24 जुलाई 2026
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अहमदाबाद बाढ़: CM भूपेंद्र पटेल ने बोपल, अंबली, घुमा का पैदल दौरा किया, राहत में तेज़ी के आदेश

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अहमदाबाद बाढ़: CM भूपेंद्र पटेल ने बोपल, अंबली, घुमा का पैदल दौरा किया, राहत में तेज़ी के आदेश

सारांश

CM भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद के जलमग्न इलाकों में खुद पैदल उतरकर हालात का जायज़ा लिया — यह केवल औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि युद्धस्तरीय राहत का सीधा संदेश था। AMC ने 166 शिकायतों पर कार्रवाई की और शहर की सभी सड़कें यातायात के लिए बहाल हो गईं।

मुख्य बातें

CM भूपेंद्र पटेल ने 24 जुलाई को बोपल, अंबली और घुमा का पैदल निरीक्षण कर राहत कार्यों में तेज़ी के आदेश दिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कोई भी रिहायशी सोसाइटी जलमग्न न रहे और युद्धस्तर पर जल-निकासी की जाए।
समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री ऋषिकेश पटेल , मेयर हितेश बारोट और नगर आयुक्त बंछानिधि पानी शामिल हुए।
AMC की टीमों ने पेड़-टहनी गिरने की 166 शिकायतों पर कार्रवाई की; 129 पेड़ और 52 टहनियाँ गिरने की घटनाएँ दर्ज।
बाढ़ उतरने के बाद प्रभावित इलाकों में सफाई और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को प्राथमिकता देने के निर्देश।
6 ज़ोन में गार्डन विभाग की टीमें तैनात; शाहीबाग में कार्य जारी, यातायात अप्रभावित।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार, 24 जुलाई को अहमदाबाद के भारी बारिश से जलमग्न इलाकों का स्वयं निरीक्षण किया। उन्होंने बोपल, अंबली और घुमा जैसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर अधिकारियों को राहत, बचाव और जल-निकासी कार्यों में तत्काल तेज़ी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री का ज़मीनी निरीक्षण

मुख्यमंत्री पटेल ने बोपल में जलजमाव की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए बाढ़ प्रभावित गलियों में पैदल चलकर स्थानीय निवासियों से सीधी बातचीत की। यह कदम महज़ औपचारिक दौरा नहीं था — उन्होंने मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पानी निकासी की प्रगति और बचाव अभियान की विस्तृत समीक्षा की।

अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आवश्यक जनशक्ति, उपकरण और संसाधन बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराए जाएँ। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी रिहायशी सोसाइटी जलमग्न अवस्था में नहीं रहनी चाहिए और इस लक्ष्य के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जाए।

समीक्षा बैठक और प्रशासनिक निर्देश

बोपल के बाद मुख्यमंत्री ने अंबली और घुमा का भी दौरा किया और वहाँ अहमदाबाद नगर निगम (AMC), पुलिस तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में कैबिनेट मंत्री ऋषिकेश पटेल, अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट, नगर आयुक्त बंछानिधि पानी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित इलाकों में सफाई अभियान और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि बीमारियों का प्रकोप न फैले।

AMC की आपातकालीन प्रतिक्रिया

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि जल-जमाव, पेड़ गिरने, सड़क धंसने और अन्य बारिश-संबंधी घटनाओं की शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। AMC की आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों ने भारी बारिश के दौरान पेड़ और टहनियाँ गिरने से जुड़ी 166 शिकायतों पर कार्रवाई की।

नगर निकाय के अनुसार, 129 पेड़ गिरने और 52 टहनियाँ गिरने की घटनाओं को निपटाया गया। सफाई अभियान पूरा होने के बाद शहर में कोई भी सड़क पेड़ गिरने के कारण बंद नहीं रही और यातायात सामान्य रूप से बहाल हो गया।

तैनाती और निगरानी व्यवस्था

अधिकारियों ने बताया कि लगातार गश्त और निगरानी के लिए पश्चिम, पूर्व, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, मध्य और दक्षिण ज़ोन में गार्डन विभाग की टीमें जनशक्ति और मशीनरी के साथ तैनात की गई थीं। शाहीबाग में एक स्थान पर कार्य जारी था, हालाँकि वहाँ यातायात प्रभावित नहीं हुआ।

यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब गुजरात में मानसून की भारी बारिश ने कई शहरी इलाकों को जलमग्न कर दिया है। आने वाले दिनों में प्रशासन की प्रतिक्रिया की गति और पारदर्शिता यह तय करेगी कि राहत कार्य वास्तव में ज़मीन पर कितने प्रभावी रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि अहमदाबाद जैसे स्मार्ट सिटी में हर मानसून में यही दृश्य क्यों दोहराया जाता है। शहरी जल-निकासी अवसंरचना की दीर्घकालिक कमज़ोरी पर न तो इस बैठक में चर्चा हुई, न आदेशों में इसका उल्लेख है। युद्धस्तरीय राहत ज़रूरी है, लेकिन बिना संरचनागत सुधार के यह हर साल का चक्र बना रहेगा। जवाबदेही तब बनेगी जब AMC के राहत दावों का स्वतंत्र सत्यापन हो।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद के किन इलाकों का दौरा किया?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 24 जुलाई को बोपल, अंबली और घुमा का दौरा किया, जो भारी बारिश के कारण जलमग्न हो गए थे। बोपल में उन्होंने बाढ़ प्रभावित गलियों में पैदल चलकर निवासियों से बातचीत की।
अहमदाबाद में बाढ़ राहत के लिए क्या निर्देश दिए गए?
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को युद्धस्तर पर जल-निकासी करने, आवश्यक जनशक्ति व उपकरण तुरंत उपलब्ध कराने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी रिहायशी सोसाइटी जलमग्न न रहे। बाढ़ उतरने के बाद सफाई और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को प्राथमिकता देने का भी आदेश दिया गया।
AMC ने भारी बारिश के दौरान कितनी शिकायतों पर कार्रवाई की?
AMC की आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों ने पेड़ और टहनियाँ गिरने से जुड़ी 166 शिकायतों पर कार्रवाई की, जिनमें 129 पेड़ गिरने और 52 टहनियाँ गिरने की घटनाएँ शामिल थीं। सफाई के बाद शहर में कोई भी सड़क बंद नहीं रही।
समीक्षा बैठक में कौन-कौन से अधिकारी शामिल हुए?
बैठक में कैबिनेट मंत्री ऋषिकेश पटेल, अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट, नगर आयुक्त बंछानिधि पानी और AMC, पुलिस व अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
अहमदाबाद में जल-निकासी के लिए कौन-से ज़ोन में टीमें तैनात की गईं?
गार्डन विभाग की टीमें पश्चिम, पूर्व, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, मध्य और दक्षिण — कुल 6 ज़ोन में जनशक्ति और मशीनरी के साथ तैनात की गईं। शाहीबाग में एक स्थान पर कार्य जारी था, जहाँ यातायात प्रभावित नहीं हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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