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क्या सेलेनियम की कमी से आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है?

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क्या सेलेनियम की कमी से आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि सेलेनियम एक महत्वपूर्ण खनिज है जो शरीर के लिए बेहद आवश्यक है? इसकी कमी से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। जानिए सेलेनियम के फायदों और इसकी सही मात्रा के बारे में।

मुख्य बातें

सेलेनियम एक महत्वपूर्ण खनिज है जो शरीर को कम मात्रा में चाहिए।
यह थायराइड और दिल की सेहत के लिए आवश्यक है।
सेलेनियम की कमी से इम्युनिटी में कमी आ सकती है।
संतुलित मात्रा में सेलेनियम का सेवन करें।
यह कई खाद्य पदार्थों में पाया जाता है।

नई दिल्ली, १२ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सेलेनियम एक महत्वपूर्ण खनिज है जिसकी शरीर को आवश्यकता बहुत ही कम मात्रा में होती है, लेकिन इसका प्रभाव अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसे विज्ञान में 'एसेंशियल ट्रेस एलिमेंट' के रूप में जाना जाता है, जिसका अभाव होने पर शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है।

सेलेनियम प्राकृतिक रूप से मिट्टी, पानी और कुछ खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। यह शरीर में सेलेनोप्रोटीन बनाने में सहायता करता है, जो कोशिकाओं के नुकसान को रोकने, डीएनए की सुरक्षा और कई महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद करता है। इसे सरल शब्दों में कहा जाए तो सेलेनियम शरीर का एक 'साइलेंट बॉडीगार्ड' है, जो चुपचाप हमारी सेहत की रक्षा करता है।

सेलेनियम का सबसे महत्वपूर्ण कार्य थायराइड ग्रंथि में होता है। थायराइड में शरीर के अन्य अंगों की तुलना में सबसे अधिक सेलेनियम पाया जाता है। यह थायराइड हार्मोन को सक्रिय करने में मदद करता है, जिससे मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा और वजन का संतुलन बना रहता है। इसके अलावा, सेलेनियम एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। यह 'ग्लूटाथियोन पेरोक्सीडेज' नामक एंजाइम का हिस्सा होता है, जो शरीर में उत्पन्न होने वाले फ्री रेडिकल्स को समाप्त करता है। इससे कैंसर, दिल की बीमारी और समय से पहले बुढ़ापे का खतरा कम होता है। साथ ही, यह इम्युनिटी को मजबूत बनाता है, जिससे शरीर वायरस और बैक्टीरिया से बेहतर तरीके से लड़ सकता है।

शोध बताते हैं कि सेलेनियम दिल की सेहत के लिए भी लाभकारी है। यह सूजन को कम करता है और खराब कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीकरण को रोकता है, जिससे हार्ट अटैक का जोखिम घटता है। पुरुषों में यह शुक्राणुओं की गुणवत्ता और गतिशीलता को सुधारने में मदद करता है, इस प्रकार यह प्रजनन क्षमता के लिए भी महत्वपूर्ण है। दिमाग के लिए भी इसका योगदान बड़ा है, क्योंकि इसका एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव याददाश्त को बनाए रखने और अल्जाइमर जैसी बीमारियों के खतरे को कम करने में सहायक माना जाता है।

यदि शरीर में सेलेनियम की कमी हो जाए तो बार-बार संक्रमण, थकान, मांसपेशियों की कमजोरी, बालों का झड़ना, थायराइड असंतुलन और मानसिक थकावट जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। लंबे समय तक कमी रहने पर दिल की मांसपेशियों को नुकसान और इम्युनिटी में भारी गिरावट देखी जा सकती है।

सेलेनियम हमें ब्राजील नट्स, सूरजमुखी के बीज, गेहूं, ओट्स, मूंगफली, मशरूम, सोयाबीन, ब्राउन राइस और लहसुन जैसे खाद्य पदार्थों से प्राप्त होता है। वयस्कों के लिए रोजाना लगभग ५५ माइक्रोग्राम सेलेनियम पर्याप्त होता है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि इसकी अधिक मात्रा भी हानिकारक हो सकती है, इसलिए संतुलित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेलेनियम किस खाद्य पदार्थों में पाया जाता है?
सेलेनियम हमें ब्राजील नट्स, सूरजमुखी के बीज, गेहूं, ओट्स, मूंगफली, मशरूम, सोयाबीन, ब्राउन राइस और लहसुन जैसे खाद्य पदार्थों से मिलता है।
सेलेनियम की कमी से कौन-कौन सी समस्याएं हो सकती हैं?
सेलेनियम की कमी से बार-बार संक्रमण, थकान, मांसपेशियों की कमजोरी, बालों का झड़ना, थायराइड असंतुलन और मानसिक थकावट जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
सेलेनियम की सही मात्रा क्या है?
वयस्कों के लिए रोजाना लगभग 55 माइक्रोग्राम सेलेनियम पर्याप्त होता है।
राष्ट्र प्रेस
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