7 जुलाई 2026
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राम मंदिर एसआईटी जांच पर सुप्रिया श्रीनेत का हमला: 'छोटों पर गाज, बड़ों को बचाने की साज़िश'

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राम मंदिर एसआईटी जांच पर सुप्रिया श्रीनेत का हमला: 'छोटों पर गाज, बड़ों को बचाने की साज़िश'

सारांश

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने राम मंदिर एसआईटी जांच को 'छोटों पर गाज, बड़ों को बचाने की साज़िश' करार दिया। चंपत राय और अनिल मिश्र की क्लीन चिट पर सवाल उठाते हुए ट्रस्ट भंग करने की माँग की। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने मामले को संसद में उठाने के संकेत दिए।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने 7 जुलाई को नागपुर में राम मंदिर एसआईटी जांच को पक्षपाती बताया।
उनका आरोप — जांच दल जल्दबाजी में गठित हुआ ताकि छोटे लोगों पर कार्रवाई हो और बड़े लोग बच निकलें।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने चंपत राय और अनिल मिश्र के इस्तीफे स्वीकार होने व क्लीन चिट मिलने की जानकारी दी थी।
श्रीनेत ने आरएसएस की भूमिका का आरोप लगाते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की माँग की।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को संसद में उठाने के संकेत दिए।

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने 7 जुलाई को नागपुर में राम मंदिर ट्रस्ट के कथित चढ़ावा घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं की विशेष जांच दल (एसआईटी) जांच पर तीखा हमला बोला। उनका आरोप था कि एसआईटी उसी व्यवस्था का हिस्सा है जिस पर सवाल उठाए जा रहे हैं, इसलिए इससे किसी ठोस नतीजे की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए।

श्रीनेत के मुख्य आरोप

श्रीनेत ने कहा कि जांच दल जल्दबाजी में इसलिए गठित किया गया ताकि छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई की जा सके और बड़े लोगों को बच निकलने का मौका मिल जाए। उनके अनुसार एसआईटी की संरचना ही उसकी निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगाती है।

उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की हालिया बैठक का भी हवाला दिया, जिसमें ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने चंपत राय और अनिल मिश्र के इस्तीफे स्वीकार होने तथा उन्हें क्लीन चिट दिए जाने की जानकारी दी थी।

क्लीन चिट पर सवाल

श्रीनेत ने पूछा कि चंपत राय और अनिल मिश्र को किस आधार पर क्लीन चिट दी गई, जबकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की भूमिका रही है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि ट्रस्ट अपनी विश्वसनीयता खो चुका है और उन्होंने इसे भंग करने की मांग की। गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्ष पहले से ही सरकार पर धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन को लेकर निशाना साध रहा है।

समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले को संसद में उठाने की पूरी संभावना है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे को सदन में उठाया जाता है और पार्टी नेतृत्व के मार्गदर्शन में इस विषय पर भी चर्चा होगी।

अवधेश प्रसाद ने ट्रस्ट पर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि स्वयं वित्तीय निर्णयों से अलग रहने की बात कहते हैं, तो यह ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर अत्यंत गंभीर सवाल खड़े करता है।

पंजाब कांग्रेस पर टिप्पणी

पंजाब कांग्रेस में कथित गुटबाज़ी के सवाल पर श्रीनेत ने कहा कि लोकतांत्रिक दलों में मतभेद स्वाभाविक होते हैं और इसे नकारात्मक नज़रिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

आगे क्या होगा

विपक्ष के इन बयानों के बाद यह स्पष्ट है कि राम मंदिर ट्रस्ट का मामला आने वाले संसद सत्र में एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों ने एसआईटी जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र जांच की माँग को और तेज़ करने के संकेत दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। लेकिन असली मुद्दा यह है कि क्लीन चिट जांच पूरी होने से पहले दी गई या बाद में — यह प्रक्रियागत पारदर्शिता का सवाल है, न केवल राजनीतिक। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष का यह कहना कि वे वित्तीय निर्णयों से अलग रहे, खुद एक बड़ा प्रशासनिक सवाल खड़ा करता है जिसका जवाब एसआईटी को देना होगा। मुख्यधारा की कवरेज राजनीतिक बयानबाजी पर केंद्रित है, जबकि ट्रस्ट की आंतरिक जवाबदेही संरचना की जाँच ज़्यादा ज़रूरी है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर ट्रस्ट एसआईटी जांच का मामला क्या है?
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, जिसकी जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। विपक्षी दलों ने इस जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
सुप्रिया श्रीनेत ने एसआईटी जांच पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि एसआईटी उसी व्यवस्था का हिस्सा है जिस पर सवाल उठ रहे हैं और इसे जल्दबाजी में इसलिए बनाया गया ताकि छोटे लोगों पर कार्रवाई हो और बड़े लोग बच निकलें। उन्होंने ट्रस्ट को भंग करने की माँग भी की।
चंपत राय और अनिल मिश्र को क्लीन चिट क्यों विवादास्पद है?
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्र के इस्तीफे स्वीकार होने और क्लीन चिट दिए जाने की जानकारी दी। विपक्ष का सवाल है कि जब एसआईटी जांच चल रही है, तो किस आधार पर यह क्लीन चिट दी गई।
समाजवादी पार्टी इस मामले पर क्या रुख रखती है?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को संसद में उठाने की पूरी संभावना है। उन्होंने ट्रस्ट पर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया।
क्या यह मामला संसद में उठाया जाएगा?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद के बयान के अनुसार पार्टी नेतृत्व के मार्गदर्शन में इस विषय पर संसद में चर्चा की जाएगी। कांग्रेस ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की माँग करते हुए इसे संसद में उठाने के संकेत दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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