मौसम विभाग का रेड-ऑरेंज अलर्ट: मुंबई, गुजरात समेत कई राज्यों में भारी बारिश और 60 किमी/घंटा तेज हवाओं का खतरा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 1 जुलाई 2026 को देश के कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें अगले कुछ घंटों में भारी से अत्यधिक बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 60 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाके सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में हैं।
रेड अलर्ट: सर्वाधिक खतरे वाले क्षेत्र
मौसम विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र के मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, पालघर और ठाणे के साथ-साथ गुजरात के अमरेली, भरूच, भावनगर, दादरा एवं नगर हवेली, दमन, डांग, दीव, गिर सोमनाथ, जूनागढ़, नवसारी, पोरबंदर, राजकोट, सूरत, तापी और वलसाड के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
इन क्षेत्रों में 15 मिमी प्रति घंटे से अधिक बारिश, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली गिरने की बहुत अधिक संभावना जताई गई है। रेड अलर्ट का अर्थ है कि स्थिति अत्यंत गंभीर है और प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।
ऑरेंज अलर्ट: इन राज्यों के जिले भी सतर्क रहें
देश के कई अन्य हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ 40–60 किमी प्रति घंटे की हवाएं और 5–15 मिमी प्रति घंटे की मध्यम बारिश की संभावना है।
उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर, अमेठी, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बाराबंकी, गाजीपुर, गोंडा, हरदोई, जौनपुर, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, मऊ, पीलीभीत, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, संत रविदास नगर (भदोही), शाहजहांपुर, श्रावस्ती, सीतापुर, सुल्तानपुर, उन्नाव और वाराणसी के लिए ऑरेंज अलर्ट लागू है।
मेघालय के ईस्ट गारो हिल्स, नॉर्थ गारो हिल्स, री भोई, वेस्ट गारो हिल्स और वेस्ट खासी हिल्स भी ऑरेंज अलर्ट की सूची में शामिल हैं।
महाराष्ट्र के रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग तथा मध्य प्रदेश के अनूपपुर, बालाघाट, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, शहडोल और उमरिया के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अतिरिक्त, गुजरात के अहमदाबाद, आनंद, बोटाद, छोटा उदयपुर, दाहोद, देवभूमि द्वारका, जामनगर, खेड़ा, नर्मदा, पंचमहल और वडोदरा, उत्तराखंड के चंपावत, देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, ऊधम सिंह नगर और उत्तरकाशी तथा जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग, बारामूला, बडगाम, गांदरबल, किश्तवाड़, कुलगाम, कुपवाड़ा और शोपियां भी ऑरेंज अलर्ट के दायरे में हैं।
आम जनता के लिए सावधानियाँ
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस दौरान पूरी तरह सतर्क रहें। पेड़ों या कमज़ोर ढाँचों के नीचे शरण न लें और अनावश्यक यात्रा से बचें। सड़क एवं यातायात अपडेट पर लगातार नज़र रखें और स्थानीय प्रशासन व संबंधित एजेंसियों की सलाह का पालन करें।
गौरतलब है कि मानसून की यह सक्रियता दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर भारत में आगे बढ़ने के साथ आई है, जो इस मौसम में अपेक्षित पैटर्न के अनुरूप है। तटीय क्षेत्रों में समुद्री हवाओं और मानसूनी धाराओं के संगम से बारिश की तीव्रता अधिक बताई जा रही है।
आगे क्या होगा
मौसम विभाग के अनुसार यह स्थिति अगले कुछ घंटों तक बनी रह सकती है। प्रभावित राज्यों के आपदा प्रबंधन विभागों को सतर्क कर दिया गया है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग के ताज़ा अपडेट पर नज़र बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय हेल्पलाइन से संपर्क करें।