25 जुलाई 2026
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गुजरात में भारी बारिश: हाईवे बंद, माछू-2 डैम से 49,000 क्यूसेक पानी छोड़ने की चेतावनी, 41 लोग सुरक्षित निकाले

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गुजरात में भारी बारिश: हाईवे बंद, माछू-2 डैम से 49,000 क्यूसेक पानी छोड़ने की चेतावनी, 41 लोग सुरक्षित निकाले

सारांश

गुजरात में 25 जुलाई को भारी बारिश ने कई जिलों को संकट में डाल दिया। माछू-2 डैम से 49,000 क्यूसेक पानी छोड़ने की चेतावनी के बीच मोरबी के 20 गाँव अलर्ट पर हैं। अहमदाबाद-विरमगाम समेत कई हाईवे बंद, 41 लोग सुरक्षित निकाले गए।

मुख्य बातें

25 जुलाई को गुजरात के अहमदाबाद, सुरेंद्रनगर, पाटन, मोरबी और डांग जिलों में भारी बारिश से हालात गंभीर।
सनाथल-बगोदरा और अहमदाबाद-विरमगाम हाईवे बंद; वाहन चालकों को धोलेरा एक्सप्रेस हाईवे से जाने की सलाह।
माछू-2 डैम के गेट खोलकर 49,000 क्यूसेक पानी छोड़ने की चेतावनी; मोरबी शहर व 20 गाँव अलर्ट पर।
पाटन से 35 और सुरेंद्रनगर से 6 — कुल 41 लोग बचाव दलों ने सुरक्षित निकाले।
धोलीधाजा डैम 100% क्षमता पर; 14 निचले इलाकों को सतर्क रहने की चेतावनी।
डांग में बिजली व मोबाइल सेवाएँ बाधित; डीजीवीसीएल और बीएसएनएल की टीमें मरम्मत में जुटीं।

गुजरात के कई जिलों में 25 जुलाई को भारी बारिश के कारण स्थिति गंभीर हो गई है — प्रमुख हाईवे बंद कर दिए गए हैं, माछू-2 डैम के गेट खोलकर लगभग 49,000 क्यूसेक पानी छोड़ने की चेतावनी जारी की गई है, और अब तक 41 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है। अहमदाबाद, सुरेंद्रनगर, पाटन, मोरबी और डांग जिलों में प्रशासन 24 घंटे हाई अलर्ट पर है।

हाईवे बंद: यातायात पर असर

चांगोदर और बावला के बीच सनाथल-बगोदरा हाईवे पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। अधिकारियों ने वाहन चालकों को वेजलका-बगोदरा मार्ग से धोलेरा एक्सप्रेस हाईवे का उपयोग करने की सलाह दी है। राजकोट से आने वाले वाहनों को भी डायवर्जन के जरिए भेजा जा रहा है।

अहमदाबाद-विरमगाम हाईवे भी अत्यधिक जलभराव के कारण बंद है। अधिकारियों के अनुसार साणंद और विरमगाम के बीच दोनों दिशाओं में यातायात असुरक्षित है और हालात सामान्य होने तक हाईवे बंद रहेगा। लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने और बचाव दलों के साथ सहयोग करने की अपील की गई है।

बचाव अभियान: रात भर चला ऑपरेशन

पाटन जिले के संतालपुर तालुका स्थित छांसारा गाँव के 10 परिवारों के 35 लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया। इन्हें गाँव के स्कूल में आश्रय दिया गया है।

सुरेंद्रनगर जिले के पाटडी तालुका के कोचाडा गाँव में रात भर चले बचाव अभियान में 6 लोगों को नाव के जरिए सुरक्षित निकाला गया। पाटन फायर टीम और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर यह ऑपरेशन रात 1:10 बजे शुरू किया, जो 2:30 बजे सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

माछू-2 डैम से पानी छोड़ने की चेतावनी

ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण माछू-2 डैम का जलस्तर तेज़ी से बढ़ा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि शनिवार को डैम के गेट खोलकर नदी में करीब 49,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। मोरबी शहर और मोरबी तालुका के 20 गाँवों के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है। निचले इलाकों के निवासियों को नदी से दूर रहने और अपने पशुओं व सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का निर्देश दिया गया है।

सुरेंद्रनगर में धोलीधाजा डैम पूरी क्षमता पर

नर्मदा नहर से अतिरिक्त जलप्रवाह के चलते सुरेंद्रनगर जिले का धोलीधाजा डैम अपनी 100 प्रतिशत क्षमता पर पहुँच गया है। प्रशासन ने सुरेंद्रनगर, रतनपार, जोरावरनगर, वधवान, मेमका, भदियाद, नाना केरला, सांकली, शियाणी, नटवरगढ़, दौलतपार, रामराजपार, जम्बू और परनाला सहित कई निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है।

डांग में बिजली-संचार सेवाएँ बाधित

डांग जिले में भारी बारिश के कारण बिजली और संचार सेवाओं में गंभीर व्यवधान आया है। डीजीवीसीएल और बीएसएनएल की टीमें क्रमशः विद्युत आपूर्ति और मोबाइल कनेक्टिविटी बहाल करने में जुटी हैं। अधिकारियों ने कहा कि मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में मानसून पहले ही सामान्य से अधिक सक्रिय रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आने वाले घंटों में स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब उसी डैम के टूटने से हज़ारों जानें गई थीं; इसलिए इस बार की चेतावनी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। सवाल यह है कि जब हर साल यही हाईवे बंद होते हैं और यही डैम उफनते हैं, तो दीर्घकालिक जल-प्रबंधन और बाढ़-रोधी बुनियादी ढाँचे पर निवेश कब होगा? तात्कालिक बचाव सराहनीय है, लेकिन असली जवाबदेही की परीक्षा मानसून के बाद शुरू होती है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में बाढ़ की स्थिति कहाँ-कहाँ है?
25 जुलाई को अहमदाबाद, सुरेंद्रनगर, पाटन, मोरबी और डांग जिलों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। इन जिलों में हाईवे बंद हैं, डैम अलर्ट पर हैं और बचाव अभियान जारी है।
माछू-2 डैम से पानी क्यों छोड़ा जाएगा और इसका असर क्या होगा?
ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा के कारण माछू-2 डैम का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है, इसलिए शनिवार को गेट खोलकर लगभग 49,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। इससे मोरबी शहर और तालुका के 20 गाँवों में बाढ़ का खतरा है।
गुजरात में अब तक कितने लोगों को निकाला गया है?
अब तक कुल 41 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है — पाटन जिले के छांसारा गाँव से 35 और सुरेंद्रनगर के कोचाडा गाँव से 6 लोग। निकाले गए लोगों को स्कूल भवन में आश्रय दिया गया है।
कौन-कौन से हाईवे बंद हैं और वैकल्पिक मार्ग क्या है?
सनाथल-बगोदरा हाईवे (चांगोदर-बावला के बीच) और अहमदाबाद-विरमगाम हाईवे बंद हैं। वाहन चालकों को वेजलका-बगोदरा मार्ग से धोलेरा एक्सप्रेस हाईवे का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
धोलीधाजा डैम की स्थिति क्या है और किन इलाकों को चेतावनी दी गई है?
नर्मदा नहर से अतिरिक्त जलप्रवाह के कारण सुरेंद्रनगर का धोलीधाजा डैम 100 प्रतिशत क्षमता पर पहुँच गया है। सुरेंद्रनगर, रतनपार, जोरावरनगर, वधवान, मेमका सहित 14 से अधिक निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और पशुओं व सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की चेतावनी दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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