11 अगस्त 2026
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हरियाणा का 'सुधार उत्सव': अक्टूबर से नागरिक सीधे सुझाएंगे सरकारी सुधार, तीन चरणों में चलेगा अभियान

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हरियाणा का 'सुधार उत्सव': अक्टूबर से नागरिक सीधे सुझाएंगे सरकारी सुधार, तीन चरणों में चलेगा अभियान

सारांश

हरियाणा सरकार का 'सुधार उत्सव' सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं — यह शासन में नागरिकों की सीधी हिस्सेदारी का प्रयोग है। अक्टूबर से दिसंबर तक चलने वाले इस तीन-चरणीय अभियान में हर सुझाव को वेबसाइट पर ट्रैक किया जाएगा। सवाल यह है कि क्या यह 'बॉटम-अप' मॉडल कागज से जमीन तक उतर पाएगा।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार अक्टूबर 2026 से 'सुधार उत्सव' अभियान शुरू करेगी।
अभियान अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक चलेगा और तीन चरणों — जन मंथन, विमर्श और जन समाधान — में संचालित होगा।
राज्य कार्य योजना 10 सितंबर 2026 तक तैयार होनी है; तैयारी का चरण अगस्त में ही शुरू।
नागरिक 'सुधार उत्सव' वेबसाइट और सामुदायिक संपर्क के माध्यम से सुझाव दे सकेंगे।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में राज्य समन्वय समिति निगरानी करेगी।
राज्य और जिला स्तर पर संपर्क बिंदु स्थापित किए जाएंगे।

हरियाणा सरकार ने अक्टूबर 2026 से 'सुधार उत्सव' नामक एक व्यापक नागरिक-भागीदारी अभियान शुरू करने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य प्रदेश की शासन व्यवस्था को जमीनी स्तर से सुधारना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में यह पहल नागरिकों को सरकारी प्रक्रियाओं में बदलाव के लिए सीधे सुझाव देने का अधिकार देगी।

मुख्य सचिव ने की तैयारियों की समीक्षा

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार, 11 अगस्त को विभागीय तैयारियों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों से प्राप्त सुझावों को महज रिकॉर्ड में दर्ज करने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें ऐसे ठोस सुधारों में बदला जाए जिन पर वास्तव में अमल हो सके। उन्होंने एक स्पष्ट, सुव्यवस्थित और समयबद्ध कार्यढाँचे की आवश्यकता रेखांकित की।

तैयारी का चरण अगस्त 2026 में ही शुरू हो जाएगा, जिसमें सभी विभागों में जागरूकता फैलाना और राज्य कार्य योजना तैयार करना शामिल है। यह कार्य योजना 10 सितंबर 2026 तक पूरी होनी चाहिए।

तीन चरणों में चलेगा अभियान

आयुक्त एवं सचिव (उद्योग और वाणिज्य) अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि यह पहल तीन मुख्य चरणों में संचालित होगी — जन मंथन, विमर्श और जन समाधान

'जन मंथन' चरण में नागरिक 'सुधार उत्सव' की समर्पित वेबसाइट और सामुदायिक संपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से शासन-सुधार के अपने विचार और सुझाव साझा करेंगे। 'विमर्श' चरण में संबंधित सरकारी विभाग इन सुझावों की समीक्षा करेंगे और उन विचारों को प्राथमिकता देंगे जिनमें पूरी व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाने की क्षमता हो।

'जन समाधान' चरण में छोटे-मोटे सुधारों को तत्काल लागू किया जाएगा, साथ ही जटिल बदलावों के लिए दीर्घकालिक आधार तैयार किया जाएगा। अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल फीडबैक संग्रह तक सीमित नहीं रहेगी — हर सुझाव पर विचार-विमर्श और निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पारदर्शिता और समन्वय का ढाँचा

