1 जुलाई 2026
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मौसम विभाग का रेड-ऑरेंज अलर्ट: मुंबई, गुजरात समेत कई राज्यों में भारी बारिश और 60 किमी/घंटा तेज हवाओं का खतरा

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मौसम विभाग का रेड-ऑरेंज अलर्ट: मुंबई, गुजरात समेत कई राज्यों में भारी बारिश और 60 किमी/घंटा तेज हवाओं का खतरा

सारांश

मौसम विभाग ने 1 जुलाई को मुंबई, पालघर, ठाणे और गुजरात के 18 से अधिक जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है — 60 किमी/घंटा हवाएं और 15 मिमी/घंटे से अधिक बारिश का खतरा। उत्तर प्रदेश, मेघालय, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के दर्जनों जिले ऑरेंज अलर्ट पर हैं।

मुख्य बातें

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 1 जुलाई 2026 को कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, पालघर, ठाणे और गुजरात के 18 से अधिक जिलों में रेड अलर्ट ; 60 किमी/घंटा तक हवाएं और 15 मिमी/घंटे से अधिक बारिश संभव।
उत्तर प्रदेश के 25 जिले , मेघालय के 5 जिले , मध्य प्रदेश के 8 जिले , उत्तराखंड के 7 जिले और जम्मू-कश्मीर के 8 जिले ऑरेंज अलर्ट पर।
नागरिकों को पेड़ों या कमज़ोर ढाँचों के नीचे न जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
प्रभावित राज्यों के आपदा प्रबंधन विभाग सतर्क किए गए हैं।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 1 जुलाई 2026 को देश के कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें अगले कुछ घंटों में भारी से अत्यधिक बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 60 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाके सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में हैं।

रेड अलर्ट: सर्वाधिक खतरे वाले क्षेत्र

मौसम विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र के मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, पालघर और ठाणे के साथ-साथ गुजरात के अमरेली, भरूच, भावनगर, दादरा एवं नगर हवेली, दमन, डांग, दीव, गिर सोमनाथ, जूनागढ़, नवसारी, पोरबंदर, राजकोट, सूरत, तापी और वलसाड के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

इन क्षेत्रों में 15 मिमी प्रति घंटे से अधिक बारिश, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली गिरने की बहुत अधिक संभावना जताई गई है। रेड अलर्ट का अर्थ है कि स्थिति अत्यंत गंभीर है और प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।

ऑरेंज अलर्ट: इन राज्यों के जिले भी सतर्क रहें

देश के कई अन्य हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ 40–60 किमी प्रति घंटे की हवाएं और 5–15 मिमी प्रति घंटे की मध्यम बारिश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर, अमेठी, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बाराबंकी, गाजीपुर, गोंडा, हरदोई, जौनपुर, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, मऊ, पीलीभीत, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, संत रविदास नगर (भदोही), शाहजहांपुर, श्रावस्ती, सीतापुर, सुल्तानपुर, उन्नाव और वाराणसी के लिए ऑरेंज अलर्ट लागू है।

मेघालय के ईस्ट गारो हिल्स, नॉर्थ गारो हिल्स, री भोई, वेस्ट गारो हिल्स और वेस्ट खासी हिल्स भी ऑरेंज अलर्ट की सूची में शामिल हैं।

महाराष्ट्र के रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग तथा मध्य प्रदेश के अनूपपुर, बालाघाट, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, शहडोल और उमरिया के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अतिरिक्त, गुजरात के अहमदाबाद, आनंद, बोटाद, छोटा उदयपुर, दाहोद, देवभूमि द्वारका, जामनगर, खेड़ा, नर्मदा, पंचमहल और वडोदरा, उत्तराखंड के चंपावत, देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, ऊधम सिंह नगर और उत्तरकाशी तथा जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग, बारामूला, बडगाम, गांदरबल, किश्तवाड़, कुलगाम, कुपवाड़ा और शोपियां भी ऑरेंज अलर्ट के दायरे में हैं।

आम जनता के लिए सावधानियाँ

मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस दौरान पूरी तरह सतर्क रहें। पेड़ों या कमज़ोर ढाँचों के नीचे शरण न लें और अनावश्यक यात्रा से बचें। सड़क एवं यातायात अपडेट पर लगातार नज़र रखें और स्थानीय प्रशासन व संबंधित एजेंसियों की सलाह का पालन करें।

गौरतलब है कि मानसून की यह सक्रियता दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर भारत में आगे बढ़ने के साथ आई है, जो इस मौसम में अपेक्षित पैटर्न के अनुरूप है। तटीय क्षेत्रों में समुद्री हवाओं और मानसूनी धाराओं के संगम से बारिश की तीव्रता अधिक बताई जा रही है।

आगे क्या होगा

मौसम विभाग के अनुसार यह स्थिति अगले कुछ घंटों तक बनी रह सकती है। प्रभावित राज्यों के आपदा प्रबंधन विभागों को सतर्क कर दिया गया है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग के ताज़ा अपडेट पर नज़र बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय हेल्पलाइन से संपर्क करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उत्तर प्रदेश के 25 जिलों तक ऑरेंज अलर्ट का विस्तार मानसून की व्यापक पहुँच को रेखांकित करता है। असली चिंता यह है कि शहरी बाढ़ प्रबंधन — विशेषकर मुंबई में — वर्षों की चेतावनियों के बावजूद पर्याप्त रूप से मज़बूत नहीं हुआ है। अलर्ट जारी करना पर्याप्त नहीं है; ज़मीनी स्तर पर नालों की सफाई, जल-निकासी तंत्र और आपदा प्रतिक्रिया दल की तैयारी ही वास्तविक कसौटी होगी।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौसम विभाग का रेड अलर्ट किन क्षेत्रों के लिए जारी किया गया है?
रेड अलर्ट महाराष्ट्र के मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, पालघर और ठाणे तथा गुजरात के अमरेली, भरूच, भावनगर, दादरा एवं नगर हवेली, दमन, डांग, दीव, गिर सोमनाथ, जूनागढ़, नवसारी, पोरबंदर, राजकोट, सूरत, तापी और वलसाड के लिए जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 60 किमी/घंटा तक हवाएं और 15 मिमी/घंटे से अधिक बारिश की बहुत अधिक संभावना है।
ऑरेंज अलर्ट का मतलब क्या है और कौन से राज्य इसमें शामिल हैं?
ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि संबंधित क्षेत्र में 40–60 किमी/घंटा की हवाएं, गरज-चमक, बिजली गिरने और 5–15 मिमी/घंटे की मध्यम बारिश की संभावना है। इसमें उत्तर प्रदेश, मेघालय, महाराष्ट्र (रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग), मध्य प्रदेश, गुजरात के कई जिले, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई जिले शामिल हैं।
तेज बारिश और बिजली गिरने के दौरान क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
मौसम विभाग ने पेड़ों या कमज़ोर ढाँचों के नीचे शरण न लेने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। इसके अलावा सड़क व यातायात अपडेट पर नज़र रखें और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।
यह मौसम अलर्ट कब तक प्रभावी रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार यह स्थिति 1 जुलाई को अगले कुछ घंटों तक बनी रह सकती है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे IMD के ताज़ा अपडेट पर लगातार नज़र रखें।
क्या इस बारिश से उत्तर प्रदेश के शहर भी प्रभावित होंगे?
हाँ, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या सहित 25 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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