गुजरात में भारी बारिश: 15 जिलों में अलर्ट, सूरत से 1,117 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात में 31 जुलाई 2026 को भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी के बाद राज्य प्रशासन ने युद्धस्तर पर आपदा प्रबंधन की तैयारी शुरू कर दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की चेतावनी के बाद अधिकारियों ने जोखिम वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया, आपातकालीन दलों को चौबीसों घंटे हाई अलर्ट पर रखा और कई जिलों में राहत-बचाव तंत्र को मजबूत किया।
किन जिलों में जारी हुई चेतावनी
IMD ने अगले दो दिनों के लिए अहमदाबाद, आणंद, अरावली, भरूच, भावनगर, डांग, गांधीनगर, खेड़ा, नर्मदा, नवसारी, साबरकांठा, सूरत, तापी, वडोदरा और वलसाड — कुल 15 जिलों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया। इन जिलों में निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने और घर के भीतर रहने की सलाह दी गई।
यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात के कई हिस्सों में मानसून पहले से ही सामान्य से अधिक सक्रिय है। सूरत जिले के विभिन्न तालुकाओं में 3 से 10 इंच तक बारिश दर्ज की जा चुकी थी, जिसके बाद प्रशासन ने सबसे बड़ा एहतियाती कदम उठाया।
राज्य स्तर पर तैयारी का जायजा
गांधीनगर में अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) डॉ. जयंती रवि ने राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) का दौरा किया। उन्होंने राहत आयुक्त गौरव मकवाना से मौजूदा स्थिति की विस्तृत जानकारी ली और कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया।
डॉ. रवि ने सभी आपातकालीन प्रतिक्रिया दलों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि SEOC इस मानसून सीजन में लगातार दूसरी बार उच्च-स्तरीय समीक्षा का केंद्र बना है।
सूरत में बड़ा निकासी अभियान
शुक्रवार शाम 4 बजे तक सूरत जिले के ग्रामीण इलाकों के निचले और जोखिम वाले गाँवों से 1,117 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इन्हें सरकारी प्राथमिक स्कूलों, शेल्टर होम, सामुदायिक हॉल और रिश्तेदारों के घरों में ठहराया गया।
सबसे बड़ा बचाव अभियान मंगरोल तालुका में चलाया गया, जहाँ वसरावी, लुवारा, हरंगम, वंकल, भीलवाड़ा, खरेडा, बोरिया, शाह और अंबावाड़ी जैसे गाँवों से 321 लोगों को निकाला गया। इसके अलावा:
मांडवी तालुका से 276, अंबिका तालुका से 151, ओलपाड तालुका से 99, अरेथ तालुका से 76, बारडोली तालुका से 40, चोरयासी तालुका से 40 और कामरेज तालुका के चिखली गाँव से 34 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया।
आम जनता पर असर और राहत इंतजाम
निकाले गए सभी 1,117 लोगों के लिए भोजन और आश्रय की व्यवस्था की गई है। पलसाना और उमरपाडा क्षेत्रों में और निकासी की आवश्यकता को देखते हुए प्रशासन कड़ी निगरानी बनाए हुए है।
इसके साथ ही कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना आवश्यकता के यात्रा न करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
आगे की योजना और प्रशासनिक तैयारी
आपदा प्रबंधन को और सुदृढ़ करने के लिए सूरत जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्रामीण तालुका में राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी हेतु वरिष्ठ क्लास-1 अधिकारियों को तैनात किया है। ये अधिकारी सीधे सूरत डिज़ास्टर मैनेजमेंट सेंटर के साथ समन्वय करेंगे और अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारी, निकासी और आपातकालीन अभियानों की देखरेख करेंगे। अगले 48 घंटे राज्य के लिए निर्णायक माने जा रहे हैं।