अभियान की हर गतिविधि को 'सुधार उत्सव' वेबसाइट पर पारदर्शी तरीके से ट्रैक किया जाएगा, ताकि नागरिक अपने सुझावों की प्रगति देख सकें। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य समन्वय समिति गठित की जाएगी, जो विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करेगी, प्रगति की निगरानी करेगी और आवश्यकतानुसार दिशा-सुधार करेगी।

इसके अतिरिक्त, राज्य और जिला स्तर पर संपर्क बिंदु स्थापित किए जाएंगे, जो स्थानीय स्तर पर नागरिकों की पहुँच बढ़ाने और विभागों के साथ सहयोग को सुगम बनाने का काम करेंगे।

राज्यव्यापी विस्तार की योजना

यह अभियान अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक चलेगा और इसे चंडीगढ़ से लेकर प्रदेश के हर गाँव, कस्बे और समुदाय तक पहुँचाने की योजना है। यह 'बॉटम-अप' दृष्टिकोण शासन को स्मार्ट, सरल और परिणाम-केंद्रित बनाने की दिशा में एक संरचनात्मक प्रयास है।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नागरिक-भागीदारी आधारित शासन-सुधार की माँग बढ़ रही है। हरियाणा सरकार की यह पहल यदि अपने तीनों चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करती है, तो यह अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी। देश में नागरिक-सुझाव पोर्टल का इतिहास बताता है कि अधिकांश विचार 'विमर्श' चरण में ही दम तोड़ देते हैं। हरियाणा सरकार ने पारदर्शी ट्रैकिंग का वादा किया है — यदि वेबसाइट पर सुझावों की स्थिति वास्तव में सार्वजनिक होती है, तो यह जवाबदेही का एक नया मानक बन सकता है। गौरतलब है कि राज्य समन्वय समिति की संरचना और उसकी शक्तियाँ अभी स्पष्ट नहीं हैं — बिना स्वतंत्र निगरानी के, यह अभियान महज एक जन-संपर्क अभ्यास बनकर रह सकता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा का 'सुधार उत्सव' क्या है?
'सुधार उत्सव' हरियाणा सरकार की एक नागरिक-भागीदारी पहल है, जो अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक चलेगी। इसमें नागरिक सरकारी प्रक्रियाओं में सुधार के लिए अपने सुझाव सीधे दे सकते हैं, जिन्हें तीन चरणों — जन मंथन, विमर्श और जन समाधान — के माध्यम से लागू किया जाएगा।
'सुधार उत्सव' में नागरिक कैसे भाग ले सकते हैं?
नागरिक 'सुधार उत्सव' की समर्पित वेबसाइट पर जाकर या सामुदायिक संपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से अपने सुझाव दे सकते हैं। अभियान को राज्य की राजधानी चंडीगढ़ से हर गाँव और कस्बे तक पहुँचाने की योजना है।
अभियान के तीन चरण कौन-से हैं और इनमें क्या होगा?
पहले चरण 'जन मंथन' में नागरिक सुझाव देंगे; दूसरे 'विमर्श' चरण में विभाग सुझावों की समीक्षा कर प्राथमिकता तय करेंगे; तीसरे 'जन समाधान' चरण में छोटे सुधार तत्काल लागू होंगे और बड़े बदलावों के लिए आधार तैयार किया जाएगा। हर चरण की प्रगति वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से ट्रैक की जाएगी।
अभियान की निगरानी कौन करेगा?
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में एक राज्य समन्वय समिति गठित की जाएगी। यह समिति विभागों के बीच समन्वय, प्रगति की निगरानी और आवश्यक दिशा-सुधार का काम करेगी।
राज्य कार्य योजना कब तक तैयार होगी?
हरियाणा सरकार के अनुसार, राज्य कार्य योजना 10 सितंबर 2026 तक तैयार होनी है। तैयारी का चरण अगस्त 2026 में ही शुरू हो गया है, जिसमें विभागीय जागरूकता और योजना-निर्माण शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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