क्या अहमदाबाद में इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल का उद्घाटन पीएम मोदी करेंगे?
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के साबरमती रिवरफ्रंट पर इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, जिसका उद्घाटन सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस समारोह में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
इस महोत्सव में 50 देशों के 135 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज और भारत के 14 राज्यों के 936 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 'अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव' का उद्घाटन करेंगे।
दोनों नेता सोमवार को सुबह साबरमती आश्रम का दौरा करेंगे। इसके बाद लगभग 10 बजे वे साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लेंगे। इसके बाद सुबह 11:15 बजे से गांधीनगर के महात्मा मंदिर में द्विपक्षीय बैठकें आयोजित की जाएंगी।
भारत और जर्मनी ने हाल ही में अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे किए हैं। दोनों नेता द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी में अब तक की प्रगति की समीक्षा करेंगे। वार्ता में व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, कौशल विकास और गतिशीलता में सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी, साथ ही रक्षा एवं सुरक्षा, विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान, हरित और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज़ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे और दोनों देशों के व्यापार और उद्योग जगत के नेताओं के साथ संवाद करेंगे।
ज्ञात हो कि जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत की आधिकारिक यात्रा पर सोमवार को गुजरात पहुंचे। यह मर्ज की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है, जिसका उद्देश्य भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने जर्मन चांसलर का गर्मजोशी से स्वागत किया।
मर्ज़ अहमदाबाद में पीएम मोदी के साथ बातचीत करेंगे और दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, इसके बाद गांधीनगर के महात्मा मंदिर में द्विपक्षीय बैठकों का आयोजन होगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बयान में कहा, "दोनों नेता भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे, जिसने हाल ही में 25 साल पूरे किए हैं। उनके विचार-विमर्श का केंद्र व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, कौशल विकास और मोबिलिटी में सहयोग को मज़बूत करना होगा, साथ ही रक्षा और सुरक्षा, विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान, हरित और सतत विकास, और लोगों के बीच संबंधों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना होगा।"