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सूरत में भारी बारिश के बीच रेड अलर्ट, डीएम तेजश परमार बोले — हालात नियंत्रण में

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सूरत में भारी बारिश के बीच रेड अलर्ट, डीएम तेजश परमार बोले — हालात नियंत्रण में

सारांश

सूरत में 24 घंटे से जारी भारी बारिश के बीच प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी किया। क्रीम नदी और मांगरोल तालुका के गांवों में लोगों का स्थानांतरण हो रहा है, SDRF तैनात है। डीएम तेजश परमार ने कहा — अंबिका नदी खतरे के निशान से नीचे है और हालात नियंत्रण में हैं।

मुख्य बातें

सूरत में 1 अगस्त को पिछले 24 घंटों से भारी बारिश जारी, रेड अलर्ट घोषित।
क्रीम नदी किनारे के गांवों और मांगरोल तालुका में निवासियों का स्थानांतरण शुरू।
SDRF की एक टीम अतिरिक्त सहायता के लिए तैनात की गई।
अंबिका तालुका में सर्वाधिक वर्षा, लेकिन अंबिका नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे।
जिलाधिकारी तेजश परमार ने कहा — स्थिति नियंत्रण में है, घबराने की जरूरत नहीं।

गुजरात के सूरत जिले में 1 अगस्त को भारी बारिश का दौर जारी रहा, जिसके मद्देनज़र प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी किया और कई तटीय व नदी-किनारे के गांवों में निवासियों का स्थानांतरण शुरू कर दिया। जिलाधिकारी तेजश परमार ने स्पष्ट किया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

मौजूदा मौसम की स्थिति

जिलाधिकारी तेजश परमार ने शनिवार को बताया कि पिछले 24 घंटों से जिले में बारिश का सिलसिला जारी है। शनिवार सुबह 10 बजे से पुनः बारिश शुरू हो गई, हालांकि फिलहाल इसकी गति अपेक्षाकृत धीमी है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है, इसलिए अगले तीन घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

प्रशासन की तैयारियां

क्रीम नदी के आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों का स्थानांतरण शुरू कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की एक टीम भी सहायता के लिए तैनात की गई है। मांगरोल तालुका के निकटवर्ती गांवों में भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य जारी है। परमार ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो राहत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

अंबिका तालुका और नदियों की स्थिति

अंबिका तालुका में सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई, लेकिन वहां की स्थिति सामान्य बनी हुई है। अंबिका नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है, जो राहत की बात है। जिला प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रख रही हैं।

आम जनता पर असर

नदी-किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को एहतियात के तौर पर अस्थायी राहत शिविरों में भेजा जा रहा है। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि किसी भी नागरिक को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

आगे क्या

मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। प्रशासन ने सभी संसाधनों को अलर्ट पर रखा है और स्थिति के अनुसार अतिरिक्त टीमें तैनात करने की तैयारी है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

'रेड अलर्ट' और 'हालात नियंत्रण में' का एक साथ दावा एक विरोधाभास उत्पन्न करता है जिस पर नज़र रखना ज़रूरी है। असली परीक्षा तब होगी जब बारिश की तीव्रता बढ़ेगी — क्या स्थानांतरित परिवारों के लिए राहत शिविरों में पर्याप्त सुविधाएं हैं, यह सवाल अभी अनुत्तरित है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरत में रेड अलर्ट क्यों जारी किया गया है?
सूरत जिले में पिछले 24 घंटों से लगातार भारी बारिश हो रही है और आने वाले घंटों में इसकी तीव्रता बढ़ने की संभावना है, इसलिए जिला प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी किया है। जिलाधिकारी तेजश परमार के अनुसार, यह अलर्ट अगले तीन घंटों के लिए लागू किया गया था।
सूरत में किन क्षेत्रों के लोगों को स्थानांतरित किया जा रहा है?
क्रीम नदी के आसपास के गांवों और मांगरोल तालुका के निकटवर्ती गांवों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर राहत सुविधाओं का और विस्तार किया जाएगा।
अंबिका नदी का जलस्तर कितना है?
जिलाधिकारी तेजश परमार के अनुसार, अंबिका नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है। अंबिका तालुका में सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई है, लेकिन वहां की स्थिति सामान्य बनी हुई है।
सूरत में बाढ़ राहत के लिए कौन-सी टीमें तैनात हैं?
जिला प्रशासन ने राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की एक टीम तैनात की है। इसके अलावा, जिला प्रशासन की अपनी टीमें भी संवेदनशील क्षेत्रों में सक्रिय हैं और स्थिति के अनुसार अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी है।
सूरत के नागरिकों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
जिलाधिकारी तेजश परमार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। नदी-किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और प्रशासन के स्थानांतरण अनुरोध का सहयोग करने की सलाह दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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