31 जुलाई 2026
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सूरत में रेड अलर्ट: 48 घंटे भारी बारिश का खतरा, उमरपाड़ा में 2 घंटे में 30 सेमी वर्षा

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सूरत में रेड अलर्ट: 48 घंटे भारी बारिश का खतरा, उमरपाड़ा में 2 घंटे में 30 सेमी वर्षा

सारांश

गुजरात के सूरत जिले में डीप डिप्रेशन के कारण रेड अलर्ट जारी हुआ है। उमरपाड़ा में दो घंटे में 30 सेमी बारिश दर्ज हुई। NDRF-SDRF तैनात, राहत शिविर तैयार — अगले 48 घंटे निर्णायक।

मुख्य बातें

सूरत जिले में 31 जुलाई को रेड अलर्ट जारी; डीप डिप्रेशन गुजरात की ओर बढ़ रहा है।
उमरपाड़ा तहसील में सुबह 6 से 8 बजे के बीच महज दो घंटे में 30 सेंटीमीटर बारिश दर्ज।
अधिकांश इलाकों में 5 से 10 इंच वर्षा; अगले 48 घंटे संवेदनशील।
NDRF की एक टीम और SDRF-STF की दो-दो टीमें सूरत शहर में तैनात।
सरकारी स्कूलों को अस्थायी राहत शिविर में तब्दील किया गया; भोजन व दवाइयाँ उपलब्ध।
कलेक्टर तेजस परमार ने नागरिकों से बिना ज़रूरत घर से न निकलने की अपील की।

सूरत जिले में 31 जुलाई को मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है, क्योंकि डीप डिप्रेशन धीरे-धीरे गुजरात की ओर बढ़ रहा है और इसका सीधा असर सूरत में महसूस किया जा रहा है। शुक्रवार सुबह चार बजे से ही जिले की लगभग सभी तहसीलों में तेज बारिश शुरू हो गई, और अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील रहने का अनुमान है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें।

मुख्य घटनाक्रम

सूरत के कलेक्टर तेजस परमार के अनुसार, शुक्रवार सुबह छह बजे से आठ बजे के बीच जिले के अधिकांश इलाकों में पाँच से दस इंच तक बारिश दर्ज की गई। सर्वाधिक वर्षा उमरपाड़ा तहसील में रिकॉर्ड की गई, जहाँ केवल दो घंटे के भीतर लगभग 30 सेंटीमीटर बारिश हुई। कलेक्टर ने बताया कि बारिश की तीव्रता दोपहर के बाद और बढ़ने की संभावना है, तथा रात के समय भारी से अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है।

प्रशासन की तैयारियाँ

जिला प्रशासन ने मौसम विभाग की दो दिन पूर्व जारी रेड अलर्ट चेतावनी के बाद से ही तैयारियाँ शुरू कर दी थीं। जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी ज़रूरी व्यवस्थाएँ पूर्ण कर ली गई थीं। संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान पहले ही कर ली गई है और वहाँ के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए लगातार सूचित किया जा रहा है। सभी तहसीलदार, एसडीएम और तालुका विकास अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं।

राहत एवं बचाव दलों की तैनाती

आपात स्थिति से निपटने के लिए सूरत शहर में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की एक टीम तथा राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और STF की दो-दो टीमें तैनात की गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी एक विशेष बचाव दल को तैयार रखा गया है। इसके अलावा, कई सरकारी स्कूलों और भवनों को अस्थायी राहत शिविर के रूप में तैयार किया गया है, जहाँ भोजन, दवाइयाँ और अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।

आम जनता पर असर

निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कलेक्टर तेजस परमार ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता निचले और बाढ़-प्रवण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा है। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात के कई जिले पहले से ही मानसूनी बारिश से प्रभावित हैं।

क्या होगा आगे

मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार सुबह तक भारी बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। अगले 24 से 48 घंटे सूरत और आसपास के इलाकों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहने का अनुमान है। स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और परिस्थितियों के अनुसार तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

निवारक नहीं। उमरपाड़ा जैसे क्षेत्रों में दो घंटे में 30 सेमी बारिश कोई अपवाद नहीं, बल्कि अब एक पैटर्न बनता जा रहा है। प्रशासन की तैयारी सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि निचले इलाकों में बसे कमज़ोर तबके को हर साल विस्थापन से बचाने के लिए स्थायी समाधान कब आएगा।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरत में रेड अलर्ट क्यों जारी किया गया है?
मौसम विभाग ने डीप डिप्रेशन के गुजरात की ओर बढ़ने के कारण सूरत जिले में रेड अलर्ट जारी किया है। इसके चलते अगले 24 से 48 घंटों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका है।
सूरत में सबसे ज़्यादा बारिश कहाँ हुई?
31 जुलाई को सबसे अधिक वर्षा उमरपाड़ा तहसील में दर्ज की गई, जहाँ सुबह 6 से 8 बजे के बीच महज दो घंटे में लगभग 30 सेंटीमीटर बारिश हुई। जिले के अधिकांश इलाकों में 5 से 10 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई।
सूरत में कौन-कौन सी राहत टीमें तैनात हैं?
सूरत शहर में NDRF की एक टीम और SDRF तथा STF की दो-दो टीमें तैनात की गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी एक विशेष बचाव दल को तैयार रखा गया है।
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर कहाँ बनाए गए हैं?
ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों और अन्य सरकारी भवनों को अस्थायी राहत शिविर के रूप में तैयार किया गया है। इन शिविरों में भोजन, दवाइयाँ और अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।
सूरत में भारी बारिश का सिलसिला कब तक जारी रहेगा?
कलेक्टर तेजस परमार और मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार सुबह तक भारी से अत्यंत भारी बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। अगले 24 से 48 घंटे सूरत और आसपास के इलाकों के लिए सबसे संवेदनशील रहने का अनुमान है।
राष्ट्र प्रेस
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