23 जुलाई 2026
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गुजरात में भारी बारिश का कहर: CM भूपेंद्र पटेल ने केंद्र से माँगी मदद, अमित शाह ने दिया भरोसा

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गुजरात में भारी बारिश का कहर: CM भूपेंद्र पटेल ने केंद्र से माँगी मदद, अमित शाह ने दिया भरोसा

सारांश

दक्षिण गुजरात में मानसून का कहर — बाँध ओवरफ्लो, 47 सड़कें बंद, 11 लोग रेस्क्यू। CM भूपेंद्र पटेल ने गृह मंत्री अमित शाह से केंद्रीय मदद माँगी, NDRF की अतिरिक्त टीमें तैयार। IMD ने और भारी बारिश की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

CM भूपेंद्र पटेल ने 23 जुलाई 2026 को गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर केंद्रीय राहत सहायता माँगी; शाह ने हर ज़रूरी मदद का आश्वासन दिया।
दक्षिण गुजरात के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित; डांग में 47 सड़कें बंद, नवसारी में जूज और केलिया बाँध ओवरफ्लो।
तापी जिले के धोड़ियावाड़ फलिया से 11 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
सूरत में सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र 23 जुलाई को बंद रहे।
आवश्यकता पड़ने पर NDRF की अतिरिक्त टीमें तैनात करने की घोषणा।
IMD ने दक्षिण और मध्य गुजरात में आगे भी भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 23 जुलाई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर राज्य में — विशेषकर दक्षिण गुजरात में — जारी भारी बारिश की स्थिति से अवगत कराया और बचाव एवं राहत कार्यों के लिए केंद्र सरकार की मदद माँगी। गृह मंत्री शाह ने हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र में समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र का दौरा कर प्रभावित इलाकों की स्थिति और विभिन्न जिलों में चल रहे राहत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में मुख्य सचिव एमके दास और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने मंत्री नरेश पटेल तथा वलसाड जिले के कलेक्टर से फोन पर बात कर राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने सूरत और नवसारी के जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया कि निचले और जलभराव वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

NDRF की अतिरिक्त टीमें तैनात करने की तैयारी

मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की अतिरिक्त टीमें तैनात की जाएंगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब लगातार मानसूनी बारिश से दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो चुका है और कई जिलों में यातायात बाधित है।

ज़मीनी स्थिति: बाँध ओवरफ्लो, सड़कें बंद, स्कूलों में छुट्टी

डांग जिले में भारी बारिश के कारण पंचायत सड़क एवं भवन विभाग के तहत 47 सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गई थीं, हालाँकि बाद में वघई-अहवा मार्ग पर बना अवरोध हटा दिया गया। नवसारी जिले में जूज और केलिया बाँध ओवरफ्लो हो गए, जिससे प्रशासन ने पूर्णा नदी के निचले इलाकों में बाढ़ की चेतावनी जारी की।

तापी जिले के डोलवन तालुका के धोड़ियावाड़ फलिया क्षेत्र से 11 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। सूरत जिले में एहतियात के तौर पर प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों में भी 23 जुलाई को छुट्टी घोषित की गई।

मौसम विभाग की चेतावनी और आगे की राह

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण और मध्य गुजरात के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्य निर्बाध जारी हैं। केंद्र सरकार के आश्वासन के बाद राज्य प्रशासन अतिरिक्त संसाधनों की तैनाती की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सड़कें बंद, और फिर दिल्ली को फोन। असली सवाल यह है कि राज्य की आपदा-पूर्व तैयारी — जल निकासी अवसंरचना, बाँध प्रबंधन, अर्ली-वार्निंग सिस्टम — कहाँ तक मज़बूत हुई है। NDRF की 'ज़रूरत पड़ने पर' तैनाती प्रतिक्रियात्मक रणनीति है, निवारक नहीं। दक्षिण गुजरात के जिले हर साल इसी चक्र में फँसते हैं, और जब तक बाढ़ प्रबंधन को चुनावी एजेंडे से जोड़ा नहीं जाता, यह समीक्षा बैठकें महज़ औपचारिकता बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में भारी बारिश से सबसे अधिक कौन से जिले प्रभावित हैं?
दक्षिण गुजरात के नवसारी, सूरत, तापी, डांग और वलसाड जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। नवसारी में बाँध ओवरफ्लो हुए हैं और पूर्णा नदी के निचले इलाकों में बाढ़ की चेतावनी जारी है।
CM भूपेंद्र पटेल ने केंद्र से क्या मदद माँगी है?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गृह मंत्री अमित शाह से बचाव और राहत कार्यों के लिए केंद्रीय सहायता माँगी। इसमें NDRF की अतिरिक्त टीमों की तैनाती और अन्य ज़रूरी संसाधन शामिल हैं।
गुजरात में बाढ़ राहत के लिए NDRF कब तैनात होगी?
मुख्यमंत्री पटेल ने कहा है कि ज़रूरत पड़ने पर NDRF की अतिरिक्त टीमें तैनात की जाएंगी। फिलहाल राज्य प्रशासन स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और तैनाती की तैयारी पूरी है।
IMD ने गुजरात के लिए क्या मौसम पूर्वानुमान जारी किया है?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण और मध्य गुजरात के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
गुजरात बाढ़ में अब तक कितने लोगों को बचाया गया है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार तापी जिले के डोलवन तालुका के धोड़ियावाड़ फलिया इलाके से 11 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। अन्य जिलों में भी राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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