महाराष्ट्र के कई जिलों में 1–5 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी किया ऑरेंज-येलो चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने 1 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र के दर्जनों जिलों के लिए अगले पाँच दिनों तक भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। ऑरेंज और येलो अलर्ट के तहत राज्य के पश्चिमी घाट से लेकर विदर्भ तक के जिले प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
जिलेवार अलर्ट की स्थिति
1 अगस्त को पुणे, सतारा और कोल्हापुर के घाट क्षेत्रों में भारी वर्षा की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं नंदुरबार, नासिक घाट क्षेत्र, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, बुलढाणा, अकोला, वाशिम, अमरावती, यवतमाल, वर्धा, नागपुर, भंडारा, चंद्रपुर, गोंदिया और गढ़चिरौली के लिए येलो अलर्ट प्रभावी है।
2 अगस्त को रायगढ़, पुणे और सतारा के घाट क्षेत्रों, रत्नागिरी, कोल्हापुर, अकोला, वाशिम, अमरावती, गोंदिया, चंद्रपुर और गढ़चिरौली में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
3 अगस्त को रत्नागिरी, सतारा घाट क्षेत्र, बुलढाणा, अकोला, अमरावती और नागपुर के लिए येलो अलर्ट जारी रहेगा।
4 अगस्त को बुलढाणा, यवतमाल, वर्धा, नागपुर, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और गढ़चिरौली में बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।
5 अगस्त को बुलढाणा, वर्धा, नागपुर, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और गढ़चिरौली के लिए येलो अलर्ट बरकरार रहेगा।
आपदा प्रबंधन विभाग की अपील
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि गरज-चमक और भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और खुले मैदानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। विभाग ने स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की भी अपील की है।
विदर्भ और कोंकण पर विशेष नज़र
मौसम विभाग के अनुसार, इस बार चेतावनी का दायरा असामान्य रूप से व्यापक है — पश्चिमी कोंकण तट से लेकर पूर्वी विदर्भ तक एक साथ अलर्ट जारी होना दर्शाता है कि मानसून का तंत्र राज्य के दोनों छोरों पर सक्रिय है। यह ऐसे समय में आया है जब जुलाई में कई जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई थी।
आम जनता के लिए ज़रूरी सावधानियाँ
अधिकारियों ने किसानों और मछुआरों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है। तटीय जिलों में समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को नज़दीकी राहत केंद्रों की जानकारी रखने को कहा गया है। अगले पाँच दिनों में स्थिति की समीक्षा के बाद IMD आवश्यकतानुसार अलर्ट स्तर को अद्यतन कर सकता है।