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क्या हरियाणा के किसानों को बारिश और बाढ़ से राहत मिलेगी? सीएम सैनी ने किए कई बड़े ऐलान

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क्या हरियाणा के किसानों को बारिश और बाढ़ से राहत मिलेगी? सीएम सैनी ने किए कई बड़े ऐलान

सारांश

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए नई राहत योजनाओं की घोषणा की है। इस लेख में जानें कि सरकार ने किसानों की मदद के लिए क्या कदम उठाए हैं और कैसे वे प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचा रही है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण राहत योजनाएँ घोषित की हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को मुआवजा मिलेगा।
बिजली बिलों का भुगतान दिसंबर 2025 तक न लेने का निर्णय।
ऋण स्थगन किसानों के लिए राहत का एक महत्वपूर्ण कदम।
बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा दिया गया है।

चंडीगढ़, 1 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण राहत योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हाल की भारी बारिश के कारण विभिन्न स्थानों पर जान-माल का नुकसान हुआ है। सरकार ने त्वरित सहायता देने के लिए 'ई-क्षति' पोर्टल के माध्यम से अब तक घरों और पशुओं की हानि का मुआवजा प्रदान किया है। इसके तहत कुल 4 करोड़ 72 लाख रुपए की राशि सीधे प्रभावितों के खातों में पहुंचाई गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 सितंबर तक 'ई-क्षति' पोर्टल सक्रिय रहा, जिस पर लगभग 5 लाख 37 हजार किसानों ने 31 लाख एकड़ भूमि का पंजीकरण कराया। जिन क्षेत्रों में जलभराव हुआ है, वहां किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपए का मुआवजा दिया जाएगा, जिसे दीपावली से पहले उनके खातों में ट्रांसफर किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि बाढ़ प्रभावित किसानों को बिजली बिलों में भी राहत दी गई है। अब ट्यूबवेल के बिजली बिलों का भुगतान दिसंबर 2025 तक नहीं लिया जाएगा, जिससे लगभग 7 लाख 10 हजार किसानों को लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि बाढ़ पीड़ित किसानों के लिए फसलों के ऋण स्थगित कर दिए गए हैं। जिन क्षेत्रों में 50 प्रतिशत से अधिक फसल का नुकसान हुआ है, वहां किसानों से ऋण की वसूली नहीं की जाएगी। इसके साथ ही आगामी रबी फसलों के लिए नए ऋण उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे 3 लाख किसानों को राहत मिलेगी।

फसल खरीद के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 22 सितंबर से खरीद प्रक्रिया शुरू हुई है और 30 सितंबर तक 5 लाख मीट्रिक टन की आवक हो चुकी है। इसमें से 3 लाख 58 हजार मीट्रिक टन की खरीद की गई है। किसानों को उनकी फसल की कीमत का भुगतान भी तेजी से किया जा रहा है, और अब तक 109 करोड़ रुपए सीधे किसानों के खातों में पहुंचाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,757 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। यदि बाजरा बाजार में 2,300 रुपए प्रति क्विंटल में बिक रहा है, तो राज्य सरकार इसकी भरपाई करेगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ खड़ी है और किसी भी स्थिति में उन्हें नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी किसानों की हर समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि हरियाणा सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की योजनाएं न केवल किसानों को तात्कालिक सहायता प्रदान करेंगी, बल्कि दीर्घकालिक विकास में भी सहायक सिद्ध होंगी।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री ने कितने रुपये का मुआवजा जारी किया है?
मुख्यमंत्री ने 4 करोड़ 72 लाख रुपए का मुआवजा जारी किया है।
किसानों को कितने रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मिलेगा?
किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।
बिजली बिलों का भुगतान कब तक नहीं लिया जाएगा?
बिजली बिलों का भुगतान दिसंबर 2025 तक नहीं लिया जाएगा।
किसानों को ऋण स्थगन का लाभ कब मिलेगा?
जिन क्षेत्रों में 50 प्रतिशत से अधिक फसल का नुकसान हुआ है, वहां किसानों को ऋण स्थगन का लाभ मिलेगा।
बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य क्या है?
बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,757 रुपए प्रति क्विंटल है।
राष्ट्र प्रेस
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