7 जुलाई 2026
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महाराष्ट्र में भारी बारिश का कहर: पालघर में 203 मिमी वर्षा, 2 मौतें; कई नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर

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महाराष्ट्र में भारी बारिश का कहर: पालघर में 203 मिमी वर्षा, 2 मौतें; कई नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर

सारांश

महाराष्ट्र में 7 जुलाई को 24 घंटे की मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाया — पालघर में 203 मिमी वर्षा, 2 मौतें, कोंकण की पाँच नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर और INCOIS का पूरे तट पर रेड अलर्ट। मानसून का यह पहला बड़ा झटका राज्य की आपदा तैयारी की असली परीक्षा है।

मुख्य बातें

MSDMA की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 2 लोगों की मौत हुई — सतारा में भूस्खलन और नंदुरबार में बिजली गिरने से।
पालघर में सर्वाधिक 203.3 मिमी वर्षा दर्ज; ठाणे (116.4 मिमी) , रायगढ़ (108.7 मिमी) भी प्रभावित।
अंबा , सावित्री और जगबुडी नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर; कुंडलिका और पिंजल चेतावनी स्तर पर।
INCOIS ने महाराष्ट्र के पूरे समुद्री तट पर 8 जुलाई रात तक रेड अलर्ट ; 4.8–5 मीटर ऊँची लहरों की चेतावनी।
राज्य के बाँधों में जल भंडारण 32.62% — पिछले साल की तुलना में ( 46.57% ) कम; कोंकण जलाशयों में 68.52% ।
IMD ने भंडारा-गोंदिया में ऑरेंज अलर्ट, विदर्भ में येलो अलर्ट जारी किया है।

महाराष्ट्र में 7 जुलाई 2026 को पिछले 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश ने राज्यभर में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (MSDMA) की मंगलवार सुबह जारी स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हुए हैं। कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है, जबकि कोंकण क्षेत्र की प्रमुख नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

ज़िलेवार वर्षा का ब्यौरा

MSDMA रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक 203.3 मिमी वर्षा पालघर ज़िले में दर्ज की गई — जो राज्य में सबसे अधिक रही। इसके अलावा ठाणे में 116.4 मिमी, रायगढ़ में 108.7 मिमी, मुंबई उपनगर में 90.4 मिमी और पुणे में 70.9 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। यह आँकड़े बताते हैं कि इस बार मानसून की मार तटीय और उपनगरीय दोनों क्षेत्रों पर एकसाथ पड़ी है।

नदियों का जलस्तर और बाढ़ की स्थिति

लगातार बारिश के चलते कोंकण क्षेत्र की कई नदियों का जलस्तर तेज़ी से बढ़ा है। अंबा, सावित्री और जगबुडी नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि कुंडलिका और पिंजल नदियाँ चेतावनी स्तर को पार कर चुकी हैं। गौरतलब है कि कोंकण की ये नदियाँ हर मानसून में तेज़ बाढ़ के लिए जानी जाती हैं, और इस वर्ष जुलाई के पहले सप्ताह में ही स्थिति चिंताजनक हो गई है।

जनहानि और नुकसान का ब्यौरा

सतारा ज़िले में भूस्खलन के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि नंदुरबार में आकाशीय बिजली गिरने से एक अन्य व्यक्ति की जान चली गई। ठाणे और मुंबई शहर में पेड़ गिरने की अलग-अलग घटनाओं में एक-एक व्यक्ति घायल हुआ है। भारी बारिश के चलते दीवार गिरने से चार पशुओं की मौत हुई, जबकि पालघर में बाढ़ के पानी में बह जाने से 11 पशुओं की मौत की पुष्टि हुई है।

समुद्री रेड अलर्ट और प्रशासनिक निर्देश

भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) ने महाराष्ट्र के पूरे समुद्री तट के लिए 8 जुलाई की रात तक रेड अलर्ट जारी किया है। चेतावनी के अनुसार समुद्र में 4.8 से 5 मीटर तक ऊँची लहरें उठ सकती हैं। रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में सबसे ऊँची लहरों का अनुमान है, जबकि ठाणे, मुंबई, रायगढ़ और पालघर तट पर भी समुद्र बेहद उग्र रहने की संभावना है। प्रशासन ने छोटी नौकाओं और मछुआरों की नावों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है और तटीय क्षेत्रों में मनोरंजक गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगाई है।

मौसम विभाग की चेतावनी और आगे की स्थिति

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने नासिक और पालघर के लिए तात्कालिक मौसम चेतावनी जारी की है। अगले 24 घंटों के लिए भंडारा और गोंदिया ज़िलों में ऑरेंज अलर्ट, जबकि विदर्भ के कई हिस्सों में येलो अलर्ट लागू है। राज्य के बाँधों में फिलहाल कुल जल भंडारण क्षमता का 32.62 प्रतिशत पानी है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 46.57 प्रतिशत से कम है। हालाँकि, कोंकण के जलाशयों में 68.52 प्रतिशत जल भंडारण दर्ज किया गया है। संवेदनशील ज़िलों में प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में 7 जुलाई को कितनी बारिश हुई और सबसे अधिक कहाँ?
MSDMA की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक 203.3 मिमी वर्षा पालघर ज़िले में दर्ज की गई। ठाणे में 116.4 मिमी, रायगढ़ में 108.7 मिमी, मुंबई उपनगर में 90.4 मिमी और पुणे में 70.9 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई।
महाराष्ट्र में बारिश से कितनी मौतें हुई हैं?
MSDMA की मंगलवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार दो लोगों की मौत हुई है — सतारा में भूस्खलन से एक और नंदुरबार में आकाशीय बिजली गिरने से एक। ठाणे और मुंबई में पेड़ गिरने से एक-एक व्यक्ति घायल भी हुए हैं।
कोंकण में कौन-सी नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर हैं?
अंबा, सावित्री और जगबुडी नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कुंडलिका और पिंजल नदियाँ चेतावनी स्तर को पार कर चुकी हैं।
INCOIS का रेड अलर्ट क्या है और इसका मतलब क्या है?
भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) ने महाराष्ट्र के पूरे समुद्री तट के लिए 8 जुलाई की रात तक रेड अलर्ट जारी किया है। इसके तहत समुद्र में 4.8 से 5 मीटर ऊँची लहरों की चेतावनी है और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
महाराष्ट्र के बाँधों में अभी कितना पानी है?
राज्य के बाँधों में कुल जल भंडारण क्षमता का 32.62 प्रतिशत पानी है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 46.57 प्रतिशत से कम है। हालाँकि कोंकण क्षेत्र के जलाशयों में 68.52 प्रतिशत जल भंडारण दर्ज किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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