हरियाणा का 'सुधार उत्सव': अक्टूबर से नागरिक सीधे सुझाएंगे सरकारी सुधार, तीन चरणों में चलेगा अभियान
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा सरकार ने अक्टूबर 2026 से 'सुधार उत्सव' नामक एक व्यापक नागरिक-भागीदारी अभियान शुरू करने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य प्रदेश की शासन व्यवस्था को जमीनी स्तर से सुधारना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में यह पहल नागरिकों को सरकारी प्रक्रियाओं में बदलाव के लिए सीधे सुझाव देने का अधिकार देगी।
मुख्य सचिव ने की तैयारियों की समीक्षा
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार, 11 अगस्त को विभागीय तैयारियों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों से प्राप्त सुझावों को महज रिकॉर्ड में दर्ज करने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें ऐसे ठोस सुधारों में बदला जाए जिन पर वास्तव में अमल हो सके। उन्होंने एक स्पष्ट, सुव्यवस्थित और समयबद्ध कार्यढाँचे की आवश्यकता रेखांकित की।
तैयारी का चरण अगस्त 2026 में ही शुरू हो जाएगा, जिसमें सभी विभागों में जागरूकता फैलाना और राज्य कार्य योजना तैयार करना शामिल है। यह कार्य योजना 10 सितंबर 2026 तक पूरी होनी चाहिए।
तीन चरणों में चलेगा अभियान
आयुक्त एवं सचिव (उद्योग और वाणिज्य) अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि यह पहल तीन मुख्य चरणों में संचालित होगी — जन मंथन, विमर्श और जन समाधान।
'जन मंथन' चरण में नागरिक 'सुधार उत्सव' की समर्पित वेबसाइट और सामुदायिक संपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से शासन-सुधार के अपने विचार और सुझाव साझा करेंगे। 'विमर्श' चरण में संबंधित सरकारी विभाग इन सुझावों की समीक्षा करेंगे और उन विचारों को प्राथमिकता देंगे जिनमें पूरी व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाने की क्षमता हो।
'जन समाधान' चरण में छोटे-मोटे सुधारों को तत्काल लागू किया जाएगा, साथ ही जटिल बदलावों के लिए दीर्घकालिक आधार तैयार किया जाएगा। अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल फीडबैक संग्रह तक सीमित नहीं रहेगी — हर सुझाव पर विचार-विमर्श और निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पारदर्शिता और समन्वय का ढाँचा
अभियान की हर गतिविधि को 'सुधार उत्सव' वेबसाइट पर पारदर्शी तरीके से ट्रैक किया जाएगा, ताकि नागरिक अपने सुझावों की प्रगति देख सकें। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य समन्वय समिति गठित की जाएगी, जो विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करेगी, प्रगति की निगरानी करेगी और आवश्यकतानुसार दिशा-सुधार करेगी।
इसके अतिरिक्त, राज्य और जिला स्तर पर संपर्क बिंदु स्थापित किए जाएंगे, जो स्थानीय स्तर पर नागरिकों की पहुँच बढ़ाने और विभागों के साथ सहयोग को सुगम बनाने का काम करेंगे।
राज्यव्यापी विस्तार की योजना
यह अभियान अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक चलेगा और इसे चंडीगढ़ से लेकर प्रदेश के हर गाँव, कस्बे और समुदाय तक पहुँचाने की योजना है। यह 'बॉटम-अप' दृष्टिकोण शासन को स्मार्ट, सरल और परिणाम-केंद्रित बनाने की दिशा में एक संरचनात्मक प्रयास है।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नागरिक-भागीदारी आधारित शासन-सुधार की माँग बढ़ रही है। हरियाणा सरकार की यह पहल यदि अपने तीनों चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करती है, तो यह अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बन सकती है।