अहमदाबाद बाढ़: CM भूपेंद्र पटेल ने बोपल, अंबली, घुमा का पैदल दौरा किया, राहत में तेज़ी के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार, 24 जुलाई को अहमदाबाद के भारी बारिश से जलमग्न इलाकों का स्वयं निरीक्षण किया। उन्होंने बोपल, अंबली और घुमा जैसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर अधिकारियों को राहत, बचाव और जल-निकासी कार्यों में तत्काल तेज़ी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री का ज़मीनी निरीक्षण
मुख्यमंत्री पटेल ने बोपल में जलजमाव की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए बाढ़ प्रभावित गलियों में पैदल चलकर स्थानीय निवासियों से सीधी बातचीत की। यह कदम महज़ औपचारिक दौरा नहीं था — उन्होंने मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पानी निकासी की प्रगति और बचाव अभियान की विस्तृत समीक्षा की।
अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आवश्यक जनशक्ति, उपकरण और संसाधन बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराए जाएँ। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी रिहायशी सोसाइटी जलमग्न अवस्था में नहीं रहनी चाहिए और इस लक्ष्य के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जाए।
समीक्षा बैठक और प्रशासनिक निर्देश
बोपल के बाद मुख्यमंत्री ने अंबली और घुमा का भी दौरा किया और वहाँ अहमदाबाद नगर निगम (AMC), पुलिस तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में कैबिनेट मंत्री ऋषिकेश पटेल, अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट, नगर आयुक्त बंछानिधि पानी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित इलाकों में सफाई अभियान और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि बीमारियों का प्रकोप न फैले।
AMC की आपातकालीन प्रतिक्रिया
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि जल-जमाव, पेड़ गिरने, सड़क धंसने और अन्य बारिश-संबंधी घटनाओं की शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। AMC की आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों ने भारी बारिश के दौरान पेड़ और टहनियाँ गिरने से जुड़ी 166 शिकायतों पर कार्रवाई की।
नगर निकाय के अनुसार, 129 पेड़ गिरने और 52 टहनियाँ गिरने की घटनाओं को निपटाया गया। सफाई अभियान पूरा होने के बाद शहर में कोई भी सड़क पेड़ गिरने के कारण बंद नहीं रही और यातायात सामान्य रूप से बहाल हो गया।
तैनाती और निगरानी व्यवस्था
अधिकारियों ने बताया कि लगातार गश्त और निगरानी के लिए पश्चिम, पूर्व, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, मध्य और दक्षिण ज़ोन में गार्डन विभाग की टीमें जनशक्ति और मशीनरी के साथ तैनात की गई थीं। शाहीबाग में एक स्थान पर कार्य जारी था, हालाँकि वहाँ यातायात प्रभावित नहीं हुआ।
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब गुजरात में मानसून की भारी बारिश ने कई शहरी इलाकों को जलमग्न कर दिया है। आने वाले दिनों में प्रशासन की प्रतिक्रिया की गति और पारदर्शिता यह तय करेगी कि राहत कार्य वास्तव में ज़मीन पर कितने प्रभावी रहे।