साइबर-गुलामी का खतरा: राजस्थान पुलिस ने फर्जी विदेशी नौकरी ऑफर के खिलाफ एडवाइजरी जारी की
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान पुलिस ने 11 अगस्त 2026 को युवाओं और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है, जिसमें फर्जी विदेशी नौकरी प्रस्तावों के ज़रिए होने वाली साइबर-गुलामी (डिजिटल बंधन) के बढ़ते खतरे से आगाह किया गया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर जारी इस एडवाइजरी में दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में संचालित आपराधिक नेटवर्क की कार्यप्रणाली का विस्तृत विवरण दिया गया है।
क्या है साइबर-गुलामी का जाल
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर क्राइम) वीके सिंह के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय साइबर-धोखाधड़ी गिरोह बेरोज़गार और महत्वाकांक्षी युवाओं को कंबोडिया, म्यांमार, लाओस और थाईलैंड जैसे देशों में आकर्षक वेतन, मुफ्त आवास और अन्य सुविधाओं का लालच देकर फंसा रहे हैं। ये गिरोह कस्टमर सर्विस, डेटा एंट्री, डिजिटल मार्केटिंग और दफ्तरी कामों में नौकरी का झाँसा देकर युवाओं को विदेश भेजने के लिए प्रेरित करते हैं।
गौरतलब है कि यह ऑफर सोशल मीडिया विज्ञापनों और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के ज़रिए फैलाए जाते हैं, जो पहली नज़र में बिल्कुल वैध प्रतीत होते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत में युवा बेरोज़गारी और जल्दी अमीर बनने की चाहत को आपराधिक नेटवर्क अपने हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
मंज़िल पर पहुँचने के बाद क्या होता है
एडवाइजरी के अनुसार, गंतव्य देश पहुँचने पर पीड़ितों के पासपोर्ट, पहचान दस्तावेज़ और मोबाइल फोन ज़ब्त कर लिए जाते हैं। इससे वे न तो परिवार से संपर्क कर पाते हैं और न ही वहाँ से निकल पाते हैं। कुछ मामलों में उन्हें कैद करके फर्जी निवेश योजनाओं, क्रिप्टोकरेंसी घोटालों और धोखाधड़ी वाले कस्टमर-सपोर्ट ऑपरेशन चलाने के लिए मजबूर किया जाता है।
जो लोग इन अवैध कामों से इनकार करते हैं, उन्हें कथित तौर पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ सकता है। यह स्थिति आधुनिक दासता के एक नए और खतरनाक रूप को दर्शाती है जिसे 'साइबर-गुलामी' कहा जा रहा है।
राजस्थान पुलिस की सलाह
राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने नौकरी तलाशने वाले युवाओं और उनके परिवारों से अपील की है कि वे किसी भी विदेशी नौकरी का प्रस्ताव स्वीकार करने से पहले निम्नलिखित सावधानियाँ बरतें:
विदेशी नियोक्ता और भर्ती एजेंसी की साख और वैधता की स्वतंत्र रूप से जाँच करें। रोज़गार अनुबंध, वीजा विवरण और यात्रा व आवास व्यवस्था की पुष्टि करें। अनजान एजेंटों को बड़ी अग्रिम राशि देने से बचें। केवल सोशल मीडिया विज्ञापनों या अत्यधिक वेतन के वादे के आधार पर कोई निर्णय न लें।
परिवारों के लिए विशेष निर्देश
पुलिस ने परिवारों को सलाह दी है कि वे विदेश गए रिश्तेदारों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें। यदि कोई व्यक्ति अचानक संपर्क में न रहे या असामान्य व्यवहार दिखाए, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन को सूचित करें। किसी भी संदिग्ध भर्ती गतिविधि या जबरदस्ती के संकेत को नज़रअंदाज़ न करें।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोई भी विदेशी नौकरी का ऑफर व्यक्तिगत सुरक्षा और स्वतंत्रता की कीमत पर नहीं स्वीकार किया जाना चाहिए। आने वाले दिनों में राजस्थान पुलिस इस मुद्दे पर जागरूकता अभियान और भी तेज़ करने की योजना बना रही है।