क्षेत्र से 30,000 से अधिक लोगों को विस्थापित किया गया था। जनवरी से अब तक फ्रांस में 1.16 लाख हेक्टेयर से अधिक जंगल और वनस्पति जल चुकी है — जबकि पूरे वर्ष 2025 में यह आंकड़ा लगभग 70,000 हेक्टेयर था।
राष्ट्राध्यक्षों की प्रतिक्रिया
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि आने वाले सप्ताह कठिन होंगे और सभी को सतर्क रहना होगा। स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने चेतावनी दी कि देश के सामने 'कठिन और जटिल घंटे' हैं। सांचेज ने यह भी कहा कि जंगल की आग अब अलग-थलग घटनाएं नहीं रह गई हैं, बल्कि यह जलवायु आपातकाल का सबसे दर्दनाक संकेत है — बढ़ती गर्मी और लगातार आने वाली हीटवेव इन्हें अधिक विनाशकारी बना रही हैं और अब यह अपवाद नहीं, बल्कि नई वास्तविकता बन चुकी है।
आने वाले घंटे निर्णायक
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि फ्रांस के कुछ हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दोनों देशों में दमकलकर्मी समय के विरुद्ध जंग लड़ रहे हैं और आने वाले 24 से 48 घंटे आग पर नियंत्रण पाने के लिहाज से अत्यंत निर्णायक माने जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पूरा यूरोप जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती गर्मी और अधिक बारंबार होती आपदाओं से जूझ रहा है।