सूरत में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, 2,920 लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट; SDRF तैनात
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के सूरत जिले में 24 जुलाई को भारी बारिश के चलते कई इलाकों में गंभीर जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। जिला प्रशासन ने एहतियातन 2,920 लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों पर पहुँचाया है — जिनमें सूरत शहर से 207 और ग्रामीण क्षेत्रों से 2,713 लोग शामिल हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जिले में येलो अलर्ट जारी किया है और 25 जुलाई सुबह 5:30 बजे तक फ्लैश फ्लड की चेतावनी दी है।
मुख्य घटनाक्रम
आपदा प्रबंधन के डिप्टी मामलतदार साजिद मेरुजय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में पूरे सूरत जिले में भारी बारिश दर्ज की गई। हालाँकि शुक्रवार सुबह 8 बजे के बाद बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आई। नाउकास्ट के अनुसार सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक भी येलो अलर्ट प्रभावी रहा।
मांडवी तहसील स्थित केवड़ी और लाखी बांध हाई अलर्ट पर हैं। उकाई बांध से फिलहाल 800 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि बांध में लगभग 84 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। यह पानी काकरापार से लेकर सिंगणपोर कॉजवे तक के कैचमेंट क्षेत्र से नदियों और सहायक धाराओं के ज़रिए पहुँच रहा है।
जनहानि और नुकसान
ओलपाड तहसील में बिजली का करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। अंबिका नदी उफान पर बह रही है। इसके अलावा गुरुवार रात 11:09 बजे खंभात की खाड़ी में 3.2 तीव्रता का भूकंप भी आया, हालाँकि इससे जिले में किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
पंचायत स्तर पर 174 सड़कें बंद हैं, हालाँकि अधिकांश स्थानों पर वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था कर दी गई है।
राहत एवं बचाव कार्य
जिले में फिलहाल चार SDRF टीमें तैनात हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी किनारे मछली पकड़ना, नौकायन, पशुपालन या किसी भी तरह की आवाजाही से बचें, क्योंकि जलस्तर तेज़ी से बढ़ सकता है। सीमाड़ा खाड़ी ओवरफ्लो हो रही है और प्रशासन पलसाणा, महुआ और कामरेज क्षेत्रों में हो रही बारिश की लगातार निगरानी कर रहा है।
आम जनता पर असर
सूरत शहर के कुछ इलाकों में अभी भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मेरुजय ने बताया कि यदि जलस्तर और बढ़ने की आशंका होगी, तो प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को तत्काल सुरक्षित आश्रय स्थलों पर पहुँचाया जाएगा।
क्या होगा आगे
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और शहर में किसी बड़े खतरे की स्थिति नहीं है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। IMD की चेतावनियों और उकाई बांध के जलस्तर पर नज़र बनाए रखी जा रही है — आने वाले 24 घंटे स्थिति की दिशा तय करने में निर्णायक होंगे।