23 जुलाई 2026
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गुजरात में भारी बारिश: कावेरी नदी 27 फीट पर, नवसारी-डांग में 218 सड़कें बंद

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गुजरात में भारी बारिश: कावेरी नदी 27 फीट पर, नवसारी-डांग में 218 सड़कें बंद

सारांश

गुजरात के नवसारी, डांग, तापी, वलसाड और सूरत जिलों में भारी बारिश ने तबाही मचाई है। कावेरी नदी खतरे के निशान से 8 फीट ऊपर 27 फीट पर है, 218 सड़कें बंद हैं और बारडोली में 50 से अधिक घर जलमग्न हो गए हैं।

मुख्य बातें

नवसारी में कावेरी नदी का जलस्तर 27 फीट तक पहुँचा — खतरे के निशान 19 फीट से 8 फीट ऊपर।
पूर्णा नदी 24 फीट पर; नवसारी में 218 अंदरूनी सड़कें बंद।
डांग के वाघई में 14 इंच , वंसदा में 15 इंच से अधिक बारिश दर्ज।
बारडोली में सिविल कोर्ट इलाके के पास 50 से अधिक घर जलमग्न; निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया।
दोसवाड़ा बांध (सूरत) ओवरफ्लो; मिंधोला और औरंगा नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर।
मंत्री नरेश पटेल ने चेतावनी दी कि नवसारी में स्थिति 'कल से भी अधिक कठिन' हो सकती है।

गुजरात के कई जिलों में 23 जुलाई को भारी बारिश के चलते नदियाँ उफान पर आ गईं और बाढ़ जैसे हालात बन गए। नवसारी जिले में कावेरी नदी का जलस्तर 27 फीट तक पहुँच गया — जो इसके 19 फीट के खतरे के निशान से काफी ऊपर है — जबकि पूर्णा नदी 24 फीट पर बह रही है। प्रशासन ने 218 अंदरूनी सड़कें बंद कर दी हैं और निचले इलाकों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

मुख्य घटनाक्रम

डांग जिले के वाघई में 14 इंच से अधिक और वंसदा में बीती रात 10 बजे से 15 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है। अंबिका नदी पर स्थित गिरा वॉटरफॉल में पानी का तेज बहाव देखा जा रहा है, जिसके चलते प्रशासन ने पर्यटकों के वहाँ जाने पर रोक लगा दी है।

तापी जिले के डोलवन के पास नेशनल हाईवे 56 पर जलभराव से यातायात ठप हो गया। व्यारा के कई इलाकों में एक तालाब से छोड़े गए पानी और मिंधोला नदी के उफान से निचले इलाके जलमग्न हो गए।

सरकार की प्रतिक्रिया

राज्य के मंत्री नरेश पटेल ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील करते हुए कहा, 'नवसारी में स्थिति कल से भी अधिक कठिन हो सकती है।' उन्होंने नदियों, झरनों और निचले इलाकों से दूर रहने की चेतावनी भी दी। प्रशासन स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए है और कई जगहों पर अलर्ट जारी किया गया है।

वलसाड और सूरत में भी बाढ़ जैसे हालात

वलसाड में लगातार बारिश के कारण औरंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। सूरत के दोसवाड़ा बांध के ओवरफ्लो होने से मिंधोला नदी में बाढ़ की स्थिति बन गई है। बारडोली के सिविल कोर्ट इलाके के पास 50 से अधिक घर पानी में डूब गए हैं और प्रशासन ने प्रभावित निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है।

आम जनता पर असर

नवसारी, डांग, तापी, वलसाड और सूरत जिलों में हजारों लोग बाढ़ के प्रभाव में हैं। सड़क संपर्क टूटने और जलभराव से आवागमन बाधित है। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया जा रहा है।

क्या होगा आगे

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में इन जिलों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से न निकलने की अपील की है। नदियों के जलस्तर पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सड़कें बंद होती हैं, और निचले इलाकों के लोग बेघर होते हैं। सवाल यह है कि खतरे के निशान से 8 फीट ऊपर बह रही कावेरी और ओवरफ्लो होते बांधों के बावजूद प्रशासनिक तैयारी हर बार अपर्याप्त क्यों दिखती है। बारडोली में 50 से अधिक घरों का डूबना और 218 सड़कों का बंद होना यह दर्शाता है कि शहरी जल-निकासी व्यवस्था अभी भी मानसून की वास्तविक तीव्रता के सामने कमज़ोर है। दीर्घकालिक समाधान के बिना, यह राहत-और-बचाव का चक्र हर साल दोहराता रहेगा।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में कावेरी नदी का जलस्तर कितना हो गया है?
नवसारी जिले में कावेरी नदी का जलस्तर 27 फीट तक पहुँच गया है, जो इसके 19 फीट के खतरे के निशान से 8 फीट अधिक है। इसके साथ ही पूर्णा नदी भी 24 फीट पर बह रही है।
नवसारी में बाढ़ की स्थिति में प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
नवसारी प्रशासन ने 218 अंदरूनी सड़कें बंद कर दी हैं और निचले इलाकों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। मंत्री नरेश पटेल ने लोगों से नदियों, झरनों और निचले इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
डांग जिले में कितनी बारिश दर्ज की गई है?
डांग जिले के वाघई में 14 इंच से अधिक और वंसदा में बीती रात 10 बजे से 15 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है। भारी बारिश के कारण अंबिका नदी पर स्थित गिरा वॉटरफॉल तक पर्यटकों के जाने पर रोक लगा दी गई है।
बारडोली में बाढ़ से कितने घर प्रभावित हुए हैं?
बारडोली के सिविल कोर्ट इलाके के पास 50 से अधिक घर पानी में डूब गए हैं। दोसवाड़ा बांध के ओवरफ्लो होने और मिंधोला नदी के उफान से यह स्थिति बनी है, और प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है।
गुजरात में बाढ़ से कौन-कौन से जिले प्रभावित हैं?
23 जुलाई को नवसारी, डांग, तापी, वलसाड और सूरत जिले भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित हैं। वलसाड में औरंगा नदी और सूरत में मिंधोला नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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