गुजरात बाढ़: सूरत में IMD का रेड अलर्ट, 24 घंटे घर में रहने की अपील; NDRF-SDRF तैनात
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 31 जुलाई 2026 को सूरत शहर और जिले के लिए भारी से अत्यंत भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया, जिसके बाद गुजरात सरकार ने नागरिकों से अगले 24 घंटे अपने घरों या किसी सुरक्षित स्थान पर रहने की सख्त अपील की है। अधिकारियों ने चेताया है कि इस अवधि में 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने और भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।
मुख्य घटनाक्रम
राज्य के स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल्ल पंशेरिया ने शुक्रवार को सूरत जिला आपदा कंट्रोल रूम का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा की। जिला कलेक्टर तेजस परमार ने उन्हें मौजूदा मौसम की स्थिति, कंट्रोल रूम के कामकाज और राहत-बचाव कार्यों की प्रगति से अवगत कराया।
मंत्री पंशेरिया ने कहा, 'सूरत डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम लगातार स्थिति पर नज़र रख रहा है।' उन्होंने यह भी बताया कि सूरत शहर और जिले में सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं ताकि आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए पर्याप्त जनशक्ति सुनिश्चित की जा सके।
निकासी और औद्योगिक बंदी
जिला कलेक्टर ने सावधानी के तौर पर कपड़ा इकाइयों, हीरा फैक्ट्रियों और औद्योगिक संगठनों को छुट्टी घोषित करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने उन इलाकों से लोगों को हटाना शुरू कर दिया है जहाँ पिछली भारी बारिश के दौरान बाढ़ आई थी। वेलांजा सहित निचले इलाकों से भी नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।
नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे कम से कम अगले 24 घंटों के लिए पीने का पानी, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडार अपने पास रखें।
सरकार की प्रतिक्रिया और तैयारियाँ
सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें राहत और बचाव कार्य के लिए स्टैंडबाय पर तैनात हैं। मंत्री पंशेरिया के अनुसार, 'डिजास्टर मैनेजमेंट टीमें लगातार काम कर रही हैं जबकि तलाटी स्तर के अधिकारी, प्रांत कार्यालय और सभी जोनल कार्यालय पूरी रात सक्रिय रहेंगे।' स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधि — विधायक और पार्षद — भी अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति पर नज़र रख रहे हैं।
अफवाहों से सावधान रहने की चेतावनी
मंत्री पंशेरिया ने नागरिकों को सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारी के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा, 'नागरिकों को अफवाहों या किसी भी बिना अनुमति या गलत जानकारी पर विश्वास नहीं करना चाहिए। उन्हें सिर्फ कलेक्टर कार्यालय की तरफ से हर घंटे जारी की जाने वाली आधिकारिक एडवाइजरी पर ही भरोसा करना चाहिए। सोशल मीडिया पर झूठी अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।'
आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात के कई हिस्से मानसून की तीव्र बारिश से पहले से प्रभावित हैं। सूरत — जो गुजरात का सबसे बड़ा औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र है — में बाढ़ की स्थिति न केवल जन-जीवन बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों को भी प्रभावित कर सकती है। प्रशासन की ओर से स्थिति की 24 घंटे निगरानी जारी है और हालात के अनुसार आगे के निर्देश जारी किए जाएँगे।