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गुजरात में IMD का रेड अलर्ट: 31 जुलाई को 8 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी, आपदा टीमें हाई अलर्ट पर

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गुजरात में IMD का रेड अलर्ट: 31 जुलाई को 8 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी, आपदा टीमें हाई अलर्ट पर

सारांश

IMD ने 31 जुलाई को गुजरात के 8 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। ढोलका में दो घंटे में 20 इंच बारिश का रिकॉर्ड और राज्यभर में असमान मानसून — राहत आयुक्त मकवाना की अगुवाई में आपदा दल हाई अलर्ट पर हैं।

मुख्य बातें

IMD ने 31 जुलाई 2026 को गुजरात के 8 जिलों — अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, नर्मदा, सूरत, तापी और डांग — में रेड अलर्ट जारी किया।
सौराष्ट्र के कई हिस्सों में 31 जुलाई और उत्तर गुजरात के लिए 1 अगस्त को ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा।
राहत आयुक्त गौरव मकवाना की अध्यक्षता में गांधीनगर के SEOC में समीक्षा बैठक हुई; सभी विभागों को तत्काल तैनाती के लिए तैयार रहने के निर्देश।
ढोलका में मात्र दो घंटे में 20 इंच की अभूतपूर्व बारिश दर्ज; वलसाड और नवसारी में मौसमी बारिश का 100% कोटा पूरा।
कच्चे मकानों के निवासी, झुग्गी बस्तियाँ और दिहाड़ी मज़दूर प्राथमिकता पर; होर्डिंग्स और जर्जर संरचनाएँ तत्काल हटाने के आदेश।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 जुलाई 2026 के लिए गुजरात के 8 जिलों में 'रेड अलर्ट' जारी किया है, जहाँ अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इस चेतावनी के बाद गुजरात सरकार ने सभी संबंधित विभागों, जिला कलेक्टरों और आपदा प्रबंधन दलों को तत्काल हाई अलर्ट पर रखने के निर्देश जारी किए हैं।

किन जिलों में रेड अलर्ट

31 जुलाई के लिए रेड अलर्ट वाले जिलों में अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, नर्मदा, सूरत, तापी और डांग शामिल हैं। इसी दिन सौराष्ट्र के कई हिस्सों में 'ऑरेंज अलर्ट' के तहत भारी से अति भारी बारिश का अनुमान भी लगाया गया है।

इससे पहले 29 और 30 जुलाई के लिए पंचमहल, दाहोद, वडोदरा, भरूच, सूरत और दक्षिण गुजरात के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की जा चुकी है। 1 अगस्त को उत्तर गुजरात के कुछ हिस्सों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा।

आपदा प्रबंधन की तैयारियाँ

मौसम पर नज़र रखने वाले समूह (वेदर वॉच ग्रुप) ने गांधीनगर स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) में राहत आयुक्त गौरव मकवाना की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक की। बैठक में मानसून की तैयारियों, संसाधनों की मैपिंग और त्वरित प्रतिक्रिया दलों की तैनाती पर विस्तार से चर्चा हुई।

मकवाना ने सभी समन्वित विभागों को निर्देश दिया कि वे अपने संसाधनों और प्रतिक्रिया दलों की मैपिंग करें और सुनिश्चित करें कि वे तत्काल तैनाती के लिए पूरी तरह तैयार हों। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को बिना देरी के जिला कलेक्टरों के साथ बैठक करने का भी निर्देश दिया।

कमज़ोर वर्गों पर विशेष ध्यान

राहत आयुक्त मकवाना ने स्पष्ट किया कि कच्चे मकानों में रहने वाले लोग, झुग्गी बस्तियों के निवासी और दिहाड़ी मज़दूर आमतौर पर ऐसी आपदाओं में सबसे अधिक असुरक्षित होते हैं। उन्होंने कहा कि मौसम की चेतावनियाँ और आपदा संबंधी संदेश समय पर जमीनी स्तर तक पहुँचने चाहिए। सड़क एवं भवन विभाग को होर्डिंग्स, बैनर और जर्जर संरचनाएँ तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

इस मानसून में बारिश का असमान पैटर्न

मकवाना ने बताया कि इस मानसून में गुजरात में बारिश का वितरण बेहद असमान रहा है। जहाँ द्वारका जैसे इलाकों में बेहद कम बारिश दर्ज हुई है, वहीं वलसाड और नवसारी में लगभग 100 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि ढोलका में मात्र दो घंटे में लगभग 20 इंच की अभूतपूर्व बारिश दर्ज की गई — जो इस क्षेत्र के लिए असाधारण है।

आगे क्या होगा

राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासनों को निर्देश दिया है कि वे आपदा प्रबंधन दलों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है, ऐसे में प्रशासन की सतर्कता और नागरिकों की जागरूकता दोनों अहम भूमिका निभाएँगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक साथ अतिवृष्टि और अल्पवृष्टि से निपटने की दोहरी चुनौती बन चुकी है। राज्य की आपदा मशीनरी सक्रिय दिखती है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि चेतावनियाँ कच्ची बस्तियों और दिहाड़ी मज़दूरों तक कितनी तेज़ी से पहुँचती हैं — जो हर बार सबसे अधिक प्रभावित होते हैं और सबसे कम सूचित रहते हैं। बारिश के इस असमान पैटर्न पर दीर्घकालिक जल प्रबंधन नीति की ज़रूरत अब टाली नहीं जा सकती।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में IMD का रेड अलर्ट किन जिलों के लिए जारी हुआ है?
IMD ने 31 जुलाई 2026 के लिए अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, नर्मदा, सूरत, तापी और डांग — इन 8 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
गुजरात में ऑरेंज अलर्ट कहाँ-कहाँ लागू है?
31 जुलाई को सौराष्ट्र के कई हिस्सों में और 1 अगस्त को उत्तर गुजरात के कुछ क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है।
ढोलका में इतनी बारिश क्यों चर्चा में है?
ढोलका में मात्र दो घंटे में लगभग 20 इंच बारिश दर्ज की गई, जिसे राहत आयुक्त गौरव मकवाना ने अभूतपूर्व बताया। यह आँकड़ा इस क्षेत्र के लिए असाधारण है और राज्य में मानसून के असमान वितरण को उजागर करता है।
गुजरात सरकार ने आपदा प्रबंधन के लिए क्या कदम उठाए हैं?
राहत आयुक्त गौरव मकवाना की अध्यक्षता में गांधीनगर के SEOC में समीक्षा बैठक हुई। सभी विभागों को संसाधनों की मैपिंग, जिला कलेक्टरों से तत्काल बैठक और तत्काल तैनाती के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। होर्डिंग्स और जर्जर संरचनाएँ हटाने के भी आदेश जारी हुए हैं।
इस मानसून में गुजरात में बारिश का पैटर्न कैसा रहा है?
इस मानसून में गुजरात में बारिश बेहद असमान रही है। जहाँ द्वारका में बेहद कम बारिश हुई है, वहीं वलसाड और नवसारी में लगभग 100 प्रतिशत मौसमी बारिश हो चुकी है। यह असमानता राज्य के आपदा प्रबंधन के लिए दोहरी चुनौती पेश कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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