गुजरात में भारी बारिश का कहर: CM भूपेंद्र पटेल ने अमित शाह से माँगी केंद्रीय मदद, NDRF तैनाती के संकेत
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार, 23 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर राज्य में — विशेष रूप से दक्षिण गुजरात में — मानसूनी बारिश से उत्पन्न संकट की विस्तृत जानकारी दी और केंद्र सरकार से बचाव एवं राहत कार्यों के लिए तत्काल सहायता का अनुरोध किया। राज्य सरकार के अनुसार, गृह मंत्री शाह ने हर आवश्यक मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री की समीक्षा और निर्देश
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र का दौरा कर बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की। इस बैठक में मुख्य सचिव एम.के. दास और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने मंत्री नरेश पटेल और वलसाड जिले के कलेक्टर से फोन पर हालात की जानकारी ली।
उन्होंने सूरत और नवसारी के जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया कि निचले और जलभराव वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की अतिरिक्त टीमें भी तैनात की जाएंगी।
प्रभावित जिलों में स्थिति
डांग जिले में भारी बारिश के कारण पंचायत सड़क एवं भवन विभाग के अंतर्गत 47 सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गईं, हालाँकि बाद में वघई-अहवा मार्ग पर बना अवरोध हटा लिया गया। नवसारी जिले में लगातार वर्षा और ऊपरी क्षेत्रों से आए पानी के कारण जूज और केलिया बाँध ओवरफ्लो हो गए। प्रशासन ने पूर्णा नदी के निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की चेतावनी जारी की है।
तापी जिले के डोलवन तालुका के धोड़ियावाड़ फलिया इलाके से 11 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। सूरत जिले में एहतियात के तौर पर गुरुवार को प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों में भी अवकाश घोषित किया गया।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण और मध्य गुजरात के कई हिस्सों में आगे भी भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है। यह स्थिति ऐसे समय में उत्पन्न हुई है जब मानसून का मौसम अपने चरम पर है और राज्य के कई जिलों में यातायात पहले से बाधित है।
आगे की कार्रवाई
प्रशासन लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों से सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित जिलों में जारी हैं और स्थिति के अनुसार अतिरिक्त संसाधन जुटाने की तैयारी है।