25 जुलाई 2026
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आईएमडी का रेड अलर्ट: गुजरात के 6 जिलों में 60 किमी/घंटा हवाओं का खतरा, 7 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट

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आईएमडी का रेड अलर्ट: गुजरात के 6 जिलों में 60 किमी/घंटा हवाओं का खतरा, 7 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट

सारांश

IMD ने 25 जुलाई की शाम गुजरात के 6 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया — 60 किमी/घंटा हवाएँ और भारी बारिश का खतरा। साथ ही मेघालय, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के दर्जनों जिलों में ऑरेंज अलर्ट। यह चेतावनी शनिवार रात तक प्रभावी है।

मुख्य बातें

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 जुलाई 2026 को शाम 4:39 बजे नाउकास्ट चेतावनी जारी की।
गुजरात के बनासकांठा, महेसाणा, मोरबी, पाटन, साबरकांठा और सुरेंद्रनगर में रेड अलर्ट — 60 किमी/घंटे तक हवाएँ और 15 मिमी/घंटे से अधिक बारिश संभव।
मेघालय, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और गुजरात के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी।
UP के लखनऊ, आगरा, कानपुर, अयोध्या सहित दर्जनों जिले ऑरेंज अलर्ट के दायरे में।
IMD ने पेड़ों-खंभों के नीचे न जाने, अनावश्यक यात्रा न करने और प्रशासन के दिशा-निर्देश मानने की सलाह दी।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 जुलाई 2026 को शाम 4:39 बजे IST जिलेवार नाउकास्ट चेतावनी जारी करते हुए अगले कुछ घंटों में देश के कई राज्यों में तेज़ बारिश, आँधी और बिजली गिरने की आशंका जताई है। यह चेतावनी शनिवार रात तक प्रभावी रहेगी। गुजरात के छह जिलों के लिए सर्वोच्च स्तर का रेड अलर्ट और सात राज्यों के दर्जनों जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

गुजरात में रेड अलर्ट: कौन-से जिले प्रभावित

IMD के अनुसार, बनासकांठा, महेसाणा, मोरबी, पाटन, साबरकांठा और सुरेंद्रनगर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ, 15 मिमी प्रति घंटे से अधिक भारी वर्षा और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। रेड अलर्ट का अर्थ है कि संबंधित ज़िला प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।

सात राज्यों में ऑरेंज अलर्ट

मेघालय, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएँ चलने, 5 से 15 मिमी प्रति घंटे मध्यम से तेज़ बारिश और बिजली गिरने का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश में आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, रायबरेली, सीतापुर, शाहजहाँपुर, उन्नाव, बाराबंकी और अमेठी सहित कई जिले इस अलर्ट के दायरे में हैं। मेघालय के पूर्वी और पश्चिमी खासी हिल्स और जैंतिया हिल्स, ओडिशा के गजपति, केंदुझार और सुंदरगढ़, तथा छत्तीसगढ़ के बलरामपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और सरगुजा में भी खराब मौसम की संभावना जताई गई है।

मध्य प्रदेश के अनुपपुर, रीवा, सीधी और सिंगरौली तथा जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग, श्रीनगर, जम्मू, बारामूला, पुलवामा, उधमपुर और रियासी में भी तेज़ हवाओं और बारिश का अनुमान है।

आम जनता के लिए सावधानियाँ

मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि लोग पेड़ों, बिजली के खंभों और कमज़ोर ढाँचों के नीचे शरण न लें, अनावश्यक यात्रा से बचें और बाहर निकलने से पहले सड़क व यातायात की स्थिति की जानकारी लें। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है।

क्या होगा आगे

यह चेतावनी शनिवार रात तक प्रभावी रहेगी। IMD समय-समय पर नाउकास्ट अपडेट जारी करता रहेगा। गौरतलब है कि मानसून सीज़न के इस चरण में पश्चिमी और मध्य भारत में इस प्रकार की तीव्र मौसमी गतिविधि सामान्य है, परंतु एक साथ इतने राज्यों में उच्च-स्तरीय अलर्ट असाधारण स्थिति का संकेत देते हैं। प्रभावित राज्यों के आपदा प्रबंधन विभागों को अलर्ट पर रखा गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मानसून की बढ़ती अनिश्चितता का संकेत है। IMD की नाउकास्ट प्रणाली पिछले कुछ वर्षों में अधिक सटीक हुई है, लेकिन असली चुनौती ज़िला-स्तरीय आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारी है — जो अक्सर चेतावनी मिलने के बाद भी धीमी प्रतिक्रिया देता है। गुजरात के मोरबी और बनासकांठा जैसे जिलों में पहले भी बाढ़ की त्रासदी हो चुकी है; रेड अलर्ट को महज़ औपचारिकता मानने की गलती इस बार भारी पड़ सकती है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IMD ने 25 जुलाई को किन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया?
IMD ने गुजरात के बनासकांठा, महेसाणा, मोरबी, पाटन, साबरकांठा और सुरेंद्रनगर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 60 किमी/घंटे तक की तेज़ हवाएँ, भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका है।
रेड अलर्ट और ऑरेंज अलर्ट में क्या फ़र्क है?
रेड अलर्ट सर्वोच्च खतरे का स्तर है, जिसमें तत्काल कार्रवाई और प्रशासनिक तैयारी अनिवार्य होती है — इसमें 60 किमी/घंटे तक हवाएँ और 15 मिमी/घंटे से अधिक बारिश शामिल है। ऑरेंज अलर्ट में 40-60 किमी/घंटे की हवाएँ और 5-15 मिमी/घंटे की बारिश की संभावना रहती है, जिसमें सतर्कता और तैयारी की सलाह दी जाती है।
उत्तर प्रदेश के कौन-से जिले ऑरेंज अलर्ट में हैं?
उत्तर प्रदेश के आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, रायबरेली, सीतापुर, शाहजहाँपुर, उन्नाव, बाराबंकी और अमेठी सहित कई जिले ऑरेंज अलर्ट के दायरे में हैं। इन जिलों में तेज़ हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।
यह मौसम चेतावनी कब तक प्रभावी रहेगी?
IMD की यह नाउकास्ट चेतावनी शनिवार, 25 जुलाई की रात तक प्रभावी रहेगी। विभाग समय-समय पर अपडेट जारी करता रहेगा और स्थिति के अनुसार अलर्ट में बदलाव हो सकता है।
प्रभावित इलाकों में लोगों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
IMD ने सलाह दी है कि लोग पेड़ों, बिजली के खंभों और कमज़ोर ढाँचों के नीचे न जाएँ, अनावश्यक यात्रा से बचें और बाहर निकलने से पहले सड़क की स्थिति जाँचें। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के निर्देशों का पालन करना भी ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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