20 अगस्त 2026
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पश्चिम मिदनापुर के सबांग में बाढ़ से 2 मौतें, 3,200 घर क्षतिग्रस्त; CM सुवेंदु अधिकारी ने किया दौरा

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पश्चिम मिदनापुर के सबांग में बाढ़ से 2 मौतें, 3,200 घर क्षतिग्रस्त; CM सुवेंदु अधिकारी ने किया दौरा

सारांश

पश्चिम मिदनापुर के सबांग में बाढ़ ने 2 जानें लीं और 3,200 घर तबाह किए। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने खुद मोर्चा संभाला — ₹30,000 प्रति परिवार मुआवजे का ऐलान और TMC पर तीखा हमला। DVC के पानी छोड़ने से आरामबाग में भी खतरा मंडरा रहा है।

मुख्य बातें

पश्चिम मिदनापुर के सबांग में बाढ़ से 2 लोगों की मौत और 3,200 घर क्षतिग्रस्त।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 20 अगस्त 2026 को प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया।
प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹30,000 मुआवजा देने की घोषणा।
किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा दिलाने का प्रयास होगा।
DVC द्वारा पानी छोड़े जाने की आशंका से हुगली जिले के आरामबाग में अलर्ट जारी।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 20 अगस्त 2026 को बताया कि पश्चिम मिदनापुर जिले के सबांग में आई भीषण बाढ़ में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है और 3,200 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयं प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री अधिकारी ने गुरुवार दोपहर सबांग पहुँचकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने स्थानीय ब्लॉक विकास कार्यालय में जिला अधिकारियों, विधायकों और मंत्रियों के साथ प्रशासनिक समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने नुकसान का ब्यौरा साझा किया।

उन्होंने दावा किया कि बाढ़ प्रभावित लोगों ने उन्हें बताया कि 1986 के बाद पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र का प्रत्यक्ष दौरा किया है — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

मुआवजे की घोषणा

राज्य सरकार ने बाढ़ में क्षतिग्रस्त घरों के प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹30,000 का मुआवजा देने की घोषणा की है। इसके अलावा, जिन किसानों की फसलें बाढ़ में बर्बाद हुई हैं, उन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि बाढ़ से प्रभावित चटाई बनाने वाले कारीगरों को किसी बीमा योजना के अंतर्गत लाने के लिए राज्य सरकार को अलग रणनीति तैयार करनी होगी, क्योंकि वे मौजूदा बीमा ढाँचे से बाहर हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया और राजनीतिक संदर्भ

मुख्यमंत्री अधिकारी ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने इस क्षेत्र के लोगों को इंसान नहीं समझा। उन्होंने कहा, 'मेरा जीवन ग्रामीण बंगाल से शुरू होता है और ग्रामीण बंगाल में ही समाप्त होगा।' यह दौरा ऐसे समय में आया है जब राज्य में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तीव्र है और बाढ़ राहत प्रशासन की क्षमता की परीक्षा बन गई है।

आरामबाग में सतर्कता

मुख्यमंत्री ने बताया कि हुगली जिले के आरामबाग में अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन दामोदर घाटी निगम (DVC) द्वारा बाँधों से ताजा पानी छोड़े जाने की संभावना के चलते स्थिति बिगड़ सकती है। उन्होंने हुगली जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

आगे की राह

राज्य प्रशासन प्रभावित परिवारों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू करेगा और किसानों के लिए फसल बीमा दावों को प्राथमिकता दी जाएगी। चटाई कारीगरों के लिए राहत की रूपरेखा अभी तय की जानी है। DVC के जल-प्रवाह पर नज़र रखते हुए आरामबाग में एहतियाती तैयारियाँ जारी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। ₹30,000 प्रति परिवार का मुआवजा छोटे घरों के नुकसान की तुलना में सीमित राहत है, और चटाई कारीगरों को बीमा के दायरे से बाहर रखना एक नीतिगत खामी को उजागर करता है जो वर्षों से अनदेखी रही है। DVC के जल प्रबंधन और आरामबाग में संभावित बाढ़ का मुद्दा यह भी दर्शाता है कि अंतर-राज्यीय जल समन्वय अभी भी एक अनसुलझी चुनौती बना हुआ है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सबांग बाढ़ में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घर क्षतिग्रस्त हुए?
पश्चिम मिदनापुर जिले के सबांग में आई बाढ़ में अब तक 2 लोगों की मौत हुई है और 3,200 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 20 अगस्त 2026 को दौरे के बाद मीडिया को दी।
बाढ़ पीड़ितों को कितना मुआवजा मिलेगा?
राज्य सरकार ने प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹30,000 का मुआवजा देने की घोषणा की है। इसके अलावा, किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
चटाई बनाने वाले कारीगरों को राहत कैसे मिलेगी?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने माना कि बाढ़ प्रभावित चटाई कारीगर मौजूदा बीमा योजनाओं के दायरे से बाहर हैं। राज्य सरकार को इनके लिए अलग राहत रणनीति तैयार करनी होगी, जिसका ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है।
आरामबाग में बाढ़ का खतरा क्यों है?
हुगली जिले के आरामबाग में अभी बाढ़ नहीं है, लेकिन दामोदर घाटी निगम (DVC) द्वारा बाँधों से ताजा पानी छोड़े जाने की स्थिति में हालात बिगड़ सकते हैं। मुख्यमंत्री ने हुगली जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
CM सुवेंदु अधिकारी का सबांग दौरा क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है?
अधिकारी ने दावा किया कि स्थानीय लोगों के अनुसार 1986 के बाद पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने इस बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का प्रत्यक्ष दौरा किया है — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। यह दौरा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने पूर्ववर्ती TMC सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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