गुजरात में भारी बारिश: कावेरी नदी 27 फीट पर, नवसारी-डांग में 218 सड़कें बंद
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के कई जिलों में 23 जुलाई को भारी बारिश के चलते नदियाँ उफान पर आ गईं और बाढ़ जैसे हालात बन गए। नवसारी जिले में कावेरी नदी का जलस्तर 27 फीट तक पहुँच गया — जो इसके 19 फीट के खतरे के निशान से काफी ऊपर है — जबकि पूर्णा नदी 24 फीट पर बह रही है। प्रशासन ने 218 अंदरूनी सड़कें बंद कर दी हैं और निचले इलाकों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
मुख्य घटनाक्रम
डांग जिले के वाघई में 14 इंच से अधिक और वंसदा में बीती रात 10 बजे से 15 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है। अंबिका नदी पर स्थित गिरा वॉटरफॉल में पानी का तेज बहाव देखा जा रहा है, जिसके चलते प्रशासन ने पर्यटकों के वहाँ जाने पर रोक लगा दी है।
तापी जिले के डोलवन के पास नेशनल हाईवे 56 पर जलभराव से यातायात ठप हो गया। व्यारा के कई इलाकों में एक तालाब से छोड़े गए पानी और मिंधोला नदी के उफान से निचले इलाके जलमग्न हो गए।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य के मंत्री नरेश पटेल ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील करते हुए कहा, 'नवसारी में स्थिति कल से भी अधिक कठिन हो सकती है।' उन्होंने नदियों, झरनों और निचले इलाकों से दूर रहने की चेतावनी भी दी। प्रशासन स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए है और कई जगहों पर अलर्ट जारी किया गया है।
वलसाड और सूरत में भी बाढ़ जैसे हालात
वलसाड में लगातार बारिश के कारण औरंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। सूरत के दोसवाड़ा बांध के ओवरफ्लो होने से मिंधोला नदी में बाढ़ की स्थिति बन गई है। बारडोली के सिविल कोर्ट इलाके के पास 50 से अधिक घर पानी में डूब गए हैं और प्रशासन ने प्रभावित निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है।
आम जनता पर असर
नवसारी, डांग, तापी, वलसाड और सूरत जिलों में हजारों लोग बाढ़ के प्रभाव में हैं। सड़क संपर्क टूटने और जलभराव से आवागमन बाधित है। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
क्या होगा आगे
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में इन जिलों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से न निकलने की अपील की है। नदियों के जलस्तर पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।