राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा संकट: महामंत्री चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्र ने दिया इस्तीफा, अगली बैठक में होगा फैसला
सारांश
मुख्य बातें
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 27 जून 2026 को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पुष्टि की कि ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्र के त्यागपत्र प्राप्त हो गए हैं। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बीच आए इन इस्तीफों पर ट्रस्ट की आगामी बैठक में विचार किया जाएगा। ट्रस्ट ने कहा कि वह इन घटनाओं से 'स्तब्ध, आहत और अत्यंत दुखी' है।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह संकट अयोध्या के राम मंदिर में दानपात्रों से प्राप्त राशि के प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बाद सामने आया है। ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विशेष जाँच दल (SIT) गठित किया था। SIT की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज कराई जा चुकी है और मामले में वैधानिक कार्रवाई जारी है।
श्रद्धालुओं को ट्रस्ट का आश्वासन
ट्रस्ट ने उन श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आश्वस्त किया है जिन्होंने चांदी की ईंटें, आभूषण और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भगवान श्रीराम की सेवा के लिए ट्रस्ट के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से सौंपी थीं। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसी सभी वस्तुएं सुरक्षित हैं और उनका पूरा हिसाब उपलब्ध है।
ट्रस्ट की प्रतिबद्धता और भविष्य की कार्ययोजना
ट्रस्ट ने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। ट्रस्ट ने यह भी कहा कि 'असामाजिक, अधार्मिक और स्वार्थी तत्वों' द्वारा सनातन धर्म पर लांछन लगाने के प्रयास सफल नहीं होने दिए जाएंगे। साथ ही श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे भ्रामक और निराधार अफवाहों से बचें।
विज्ञप्ति किसने जारी की
यह प्रेस विज्ञप्ति श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्ददेव गिरि की ओर से जारी की गई। ट्रस्ट ने विश्वास जताया कि सत्य की जीत होगी और श्रीराम भक्ति की धारा निरंतर प्रवाहित होती रहेगी।
आगे क्या होगा
दोनों इस्तीफों पर ट्रस्ट की अगली बैठक में औपचारिक रूप से विचार किया जाएगा। SIT जाँच और FIR के साथ-साथ ट्रस्ट के नेतृत्व में संभावित बदलाव पर सभी की नज़रें टिकी हैं। गौरतलब है कि यह विवाद उस मंदिर से जुड़ा है जिसका उद्घाटन जनवरी 2024 में हुआ था और जो देश के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में से एक बन चुका है।