पालघर-नासिक घाट में रेड अलर्ट जारी, लोनावाला में 48 घंटे में 600 मिमी बारिश: IMD
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विभाग (IMD) की वैज्ञानिक सुषमा नायर ने 7 जुलाई को जानकारी दी कि पालघर और नासिक के घाट इलाकों में रेड अलर्ट जारी है, जबकि पुणे के घाट क्षेत्रों में भी रेड अलर्ट बरकरार रखा गया है। महाराष्ट्र में कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गई हैं और आम जनजीवन बाधित है।
मुख्य घटनाक्रम
लोनावाला में पिछले 48 घंटों में 600 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जो इस मौसम में अब तक की सर्वाधिक है। पालघर में भी अत्यधिक वर्षा हुई है। सुषमा नायर ने बताया कि इन क्षेत्रों में आज भी रेड अलर्ट प्रभावी है और निवासियों को घाट मार्गों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
मुंबई में 1 से 7 जुलाई के बीच कुलाबा स्टेशन पर 880.6 मिलीमीटर और सांता क्रूज स्टेशन पर 988.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से काफी अधिक है। यह इस जुलाई के शुरुआती सात दिनों में रिकॉर्ड वर्षा है।
अलर्ट स्तर और क्षेत्रवार स्थिति
IMD के अनुसार, 7 जुलाई को मुंबई में येलो अलर्ट और ठाणे में ऑरेंज अलर्ट जारी है। नासिक के घाट क्षेत्रों में बादल फटने की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। सुषमा नायर ने कहा कि बुधवार से पालघर में अलर्ट जारी रहेगा, जबकि पुणे के घाट क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा और शेष जिलों में मध्यम बारिश की संभावना है।
राहत की संभावना
IMD वैज्ञानिक ने बताया कि मौसम प्रणाली अब उत्तर प्रदेश की ओर खिसक रही है, जिसके कारण महाराष्ट्र में बारिश की तीव्रता में कमी आएगी। मुंबई और ठाणे समेत आसपास के इलाकों में कल से बारिश सामान्य स्तर पर लौटने की संभावना जताई गई है। बुधवार से पूरे महाराष्ट्र में वर्षा की तीव्रता घटकर सामान्य स्तर पर आ जाने का अनुमान है।
नासिक में बादल फटने की चेतावनी
नासिक के घाट क्षेत्रों में बादल फटने की संभावना को लेकर IMD ने विशेष सतर्कता जारी की है। सुषमा नायर के अनुसार इन इलाकों में रेड अलर्ट के साथ स्थानीय प्रशासन को भी सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि घाट क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा इस मौसम में सबसे अधिक रहता है।
आगे क्या
IMD लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए है। मौसम विभाग ने आम लोगों को घाट क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र के कई हिस्सों में पहले ही जलभराव और यातायात बाधा की स्थिति बनी हुई है।